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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Fire rained down from the sky , desperate to touch the figure of Mercury 48

आसमान से बरसी आग, पारा 48 का आंकड़ा छूने को बेताब

Tue, 09 Jun 2015 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 09 Jun 2015 01:36 AM IST
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इलाहाबाद। राजस्थान से आयी गर्म पछुवा हवाएं जैसे जानलेवा हो चली है। गर्म पछुवा हवाओं ने सोमवार को ऐसा कहर बरपाया कि पारा इस मौसम में दूसरी बार 47.8 डिग्री पर जा पहुंचा जबकि न्यूनतम तापमान 29. 6 डिग्री पर टिका रहा।
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तमतमाए सूरज का ही असर रहा कि सोमवार को दिन भर शहरियों को जबरदस्त लू का सामना करना पड़ा। गर्मी ने ऐसा कहर ढाया कि सड़कों पर निकले शहरी घरों की ओर निकल भागे। गर्मी ऐसी कि घर के भीतर भी एसी , कूलर में राहत नही मिली। दोपहर बाद इक्का दुक्का लोग ही सड़कोें पर आते जाते दिखायी दिए।
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हीट स्ट्रोक का कहर, दो दर्जन से अधिक अस्पताल पहुंचे
तमतमाए सूरज ने कहर क्या बरपाया, हीट स्ट्रोक ने हमला बोल दिया। हीट स्ट्रोक की गिरफ्त में आए दो दर्जन से अधिक लोग अस्पताल पहुंच गए जिसमें से कई की हालत गंभीर बतायी जा रही है। दूसरी ओर सिविल लाइंस, चौक, कटरा, अल्लापुर, कीडगंज जैसे इलाकों में राहगीर दर्जनों लोग बेसुध होकर गिर पड़े। गर्म हवाओं से उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
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छोटा एसी फेल
तेज धूप का असर रहा कि एक टन और इससे कम क्षमता वाले एसी फेल हो गए हैं। बेतहाशा गर्मी का असर रहा कि एसी में बैठे लोग भी बेचैन रहे। दोपहर जब तक बिजली नहीं आई, घरों में पंखा झलते लोग परेशान रहे। दोपहर बाद बड़े एक्जास्ट वाले कूलर जरूर काम आए।


सिर्फ चार दिन और तपेगा सूरज!
इलाहाबाद सहित आसपास के जिलाें में झुलसा देने वाली गर्मी प्री मानसून की आहट है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि सूरज अब सिर्फ चार दिन तक ही तपेगा। इसके बाद भीषण गर्मी से निजात मिलने की उम्मीद है। उसके बाद रिमझिम फुहारों से मौसम के सुहावना होने की संभावना है। विज्ञानियों के मुताबिक मानसून बंगाल की खाड़ी से लगातार आगे बढ़ रहा है। 20 जून तक इसके गंगा के मैदान में सक्रिय होने की पूरी संभावना है। जून में जितनी अधिक गर्मी होगी, मानसून की सेहत उतनी ही अच्छी होगी। इस गर्मी को मानसून की सेहत से ही जोड़कर देखा जा रहा है। जून के तपने की वजह से ही लोकल हीटिंग हो रही है और हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ रहा है। दक्षिण कर्नाटक से तमिलनाडु होते हुए मानसून सोमवार को गोवा तक पहुंच गया। मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक इस गर्मी से घबराने की जरूरत नहीं है। महज एक महीना मई में ही गरमी पड़ी है। चालू महीने में भी अब सिर्फ चार दिन तक ही भीषण गर्मी का सामना लोगों को करना पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 20 जून तक मानसून के सक्रिय होने के संकेत हैं।

संभलकर निकलें सड़क पर
-खाली पेट कतई बाहर न निकलें
-शरीर ढंककर निकलें ताकि लू न लगे
-सिर, कान, तलवा और सीना जरूर ढंका हो
-दिन भर लगातार पानी पीते रहें
-भारी मसालेदार भोजन कतई न करें
-सामान्य दिनों की तुलना में आधा भोजन करें
-भारी भोजन के बजाय फल खाएं
-शरीर से गर्मी भगाने को प्याज और गुड़ खाते रहें
-आम का पना लू से बचाव का बेहतर तरीका है
- तेज धूप से आने पर तत्काल पानी न पीएं
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