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Prayagraj News: खेत बने तालाब... फसल हुई खराब
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फूलपुर में बारिश के पानी में डूबी धान की फसल।
- फोटो : Archive
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मिझिउरा ड्रेन के जाम होने से फूलपुर व हंडिया तहसील सीमा के 11 गांवों के करीब 105 किसानों की करीब 150 एकड़ से अधिक धान की फसल जलमग्न है। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से फसल सड़ गई।
किसानों का कहना है कि मिझिउरा ड्रेन की सफाई ने होने से बारिश में खेतों से निकलने वाले पानी का बहाव रुक गया। इस वजह से वीरकाजी, महुलिया, पूरेसुदी, परासिनपुर समेत आसपास के गांवों के खेत जलमग्न हो गए।
50 किलोमीटर से अधिक लंबी ड्रेन, दो दशक से सफाई का इंतजार
मिझिउरा ड्रेन बहरिया ब्लॉक क्षेत्र से निकलकर रामगढ़, कोठारी और फूलपुर होते हुए सैदाबाद क्षेत्र में मुगरसन झील के आगे बैरगिया नाले में जाकर मिलती है। इसकी लंबाई करीब 50 किलोमीटर से अधिक है लेकिन यहां दो दशक से सफाई नहीं हुई।
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सर्वे और मुआवजे की मांग
जलभराव का असर फूलपुर, शेखपुर, सराय अब्दुलमलिक, वीरकाजी, महूलिया, चकवा, सिठौली, पूरेसुदी, परासिनपुर समेत 11 गांवों में है। किसानों के मुताबिक, करीब 15 दिन से खेतों में पानी जमा है। उन्होंने उप जिलाधिकारी फूलपुर और हंडिया समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन जल निकासी नहीं की जा सकी। अब फसल बर्बाद होने के बाद किसान प्रशासन से क्षति के सर्वे और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बोले किसान -
बारिश का पानी खेतों में जमा रहने से धान की पूरी फसल बर्बाद हो गई। उधार लेकर खेती की थी, लेकिन अब मेहनताना निकालना मुश्किल है। - अमृतलाल ओसवाल, पूरेसुदी फूलपुर।
- मिझिउरा ड्रेन की सफाई न होने से जलभराव हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग ने समय रहते ध्यान नहीं दिया और किसानों की फसल डूब गई। वकार अहमद, वीरकाजी फूलपुर।
लंबे समय से ड्रेन की सफाई नहीं होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। समय-समय पर इसकी सफाई होती रहे तो जल निकासी की समस्या काफी हद तक दूर की जा सकती है। - अरुण कुमार बबलू, किसान, फूलपुर।
वर्जन-
पानी में डूबी धान की फसल का सर्वे कराया जाएगा। प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। मिझिउरा ड्रेन की सफाई के लिए संबंधित विभाग को भी पत्र लिखा जाएगा ताकि जल निकासी की समस्या का समाधान कराया जा सके।
- हीरालाल सैनी, उप जिलाधिकारी फूलपुर।
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किसानों का कहना है कि मिझिउरा ड्रेन की सफाई ने होने से बारिश में खेतों से निकलने वाले पानी का बहाव रुक गया। इस वजह से वीरकाजी, महुलिया, पूरेसुदी, परासिनपुर समेत आसपास के गांवों के खेत जलमग्न हो गए।
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50 किलोमीटर से अधिक लंबी ड्रेन, दो दशक से सफाई का इंतजार
मिझिउरा ड्रेन बहरिया ब्लॉक क्षेत्र से निकलकर रामगढ़, कोठारी और फूलपुर होते हुए सैदाबाद क्षेत्र में मुगरसन झील के आगे बैरगिया नाले में जाकर मिलती है। इसकी लंबाई करीब 50 किलोमीटर से अधिक है लेकिन यहां दो दशक से सफाई नहीं हुई।
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सर्वे और मुआवजे की मांग
जलभराव का असर फूलपुर, शेखपुर, सराय अब्दुलमलिक, वीरकाजी, महूलिया, चकवा, सिठौली, पूरेसुदी, परासिनपुर समेत 11 गांवों में है। किसानों के मुताबिक, करीब 15 दिन से खेतों में पानी जमा है। उन्होंने उप जिलाधिकारी फूलपुर और हंडिया समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन जल निकासी नहीं की जा सकी। अब फसल बर्बाद होने के बाद किसान प्रशासन से क्षति के सर्वे और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बोले किसान -
बारिश का पानी खेतों में जमा रहने से धान की पूरी फसल बर्बाद हो गई। उधार लेकर खेती की थी, लेकिन अब मेहनताना निकालना मुश्किल है। - अमृतलाल ओसवाल, पूरेसुदी फूलपुर।
- मिझिउरा ड्रेन की सफाई न होने से जलभराव हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग ने समय रहते ध्यान नहीं दिया और किसानों की फसल डूब गई। वकार अहमद, वीरकाजी फूलपुर।
लंबे समय से ड्रेन की सफाई नहीं होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। समय-समय पर इसकी सफाई होती रहे तो जल निकासी की समस्या काफी हद तक दूर की जा सकती है। - अरुण कुमार बबलू, किसान, फूलपुर।
वर्जन-
पानी में डूबी धान की फसल का सर्वे कराया जाएगा। प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। मिझिउरा ड्रेन की सफाई के लिए संबंधित विभाग को भी पत्र लिखा जाएगा ताकि जल निकासी की समस्या का समाधान कराया जा सके।
- हीरालाल सैनी, उप जिलाधिकारी फूलपुर।