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प्रयागराज में आधी रात हिस्ट्रीशीटर को गोलियों से भूना

Mon, 08 Jul 2019 01:18 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 01:18 AM IST
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Feeding midnight historic bullets in Prayagraj
घूरपुर के इरादतगंज हवाई पट्टी के पास घेरकर मौत के घाट उतारे गए हिस्ट्रीशीटर पीयूष शुक्ला की फाइल - फोटो : NAINI
आधी रात हिस्ट्रीशीटर को गोलियों से भूना
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घूरपुर में हवाईपट्टी के पास सनसनीखेज वारदात
जिपंस का भाई नामजद, पुलिस ने शुरू की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
घूरपुर। क्षेत्र के इरादतगंज बाजार से घर लौट रहे बगबना गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर पीयूष शुक्ला (26) पुत्र प्रमोद कुमार शुक्ला को शनिवार रात गोलियों से भून दिया गया। इरादतगंज बाजार से हवाई पट्टी की ओर जाने वाली सड़क पर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत सदस्य के भाई को नामजद किया है।
बगबना निवासी किसान प्रमोद कुमार शुक्ला का इकलौता बेटा पीयूष के खिलाफ पिछले तीन वर्षों में घूरपुर, नैनी और औद्योगिक क्षेत्र में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, छिनैती, मारपीट के आरोप में 10 मुकदमे दर्ज थे। साथ ही गैंगस्टर की भी कार्रवाई हो चुकी थी। पिछले साल 25 हजार का इनाम घोषित होने के बाद अप्रैल में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वह इन दिनों जमानत पर रिहा था। शनिवार रात उसे इरादतगंज बाजार स्थित एक होटल पर देखा गया। रात 11.30 बजे के करीब हवाई पट्टी रोड पर स्थित भट्ठे के पास बाइक से घर जाते वक्त असलहों से लैस बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। वह लहुलुहान होकर जमीन पर गिरा तो बदमाश भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे सीएचसी जसरा ले गई लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने जिला पंचायत सदस्य सुनील कुमार पटेल के भाई शैलेंद्र पटेल व अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि पिछले साल फरवरी में शैलेंद्र से झगड़ा होने के बाद पीयूष ने उस पर फायर किया था। उसी का बदला लेने के लिए शैलेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
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पुरानी रंजिश का मामला है। मारा गया युवक शातिर अपराधी था। हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
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सच्चिदानंद, सीओ करछना
साइड स्टोरी..............................
200 मीटर दूर तक खदेड़कर बरसाते रहे गोलियां
सोती रही पुलिस, एक-एक कर छह गोलियां उतार दी शरीर में
सब्जी मंडी पर किया पहला फायर, फिर भट्ठे के पास घेरा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। घूरपुर में हुए हत्याकांड को भले ही पुलिस आपसी रंजिश व हिस्ट्रीशीटर का मामला बताकर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही हो। लेकिन सच यह है कि जिस तरीके से सरेराह मृतक को गोलियों से भून दिया गया, वह घूरपुर पुलिस की सक्रियता को दर्शाने के लिए काफी है। यही वजह रही कि बदमाश 200 मीटर तक दौड़ाकर युवक पर गोलियां बरसाते रहे और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सूत्रों की मानें तो पीयूष को गोली मारने वाले बदमाश इरादतगंज बाजार स्थित उस होटल से ही उसके पीछे लगे थे, जहां उसे आखिरी बार कुछ लोगों के साथ खाना-पीना करते देखा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पीयूष बाइक लेकर भाग रहा था जबकि एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाश उसका पीछा कर रहे थे। वह जैसे ही इरादतगंज सब्जी मंडी के पास पहुंचा, एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने ओवरटेक कर उसे रोकने की कोशिश की। इसके बाद चलती मोटरसाइकिल से ही बदमाशों ने पीयूष पर तीन फायर किए। इसमें से एक लगी उसे लगी भी लेकिन घायल होने के बावजूद वह बाइक भगाता रहा। वहां से करीब 200 मीटर तक वह बदहवास हालत में जान बचाने के लिए भागता रहा। हालांकि घायल होने के कारण उसके लिए बहुत दूर तक भाग पाना संभव नहीं हो सका और भट्ठे के पास बदमाशों ने उसे दबोच लिया। बताया जा रहा है कि पीछा करते हुए बदमाशों ने चलती बाइक से ही धक्का देकर उसे गिरा दिया। इसके बाद घेरकर एक के बाद एक पांच और गोलियां उसके शरीर में उतार दीं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ था कि हत्यारे पूरी तरह से बेखौफ थे।
कहां थी पिकेट, डायल 100 के जवान
स्थानीय लोगों की मानें तो सब्जी मंडी से हवाई पट्टी की ओर जाने वाले मार्ग पर पिकेट के साथ ही डायल 100 की टीम भी तैनात रहती है। इसके बावजूद ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात की भनक न लगने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर इस घटना ने घूरपुर पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बारे में जब घूरपुर एसओ से पूछा गया तो उनका कहना था कि जिस वक्त वारदात हुई वह दबिश में दारागंज गए थे। हालांकि एक सवाल यह भी है कि आखिर रात्रि गश्त पर तैनात पुलिसकर्मी उस वक्त कहां थे।

इनसेट
दो साल पहले पत्नी को पीटकर निकाल दिया था घर से
घूरपुर। पीयूष शुक्ला मां-बाप का इकलौता बेटा था। इसलिए मां-बाप का वो बहुत लाडला था। इसलिए उसकी सोहबत भी बिगड़ गई थी और वह बात-बात पर लोगों से झगड़ा कर लेता था। दो साल पहले झगड़े के बाद उसने पत्नी को भी निकाल दिया था। जिसके बाद पत्नी ने उसके खिलाफ उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। इन दिनों वह अपने मायके में रह रही है।
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