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प्रयागराज में किसान की निर्मम हत्या
Tue, 18 Feb 2020 01:45 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 18 Feb 2020 01:45 AM IST
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हत्या
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सराय ममरेज थानांतर्गत रविवार रात किसान लालमणि यादव की नृशंस हत्या कर दी गई। वह साइकिल से घर से निकले थे। कातिलों ने उनकी आंखें फोड़ दी थी। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट के निशान थे। पुलिस के मुताबिक वह किसानी के साथ साथ सूद का काम भी करते थे। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
भवरगढ़ बंदीपट्टी गांव के रहने वाले लालमणि यादव (50) किसानी करते थे। परिजनों के मुताबिक लालमणि रविवार शाम पास के बंदीपट्टी बाजार गए थे। घरेलू सामान खरीदकर वापस लौट आए। लेकिन कुछ देर बाद वह फिर घर वालों से बिना कुछ बताए साइकिल लेकर बाजार की तरफ निकल गए।
घर वालों ने मोबाइल पर कई बार फोन किया लेकिन फोन बंद था।
आधी रात बाद उन्हें खोजने उनका भतीजा संदीप बाजार की तरफ जा ही रहा था। रास्ते में देखा कि घर से थोड़ी ही दूरी पर गेहूं के खेत में लालमणि पड़े थे। कातिलों ने उनकी दोनों आंखें फोड़ दी थीं। पूरा शरीर खून से लथपथ था। भतीजे के शोर पर गांव वाले इकट्ठे हो गए। तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर सुबह एसपी गंगापार एनके सिंह, सीओ माजिद अबरार फोर्स समेत पहुंचे। फिलहाल घर वालों ने किसी के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई है। पुलिस ने शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पूछताछ चल रही है।
लालमणि किसानी के साथ साथ सूद पर पैसा भी देते थे। इस एंगल के अलावा भी और कई एंगल पर जांच हो रही है। एनके सिंह, एसपी गंगापार।
शक के आधार पर पांच हिरासत में, हो रही पूछताछ
घर वालों ने प्रारंभिक पूछताछ में लालमणि की दुश्मनी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। पुलिस के मुताबिक वह सूद का काम भी करते थे लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि वह रात में साइकिल लेकर आखिर जा कहां रहे थे। वह एक बार घर आने के बाद सामान्यत: कहीं निकलते नहीं थे।
ऐसे में पुलिस मानकर चल रही कि जिस शख्स से वह मिलने जा रहे थे, उसी ने उनकी हत्या की है। जिस तरह उनकी दोनों आंखें फोड़ी गई हैं, उससे पता चल रहा है कि हत्यारा उनसे नफरत करता था।
लालमणि को जानने वाले बताते हैं कि वह बेहद ही मिलनसार और सामाजिक थे। लोगों की मदद करने के लिए सदैव ही तत्पर रहते थे। उनकी किसी से दुश्मनी भी नहीं थी। पुलिस का कहना है कि अंत्येष्टि के बाद उनके कॉल डीटेल्स को खंगाला जाएगा।
हो सकता है कि हत्या का राज कॉल डीटेल्स से खुल जाए। क्योंकि बाजार से वापस आने के बाद वह बिना बताए फिर निकल गए थे। माना जा रहा है कि किसी ने उन्हें कॉल कर बुलाया था। एसपी गंगापार एनके सिंह ने बताया कि शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
फूलपुर। लालमणि यादव के परिवार में बेटा प्रांजल यादव (10), बेटी रेनू (17), सुमन (16), वंदना (15), अंजलि (14) व काजल यादव हैं। पत्नी सुशीला देवी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था।
साल भर पहले गायब भतीजे का भी नहीं लगा सुराग
फूलपुर। लालमणि यादव का भतीजा आशीष कुमार झूंसी में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई करता था। करीब सात वर्ष पहले वह लापता हो गया था। काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका आज तक कोई सुराग नहीं लगा। लालमणि तीन भाईयों में दूसरे नंबर पर थे।
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भवरगढ़ बंदीपट्टी गांव के रहने वाले लालमणि यादव (50) किसानी करते थे। परिजनों के मुताबिक लालमणि रविवार शाम पास के बंदीपट्टी बाजार गए थे। घरेलू सामान खरीदकर वापस लौट आए। लेकिन कुछ देर बाद वह फिर घर वालों से बिना कुछ बताए साइकिल लेकर बाजार की तरफ निकल गए।
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घर वालों ने मोबाइल पर कई बार फोन किया लेकिन फोन बंद था।
आधी रात बाद उन्हें खोजने उनका भतीजा संदीप बाजार की तरफ जा ही रहा था। रास्ते में देखा कि घर से थोड़ी ही दूरी पर गेहूं के खेत में लालमणि पड़े थे। कातिलों ने उनकी दोनों आंखें फोड़ दी थीं। पूरा शरीर खून से लथपथ था। भतीजे के शोर पर गांव वाले इकट्ठे हो गए। तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर सुबह एसपी गंगापार एनके सिंह, सीओ माजिद अबरार फोर्स समेत पहुंचे। फिलहाल घर वालों ने किसी के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई है। पुलिस ने शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पूछताछ चल रही है।
लालमणि किसानी के साथ साथ सूद पर पैसा भी देते थे। इस एंगल के अलावा भी और कई एंगल पर जांच हो रही है। एनके सिंह, एसपी गंगापार।
शक के आधार पर पांच हिरासत में, हो रही पूछताछ
घर वालों ने प्रारंभिक पूछताछ में लालमणि की दुश्मनी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। पुलिस के मुताबिक वह सूद का काम भी करते थे लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि वह रात में साइकिल लेकर आखिर जा कहां रहे थे। वह एक बार घर आने के बाद सामान्यत: कहीं निकलते नहीं थे।
ऐसे में पुलिस मानकर चल रही कि जिस शख्स से वह मिलने जा रहे थे, उसी ने उनकी हत्या की है। जिस तरह उनकी दोनों आंखें फोड़ी गई हैं, उससे पता चल रहा है कि हत्यारा उनसे नफरत करता था।
लालमणि को जानने वाले बताते हैं कि वह बेहद ही मिलनसार और सामाजिक थे। लोगों की मदद करने के लिए सदैव ही तत्पर रहते थे। उनकी किसी से दुश्मनी भी नहीं थी। पुलिस का कहना है कि अंत्येष्टि के बाद उनके कॉल डीटेल्स को खंगाला जाएगा।
हो सकता है कि हत्या का राज कॉल डीटेल्स से खुल जाए। क्योंकि बाजार से वापस आने के बाद वह बिना बताए फिर निकल गए थे। माना जा रहा है कि किसी ने उन्हें कॉल कर बुलाया था। एसपी गंगापार एनके सिंह ने बताया कि शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
फूलपुर। लालमणि यादव के परिवार में बेटा प्रांजल यादव (10), बेटी रेनू (17), सुमन (16), वंदना (15), अंजलि (14) व काजल यादव हैं। पत्नी सुशीला देवी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था।
साल भर पहले गायब भतीजे का भी नहीं लगा सुराग
फूलपुर। लालमणि यादव का भतीजा आशीष कुमार झूंसी में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई करता था। करीब सात वर्ष पहले वह लापता हो गया था। काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका आज तक कोई सुराग नहीं लगा। लालमणि तीन भाईयों में दूसरे नंबर पर थे।