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कण-कण शंकर : शिवमय हुई संगमनगरी, चौतरफा बोल बम की गूंज

Sun, 09 Jul 2023 11:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 09 Jul 2023 11:52 PM IST
सार

कांवड़ मेला शुरू हो गया है। श्रावण मास शुरू होते ही प्रयागराज के पौराणिक दशाश्वमेध घाट पर कांवड़ियों का रेला उमड़ने लगा। बड़ी संख्या में कांवड़िए यहां से जल भरकर काशी विश्वनाथ और बाबा वैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं।

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Fair of Kanwariyas held at Dashashwamedh Ghat, crowd will throng tomorrow on first Monday
दशाश्वमेध गंगा घाट पर कांवड़ यात्रा के लिए पहुंचे शिवभक्त। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 देवाधिदेव महादेव के प्रिय मास सावन में भगवान को प्रसन्न करने के लिए भक्तों ने हर जतन शुरू कर दिए हैं। प्रथम सोमवार पर जलाभिषेक के लिए घरों से निकले भक्तों के वेश के साथ ही उनके एक से एक निराले वाहन देखते बन रहे हैं। किसी ने ठेला गाड़ी सजाई है, तो किसी ने ई-रिक्शा पर ही महादेव की झांकी को आकर्षक रूप दिया है। नाचते-गाते कांवड़िया भोले भक्तों की टोलियों के निकलने से रविवार को दशाश्वमेध घाट शिवमय हो गया।

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प्रथम सोमवार रवि योग में लग रहा है। गुरु और चंद्र के एक राशि पर आने से गजकेसरी योग भी बन रहा है। इससे सोमवार के जलाभिषेक का महत्व बढ़ गया है। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक रवि और गजकेसरी योग इस जलाभिषेक पर्व पर भोले भक्तों की हर कामना को पूरी करने वाला है।
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शिव मंदिरों में सावन के पहले जलाभिषेक की तैयारियों को लेकर रविवार को दिन भर अंतिम रूप दिया जाता रहा। यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में अफसरों ने सुरक्षा इंतजामों के साथ ही तैयारियों के बारे में जानकारी ली। यहां पुरुष और महिला भक्तों के दर्शन के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग कराई गई है। मनकामेश्वर मंदिर में सोमवार की भोर चार बजे मंगला आरती के साथ ही आम भक्तों के लिए पट खोल दिए जाएंगे।

Fair of Kanwariyas held at Dashashwamedh Ghat, crowd will throng tomorrow on first Monday
कांवड़ उठाने से पहले संकल्प लेते कांवड़िए। - फोटो : अमर उजाला

महंत श्रीधरानंद महाराज के अनुसार दिन के 11:45 बजे भोग आरती होगी। इस दौरान सिर्फ 15 मिनट के लिए गर्भगृह में दर्शन रोका जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 से रात 12 बजे तक श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे। रात 10 बजे शृंगार होगा। इस दौरान मनकामेश्वर महादेव का रंग-बिरंगे फूलों और हरी पत्तियों से मोहक शृंगार होगा। इसमें रजत के मुखौटे के अलावा मोगरा, गुलाब, रजनीगंधा, बेला के फूलों से बाबा की झांकी सजाई जाएगी। इससे पहले मंदिर को भव्य सजा दिया गया है।

उधर, अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग कराई गई। पुजारी सोनू पुरी ने बताया कि सोमवार की रात को ही सोमेश्वर महादेव की शृंगार झांकी सजाई जाएगी। भोर में पांच बजे से ही दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएगा। तक्षक तीर्थ और दारागंज स्थित नागवासुकि में भी जलाभिषेक और दर्शन-पूजन की तैयारियां पूरी कर ली गईं। इसी तरह बालसन चौराहा स्थित भरद्वाजेश्वर महादेव मंदिर में भी जलाभिषेक की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहां भी सुबह छह बजे से जलाभिषेक आरंभ होगा।

दशाश्वमेध घाट पर जल भरने के लिए कांवड़ियों का लगा तांता

सावन के पहले सोमवार पर बाबा विश्वनाथ और बाबा बैजनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों का तांता लग गया है। दशाश्वमेध घाट से जल भरकर नंगे पांव भक्त दिनभर निकलते रहे। इससे झूंसी शास्त्री पुल से लेकर प्रयागराज-वाराणसी राजमार्ग केसरियामय नजर आने लगा। बोल बम के जयकारों के साथ कांवड़िये आस्था के पथ पर बढ़ते नजर आए।

प्रथम सोमवार पर आज शुभ योग-नक्षत्रों का अनूठा संगम

सावन के प्रथम सोमवार पर शुभ योग-नक्षत्रों का अनूठा संगम होगा। इस बार रेवती और सुकर्मा नक्षत्रों के साथ अनुकूल ग्रहों की युति जलाभिषेक पर्व को खास बनाएगी। संगम में डुबकी लगाने के बाद शहर के शिवालयों में शिवभक्त कामनाओं की पूर्ति के लिए जलाभिषेक करेंगे। दशाश्वमेध घाट से जल भरकर बड़ी संख्या में कांवड़िया बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए निकल पड़े हैं।

नए यमुना पुल के नीचे खोली गई पार्किंग, कैमरों की निगरानी में होगा जलाभिषेक

सावन के प्रथम सोमवार पर जलाभिषेक से पहले कमिश्नरेट पुलिस ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। एसीपी दीपक भूकर और एडीएम सिटी ने मनकामेश्वर मंदिर में तैयारियों का जायजा लिया। यहां पांच कैमरों की निगरानी में जलाभिषेक होगा। भीड़ को काबू करने के लिए 10 बैरियर लगाए गए हैं। नये पुल के नीचे पार्किंग खोली गई है। भक्त पार्किंग में वाहनों को खड़ा करने के बाद वहां से पैदल मंदिर के लिए कतारबद्ध होकर पहुंचेंगे। 

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