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Encounter In Prayagraj : माफिया छोटू का भाई बोला- अगर पुलिस न मारती तो दुश्मन भाई को मार देते...

Sat, 09 Aug 2025 12:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 09 Aug 2025 12:49 PM IST
सार

भाई को तो एक दिन मरना ही था... चार साल से वह फरार चल रहा था। अगर पुलिस नहीं मारती तो एक दिन उसको दुश्मन ही गोली से मार देते। बृहस्पतिवार देर रात कुख्यात अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह का शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बड़े भाई प्रिय रंजन ने रोते हुए यह बात कही।

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Encounter in Prayagraj : Mafia Chotu's brother said- if police had not killed him, enemies would have killed
माफिया आशीष रंजन सिंह उर्फ छोटू सिंह। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

भाई को तो एक दिन मरना ही था... चार साल से वह फरार चल रहा था। अगर पुलिस नहीं मारती तो एक दिन उसको दुश्मन ही गोली से मार देते। बृहस्पतिवार देर रात कुख्यात अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह का शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बड़े भाई प्रिय रंजन ने रोते हुए यह बात कही।

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देर रात 1:30 बजे प्रिय रंजन और उसके चाचा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इस बीच एसटीएफ समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। छोटे भाई छोटू का शव देखते ही प्रिय रंजन की आंखों से आंसू छलक पड़े। कहा कि भाई तू तो दरोगा बनना चाहता था, अपराधी कैसे बन गया।

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पता था कि इसका अंजाम बुरा होता है और यही हुआ। करीब एक घंटे पुलिस की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन एंबुलेंस से शव लेकर यहां से झारखंड के धनबाद स्थित जेसी मलिक रोड अपने आवास रवाना हो गए।

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सरायइनात थाने में परिजनों को रोका

पता चला कि कई गाड़ियों में सवार में होकर छोटू के चाचा समेत 10 से 12 लोग धनबाद से शव लेने आए थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पोस्टमार्टम हाउस तक जाने की अनुमति नहीं दी। सभी को सरायइनायत थाने में बिठाए रखा। यहां से छोटू के भाई प्रिय और उसके चाचा को जाने की अनुमति दी गई।



 

अपने साथियों से मोबाइल एप से करता था बात

आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह को लेकर एसटीएफ की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला कि छोटू की प्रयागराज के गैंगस्टर समेत अन्य राज्यों के अपराधियों से अच्छी जान पहचान थी। इन अपराधियों संग आपस में बातचीत करने के लिए छोटू मोबाइल एप का इस्तेमाल करता था। इसके लिए उसने एप पर सब्सक्रिप्शन भी ले रखा था।

24 घंटे बाद भी नहीं पकड़ा गया छोटू का साथी

मुठभेड़ के दौरान बाइक पर सवार छोटू का साथी मौका पाकर फरार हो गया था। एसटीएफ की टीम आरोपी को दबोचने के लिए जगह-जगह लगे कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ स्थानीय पुलिस का सहारा लेकर संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है। एसटीएफ की टीम छोटू से बरामद चोरी की बाइक का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

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