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शिक्षा अलंकार डिग्रीधारकों का मामला : नियमितीकरण और वेतन स्वीकृति पर हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
Wed, 17 Nov 2021 08:25 PM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 17 Nov 2021 08:25 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने 2011 में शिक्षा अलंकार की डिग्री को अवैध करार कर दिया था। साथ ही इस डिग्री के आधार पर नियुक्त किए गए शिक्षकों को बर्खास्त करने और उनके वेतन को रोकने का आदेश दिया था।
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा अलंकार डिग्रीधारकों को नियमित किए जाने और वेतन स्वीकृति किए जाने के मामले में माध्यमिक शिक्षा सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है। हाईकोर्ट मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहा है। मामले में अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।
याची अरून कुमार की ओर से योजित अवमानना याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने 2011 में शिक्षा अलंकार की डिग्री को अवैध करार कर दिया था। साथ ही इस डिग्री के आधार पर नियुक्त किए गए शिक्षकों को बर्खास्त करने और उनके वेतन को रोकने का आदेश दिया था। याची का कहना है कि इस आदेश के बाद शासन ने एक आदेश भी जारी किया था। उस आदेश में शिक्षा अलंकार डिग्रीधारक शिक्षकों को हटाने का निर्देश सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिया था।
आदेश का अनुपालन न होने पर इस मामले में 2012 में अवमानना याचिका भी दायर हुई। माध्यमिक शिक्षा सचिव ने कोर्ट में हलफनामा देकर यह बताया था कि शिक्षा अलंकार डिग्रीधारक सभी शिक्षकों को सेवा मुक्त कर दिया गया है। इतना होने के बावजूद एक शिक्षा अलंकार डिग्रीधारक को 2013 में नियमित कर दिया गया है जबकि संविदा पर तैनात दूसरे शिक्षक का वेतन स्वीकृत कर दिया गया। हाईकोर्ट ने याची का पक्ष सुनने के बाद माध्यमिक शिक्षा सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है।
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याची अरून कुमार की ओर से योजित अवमानना याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने 2011 में शिक्षा अलंकार की डिग्री को अवैध करार कर दिया था। साथ ही इस डिग्री के आधार पर नियुक्त किए गए शिक्षकों को बर्खास्त करने और उनके वेतन को रोकने का आदेश दिया था। याची का कहना है कि इस आदेश के बाद शासन ने एक आदेश भी जारी किया था। उस आदेश में शिक्षा अलंकार डिग्रीधारक शिक्षकों को हटाने का निर्देश सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिया था।
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आदेश का अनुपालन न होने पर इस मामले में 2012 में अवमानना याचिका भी दायर हुई। माध्यमिक शिक्षा सचिव ने कोर्ट में हलफनामा देकर यह बताया था कि शिक्षा अलंकार डिग्रीधारक सभी शिक्षकों को सेवा मुक्त कर दिया गया है। इतना होने के बावजूद एक शिक्षा अलंकार डिग्रीधारक को 2013 में नियमित कर दिया गया है जबकि संविदा पर तैनात दूसरे शिक्षक का वेतन स्वीकृत कर दिया गया। हाईकोर्ट ने याची का पक्ष सुनने के बाद माध्यमिक शिक्षा सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है।
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