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रेलवे के दो पूर्व अफसरों पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर ईडी ने शुरू की जांच
Sat, 20 Feb 2021 03:46 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 20 Feb 2021 03:46 AM IST
सार
कब क्या हुआ
- फरवरी 2019- फर्म के खाते में 12 लाख रुपये का भुगतान
- 1 मार्च- दोनों अफसरों ने मांगी रिश्वत
- 7 मार्च- मामले की शिकायत सीबीआई से की गई
- 8 मार्च- सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
- 9 मार्च- दोनों आरोपी अफसरों को किया गया गिरफ्तार
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विस्तार
टेंडर के नाम पर रिश्वत लेने व आय से अधिक मामले के आरोपी दो पूर्व रेलवे अफसरों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। मामले का खुलासा दो साल पहले हुआ था जिसमें सीबीआई की टीम ने मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया था। इस मामले की जांच अब ईडी ने भी शुरू कर दी है। आरोपी अफसरों में प्रयागराज मंडल के सिग्नल व टेलीकॉम विभाग में तैनात रहे दो वरिष्ठ अफसर शामिल हैं। टेंडर के लिए रिश्वत लेने के मामले में मार्च 2019 को दोनों अफसरों को सीबीआई ने शहर आकर गिरफ्तार किया था।
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ईडी
1.43 करोड़ का ठेका, पांच-पांच लाख रुपये मांगी थी घूस
मार्च 2017 में रेलवे के प्रयागराज मंडल में रेल ओवर ब्रिज गेट से संबंधित कार्य के लिए लूकरगंज की मेसर्स शॉर्प इंटरप्राइजेज को 1.43 करोड़ रुपये का ठेका मिला था। करीब दो साल बाद फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर अवधेश मिश्रा की ओर से सीबीआई की विशेष अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई गई। आरोप लगाया गया कि आरोपी दोनों अफसरों ने मातहत कर्मचारियों पर दबाव डालकर फर्म के खाते में 12 लाख रुपये का भुगतान बिना कार्य कराए ही करा दिया।कार्य हुए बिना ही इसकी इंट्री मापन पुस्तिका में कर दी और टेंडर निरस्त करने की धमकी देकर फर्म के प्रोपराइटर रविंद्र कुमार चौधरी से जबरन दस्तखत भी करा लिए। इसके बाद दोनों अफसरों ने पांच-पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया। मामले की शिकायत पर सीबीआई ने जांच शुरू की और फिर दोनों अफसरों को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार भी किया।
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