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Prayagraj News: 20 करोड़ की कमाई फिर भी जंघई जंक्शन पर कोच डिस्प्ले बोर्ड नहीं
Fri, 25 Sep 2026 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:50 AM IST
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फूलपुर के जंघई जंक्शन प्लेटफार्म पर ट्रेन के डिब्बे में चढ़ने के लिए सिर पर गठरी लेकर दौड़ते मह
ट्रेन के आने की आहट होते ही जंघई जंक्शन पर यात्रियों की बेचैनी बढ़ जाती है। किसी के हाथ में बैग, किसी के सिर पर गठरी तो कोई छोटे बच्चों को संभालता हुआ प्लेटफॉर्म पर अपने कोच की तलाश में दौड़ता नजर आता है।
ट्रेन सामने आते ही अफरातफरी और बढ़ जाती है, क्योंकि यात्रियों को यह पता नहीं होता कि उनका आरक्षित डिब्बा प्लेटफॉर्म के किस हिस्से में आकर रुकेगा। ऐसे में खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वालों के लिए कुछ ही पलों में एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई यात्री जल्दबाजी में चलती ट्रेन पकड़ने का जोखिम भी उठाते हैं।
यह हाल उस जंघई जंक्शन का है, जो हर साल रेलवे को करीब 20 करोड़ रुपये का राजस्व देता है और अमृत भारत स्टेशन योजना में भी शामिल है। पांच प्लेटफॉर्म वाले इस ए श्रेणी के जंक्शन पर अब तक कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड नहीं लग सके हैं। रोज करीब 50 ट्रेनों के ठहराव वाले स्टेशन पर छह हजार से अधिक यात्रियों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है।
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मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों के अलावा लखनऊ, प्रयागराज, जौनपुर और वाराणसी जाने वाले यात्रियों की बड़ी संख्या जंघई से सफर करती है। कोच की सही जगह की जानकारी नहीं मिलने से ट्रेन आते ही यात्री अपने डिब्बे की तलाश में प्लेटफॉर्म पर भागते हैं। भारी सामान के साथ दौड़ना सबसे मुश्किल महिलाओं और बुजुर्गों के लिए होता है।
तीन जिलों के यात्रियों का बड़ा सहारा
प्रयागराज, जौनपुर और भदोही की सीमा से सटा होने के कारण जंघई जंक्शन तीनों जिलों के यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जौनपुर के बदलापुर, सुजानगंज, मुंगराबादशाहपुर और मड़ियाहूं के साथ भदोही के सुरियावां और प्रयागराज के वारी, सराय ममरेज, हंडिया क्षेत्र के लोग लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए इसी स्टेशन पर निर्भर हैं।
यात्रियों का कहना है कि जब स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है और यहां से रेलवे को करोड़ों रुपये की आमदनी होती है, तब कोच की जगह बताने जैसी जरूरी सुविधा अब तक नहीं होना चिंता की बात है। यात्रियों ने सभी प्लेटफॉर्म पर जल्द डिजिटल कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाने की मांग की है।
जंक्शन स्टेशन पर कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड की जरूरत से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही जंघई जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म पर यह सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।-कोमल सिंह, स्टेशन अधीक्षक जंघई जंक्शन।
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ट्रेन सामने आते ही अफरातफरी और बढ़ जाती है, क्योंकि यात्रियों को यह पता नहीं होता कि उनका आरक्षित डिब्बा प्लेटफॉर्म के किस हिस्से में आकर रुकेगा। ऐसे में खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वालों के लिए कुछ ही पलों में एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई यात्री जल्दबाजी में चलती ट्रेन पकड़ने का जोखिम भी उठाते हैं।
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यह हाल उस जंघई जंक्शन का है, जो हर साल रेलवे को करीब 20 करोड़ रुपये का राजस्व देता है और अमृत भारत स्टेशन योजना में भी शामिल है। पांच प्लेटफॉर्म वाले इस ए श्रेणी के जंक्शन पर अब तक कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड नहीं लग सके हैं। रोज करीब 50 ट्रेनों के ठहराव वाले स्टेशन पर छह हजार से अधिक यात्रियों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है।
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मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों के अलावा लखनऊ, प्रयागराज, जौनपुर और वाराणसी जाने वाले यात्रियों की बड़ी संख्या जंघई से सफर करती है। कोच की सही जगह की जानकारी नहीं मिलने से ट्रेन आते ही यात्री अपने डिब्बे की तलाश में प्लेटफॉर्म पर भागते हैं। भारी सामान के साथ दौड़ना सबसे मुश्किल महिलाओं और बुजुर्गों के लिए होता है।
तीन जिलों के यात्रियों का बड़ा सहारा
प्रयागराज, जौनपुर और भदोही की सीमा से सटा होने के कारण जंघई जंक्शन तीनों जिलों के यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जौनपुर के बदलापुर, सुजानगंज, मुंगराबादशाहपुर और मड़ियाहूं के साथ भदोही के सुरियावां और प्रयागराज के वारी, सराय ममरेज, हंडिया क्षेत्र के लोग लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए इसी स्टेशन पर निर्भर हैं।
यात्रियों का कहना है कि जब स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है और यहां से रेलवे को करोड़ों रुपये की आमदनी होती है, तब कोच की जगह बताने जैसी जरूरी सुविधा अब तक नहीं होना चिंता की बात है। यात्रियों ने सभी प्लेटफॉर्म पर जल्द डिजिटल कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाने की मांग की है।
जंक्शन स्टेशन पर कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड की जरूरत से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही जंघई जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म पर यह सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।-कोमल सिंह, स्टेशन अधीक्षक जंघई जंक्शन।