दिन में रिमझिम, रात में झमाझम बारिश, मोरी गेट खोला गया
- पांच डिग्री लुढ़का पारा, मौसम हुआ सुहाना, अभी पांच दिन बादलों का रहेगा डेरा, धूप-छांव संग बारिश भी होगी
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विस्तार
मानसून एक्सप्रेस ने बृहस्पतिवार को रफ्तार पकड़ ली। रात से छाए शांत बादलों ने दिन भर रिमझिम बारिश कराई। शाम सात बजे से तेज रफ्तार से हुई बरसात से हर तरफ पानी ही पानी दिखा। बदले मौसम में अधिकतम पारा करीब पांच डिग्री लुढ़क गया। न्यूनतम पारे ने छलांग लगाई सो उमस भी प्रभावी रही। दारागंज में संगम प्रयागराज स्टेशन के सामने, परेड मैदान, अलोपीबाग एफसीआई गोदाम परिसर में भारी जलजमाव हो गया। पानी निकालने के लिए शाम सात बजे मोरी गेट खोलना पड़ा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अभी पांच दिन बारिश का क्रम बना रहेगा।
दो दिन तरसाने के बाद बरसा पानी
दो दिन सूखा मौसम कष्टकारी रहा। उच्चतम स्तर पर पांव जमाए उमस से अल सुबह राहत तब मिली जब रात से डेरा जमाए बादल बरसने लगे। दिन भर रिमझिम बारिश का क्रम बना रहा। लोगों ने इस बीच अपने काम भी निपटाए। गर्मी से राहत देने वाले मौसम में लोग बाहर ही नहीं निकले छतों पर भी जाकर फुहारों में भीगे। बच्चों ने भी बारिश के जमा पानी से खेला।
गड्ढों में भरा पानी, बढ़ी परेशानी, खतरा भी
शहर की सड़कों का हाल खराब है। उन इलाकों में ज्यादा दिक्कत है, जहां गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने सीवरेज के कार्य कराए हैं। लाइन बिछाई, कनेक्शन दिए लेकिन खोदाई के बाद गड्ढों को सिर्फ मिट्टी से पाट दिया गया। सड़कों-गलियों को पूर्व की स्थिति में बहाल न किए जाने से समय से पहले आई मानसूनी बरसात परेशानी का कारण बनी है। अल्लापुर, अलोपीबाग, बघाड़ा, सुलेम सराय, मीरापुर, करेली, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम समेत डेढ़ दर्जन ऐसे मोहल्ले हैं, जहां गड्ढों में भरा पानी परेशानी का कारण ही नहीं बड़ा खतरा भी बना है।
नालों की सफाई का काम अधूरा, नाले ही नहीं नालियां उफनाईं
शहर के जानसेनगंज, अशोक नगर, सिविल लाइंस सहित पुराने शहर से 45 फीसदी गंदा पानी मोरी गेट से निकाला जाता है। इसकी तैयारियां भी की गईं, लेकिन दावों के विपरीत सब काम आधा-अधूरा है। बड़े नालों की सफाई का काम अभी पूरा नहीं किया जा सका है। पुराने शहर के अधिकतर वार्डों में नालियां सिल्ट से चोक हैं। एक झोंका तेज बारिश के बाद नगर निगम के दावों की कलई खुल रही है। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी भी अल्लापुर, रसूलपुर समेत कई इलाकों में नाला सफाई का औचक निरीक्षण कर चुकी हैं, लेकिन वहां भी उन्हें नाले साफ नहीं मिले। बृहस्पतिवार को दिन में तो गनीमत रही लेकिन रात में तेज बारिश से नाले, नालियां उफना गईं।
इन इलाकों में जलभराव, हर तरफ कीचड़, फिसलन
शहर के अल्लापुर, अलोपीबाग, दारागंज, बघाड़ा, बैरहना, कीडगंज, दरियाबाद, मीरापुर, अतरसुइया, करेली, रानी मंडी, खुल्दाबाद, राजरूपपुर, प्रीतम नगर कॉलोनी, अशोक नगर का निचला हिस्सा, राजापुर समेत कई मोहल्लों में कहीं सड़क पर पानी भरा तो कहीं फैली गंदगी कीचड़ का कारण बनी। कई पुराने मोहल्लों में ही नहीं चौक और कटरा बाजार में किचकिच कीचड़ फिसलन का कारण बना। निरंजन डॉट का पुल, रामबाग, बाई का बाग, मेडिकल कॉलेज चौराहे पर आरओबी छोर, सीवाई चिंतामणि रोड, टैगोर टाउन समेत कई मोहल्लों में जलभराव की शिकायत रही।