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Prayagraj News: डॉक्टरों की हड़ताल जारी, बिना इलाज लौटे तीन हजार मरीज
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मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉ. मोसिन अली का मंगलवार को दूसरे दिन भी पता नहीं चला। इससे जूनियर डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। परिणाम स्वरूप नाराज जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखी। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। करीब तीन हजार मरीज बिना इलाज के लौटा दिए गए। इमरजेंसी सेवाएं भी ठप रहीं। गंभीर मरीजों को भी भर्ती नहीं किया गया।
नाराज जूनियर रेजिडेंट ने मंगलवार सुबह ही ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, यूजेज चार्जेज व ओपीडी ब्लॉक में ताला जड़ दिया था। पीएमएसएसवाई बिल्डिंग की जगह ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
ट्रॉमा सेंटर से लेकर अस्पताल के कोने-कोने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल व मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर के बाहर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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इस दौरान ट्रॉमा सेंटर के ईएमओ रूम में प्राचार्य डॉ. एके वर्मा मौजूद रहे। उन्हाेंने मरीजों के हित को देखते हुए पीएमएसएसवाई बिल्डिंग व पुरानी बिल्डिंग के ओपीडी ब्लॉक में मेडिसिन के कंसल्टेंट को बैठने के लिए कहा। प्राचार्य ने फॉलोअप के मरीजों को देखने का निर्देश दिया। मगर जेआर की नाराजगी के आगे थोड़ी देर में ही उन्हें ओपीडी से उठना पड़ गया। ऐसे में इक्का-दुक्का मरीज ही देखे गए। ऐसे में मरीजों का दबाव मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन), तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) व छावनी सामान्य अस्पताल में देखने को मिला।
झांसी, मेरठ व लखनऊ के जेआर ने भी जताया विरोध
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. निपेंद्र ने बताया कि झांसी, मेरठ व लखनऊ मेडिकल कॉलेज के जेआर भी उनकी मांग में शामिल हो गए हैं। कई अन्य मेडिकल कॉलेज के जेआर से बात चल रही है। घर से उठाकर ले जाएगे डॉक्टर का पता नहीं चलता है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल हड़ताल जारी रहेगी। यदि हम सुरक्षित नहीं हैं तो काम कैसे कर पाएंगे।
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नाराज जूनियर रेजिडेंट ने मंगलवार सुबह ही ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, यूजेज चार्जेज व ओपीडी ब्लॉक में ताला जड़ दिया था। पीएमएसएसवाई बिल्डिंग की जगह ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
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ट्रॉमा सेंटर से लेकर अस्पताल के कोने-कोने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल व मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर के बाहर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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इस दौरान ट्रॉमा सेंटर के ईएमओ रूम में प्राचार्य डॉ. एके वर्मा मौजूद रहे। उन्हाेंने मरीजों के हित को देखते हुए पीएमएसएसवाई बिल्डिंग व पुरानी बिल्डिंग के ओपीडी ब्लॉक में मेडिसिन के कंसल्टेंट को बैठने के लिए कहा। प्राचार्य ने फॉलोअप के मरीजों को देखने का निर्देश दिया। मगर जेआर की नाराजगी के आगे थोड़ी देर में ही उन्हें ओपीडी से उठना पड़ गया। ऐसे में इक्का-दुक्का मरीज ही देखे गए। ऐसे में मरीजों का दबाव मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन), तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) व छावनी सामान्य अस्पताल में देखने को मिला।
झांसी, मेरठ व लखनऊ के जेआर ने भी जताया विरोध
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. निपेंद्र ने बताया कि झांसी, मेरठ व लखनऊ मेडिकल कॉलेज के जेआर भी उनकी मांग में शामिल हो गए हैं। कई अन्य मेडिकल कॉलेज के जेआर से बात चल रही है। घर से उठाकर ले जाएगे डॉक्टर का पता नहीं चलता है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल हड़ताल जारी रहेगी। यदि हम सुरक्षित नहीं हैं तो काम कैसे कर पाएंगे।