गजब : गौतमबुद्ध नगर में तैनात चिकित्सक को प्रयागराज पीएचसी से मिल रहा वेतन, कोरोना के दौरान किए गए थे संबद्ध
गौतमबुद्ध नगर के बीएमजीएस टाटा ट्रस्ट के सहायतित चिकित्सालय में तैनात डॉ. अमित कुमार का वेतन प्रयागराज के कौड़िहार स्थित लाल गाेपालगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिया जाता है।
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गौतमबुद्ध नगर के बीएमजीएस टाटा ट्रस्ट के सहायतित चिकित्सालय में तैनात डॉ. अमित कुमार का वेतन प्रयागराज के कौड़िहार स्थित लाल गाेपालगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिया जाता है। इसके लिए उनकी उपस्थिति सीट पीएचसी में आती है। जिसके आधार पर यहां से उनका वेतन बनाया जाता है।
यह सिलसिला कोरोना संक्रमण की पहली लहर से चल रहा है। इनकी तैनाती लालगोपालगंज पीएचसी की है और कोविड के दौरान इन्हें आपात स्थिति में गौतमबुद्ध नगर के बीएमजीएस टाटा ट्रस्ट के सहायतित चिकित्सालय में संबद्ध किया गया था। वहीं, लाख कोशिशों के बावजूद इनकी वापसी नहीं हो सकी है। ऐसे में चिकित्सक होने के बाद भी मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है।
डॉ. अमित कुमार को तीन जुलाई 2020 को लालगोपालगंज पीएचसी में चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात किया गया था। कोविड-19 की पहली लहर में इन्हें 29 अगस्त 2020 को आपात स्थिति में गौतमबुद्ध नगर के बीएमजीएस टाटा ट्रस्ट के सहायतित चिकित्सालय संबद्ध कर दिया गया। वहीं सीएमओ की तरफ से जनवरी 2021 में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव को पत्र लिखकर माघ मेला 2020-21 के कार्यों में चिकित्सकों की कमी की वजह से इन्हें वापस लालगोपालगंज पीएचसी में तैनात करने को कहा गया, मगर पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ऐसे में धीरे-धीरे चार साल बीत गए और आज भी डॉ. अमित कुमार लाल गोपालगंज पीएचसी के चिकित्साधिकारी पद का वेतन गौतमबुद्ध नगर में बैठकर ले रहे हैं। हर महीने उनका हाजिरी की सीट प्रयागराज के कौड़िहार की पीएचसी में भेजी जाती है। जिसके बाद प्रमुख अधीक्षक की तरफ से उनका वेतन तैयार होता है।
वहीं, पीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन अनूप शुक्ला चिकित्सक की भूमिका पीएचसी में निभा रहे हैं। करीब 50 हजार की आबादी के स्वास्थ्य का ख्याल रखने वाली यह पीएचसी हमेशा वीरान रहती है।
किसी समय में यहां पर डाॅक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय और नर्स की तैनाती थी। मगर अब पीएचसी की जर्जर इमारत और चिकित्सक के अभाव में पीएचसी की दुर्दशा मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इस मामले में खुद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके तिवारी चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
कई बार पत्र लिखकर लाल गोपालगंज पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार को वापस लाने का प्रयास किया, मगर अब तक उन्हें गौतमबुद्ध नगर में ही संबद्ध किया गया है। उनका वेतन पीएचसी से ही बनता है। जिसकी वजह से मरीजों के उपचार में परेशानी आ रही है। - डॉ. एके तिवारी, सीएमओ