कुंभ 2019: अब संतों के भरोसे राम मंदिर निर्माण, विहिप ने खड़े किए हाथ
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर अब संत जो फैसला लेंगे, विश्व हिंदू परिषद वही करेगी। शुक्रवार को विहिप के केंद्रीय अध्यक्ष वीएस कोकजे ने कहा कि मंदिर निर्माण का फैसला न्यायालय से नहीं हो पाएगा, यह आस्था का मु्द्दा है, ऐसे में संतों का फैसला ही आखिरी होगा। सबरीमाला मंदिर मामले को लेकर संगठन देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगा।
कुंभ क्षेत्र में विहिप के शिविर में पत्रकारों से वार्ता में कोकजे ने कहा कि 2025 तक अयोध्या में राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि मंदिर निर्माण की शुरुआत कब होगी। उनका कहना था कि बड़ा मंदिर है, उसे बनाने में पांच छह वर्ष तो लग ही जाएंगे।
बताया कि 31 जनवरी और एक फरवरी को यहां परिषद के शिविर में धर्म संसद का आयोजन किया गया है। इसमें देश भर के सभी प्रमुख संत मौजूद रहेंगे। उन्हीं के बीच मंदिर निर्माण कब होगा इसे लेकर फैसला होना है।
विहिप के विस्तार को बनाई जाएगी टीम
केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्रवाद, भाषावाद, प्रांतवाद और जातिवाद के नाम पर देश को तोड़ने का प्रयास चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनेऊ पहनकर मंदिर-मंदिर घूमते हैं, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का काम कुछ विरोधी शक्तियां कर रही है, विहिप इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि विहिप के रल की वामपंथी सरकार की दमनकारी नीति का विरोध करती है। इस मौके पर परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे भी मौजूद रहे।
पिछले दो दिनों से चल रही विहिप की केंद्रीय समिति की बैठक में संगठन विस्तार पर चर्चा की जा रही है। कहा जा रहा है कि देश के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नए लोगों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए पदाधिकारियों की ग्रामीण और शहरी स्तर पर टीम बनाई जाएगी।