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नाव से बालू खनन की मांग
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प्रयागराज। नदियों में नाव से बालू खनन पर रोक लगाए जाने के विरोध में मजदूरों ने बुधवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने यह आदेश वापस लिए जाने की मांग का ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के बैनर तले पहुंचे मजदूरों ने कलक्ट्रेट परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में पर्चे भी बांटे। सभा के सदस्यों का कहना था कि भाजपा सरकार ने बड़े माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह का आदेश दिया है। जबकि, एनजीटी का इस तरह का कोई आदेश नहीं है। उनका कहना था कि मुख्य धारा में नाव से बालू खनन की वर्षों पुरानी व्यवस्था है। इससे पर्यावरण को फायदा पहुंचता है। सभा की ओर से मांग की गई कि भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग नाव से खनन पर रोक संबंधी आदेश तत्काल वापस ले। इस आदेश के कारण खनन पर निर्भर मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं और उनमें असंतोष बढ़ रहा है। मांग नहीं माने जाने पर उन्हाेंने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। आंदोलन में सुरेश निषाद, फूलचंद निषाद आदि शामिल रहे।
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अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के बैनर तले पहुंचे मजदूरों ने कलक्ट्रेट परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में पर्चे भी बांटे। सभा के सदस्यों का कहना था कि भाजपा सरकार ने बड़े माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह का आदेश दिया है। जबकि, एनजीटी का इस तरह का कोई आदेश नहीं है। उनका कहना था कि मुख्य धारा में नाव से बालू खनन की वर्षों पुरानी व्यवस्था है। इससे पर्यावरण को फायदा पहुंचता है। सभा की ओर से मांग की गई कि भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग नाव से खनन पर रोक संबंधी आदेश तत्काल वापस ले। इस आदेश के कारण खनन पर निर्भर मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं और उनमें असंतोष बढ़ रहा है। मांग नहीं माने जाने पर उन्हाेंने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। आंदोलन में सुरेश निषाद, फूलचंद निषाद आदि शामिल रहे।
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