प्रयागराज : पुरानी नियमावली पर टीजीटी-पीजीटी भर्ती की मांग, दूसरे दिन भी आमरण अनशन पर पांच अभ्यर्थी
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में रिक्त शिक्षक पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर टीजीटी-पीजीटी भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा।
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अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक और इंटर कॉलेजों में रिक्त शिक्षक पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर टीजीटी-पीजीटी भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के तहत पांच अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 16 सितंबर 2025 से पहले से करीब 20 हजार से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं। इन पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नई नियमावली में किए गए बदलावों के कारण बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। इससे अभ्यर्थियों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। आमरण अनशन पर बैठे शिमला पटेल, मीना देवी, रोशन सरोज, अभिषेक कुमार और प्रवीण यादव ने कहा कि जब तक पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न पर भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इन योग्यताओं में बदलाव की समीक्षा की मांग
युवा मंच ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में प्रवक्ता पदों पर बीएड की अनिवार्यता, हिंदी में इंटर स्तर पर संस्कृत की अनिवार्यता, कला विषय में प्राविधिक कला के अभ्यर्थियों को अवसर से वंचित करने, संगीत में बीएड की अनिवार्यता समेत कई बदलावों की समीक्षा की मांग की है। इसके अलावा अंग्रेजी विषय में लेक्चरर और लैंग्वेज की योग्यता में बदलाव, शारीरिक शिक्षा में सीपीएड अभ्यर्थियों को बाहर किए जाने, गृह विज्ञान में बीएड की अनिवार्यता तथा सामाजिक विज्ञान समेत अन्य विषयों में बदले गए अर्हता मानकों पर भी पुनर्विचार की मांग की गई है।
लाखों अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग
युवा मंच ने सरकार से छात्रहित और समान अवसर को ध्यान में रखते हुए पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न को बहाल कर करीब 20 हजार रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञापन जल्द जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को अवसर मिल सकेगा। अनिल सिंह ने कहा कि प्रदेश के करीब सात लाख से अधिक अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक युवा मंच का आंदोलन जारी रहेगा।