Prayagraj : पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ के त्रयोदशाह में पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अर्पित की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ के त्रयोदशाह में हिस्सा लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे। उनकी आगवानी के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पहले से ही मौजूद रहे।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ के त्रयोदशाह में हिस्सा लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे। उनकी आगवानी के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पहले से ही मौजूद रहे। राजनाथ सिंह करीब एक घंटे तक लोहिया मार्ग स्थित पूर्व राज्यपाल के आवास पर रहे। उन्होंने केशरीनाथ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उनके पुत्र नीरज त्रिपाठी, पुत्र वधु कविता यादव त्रिपाठी से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। राजनाथ सिंह ने केशरीनाथ त्रिपाठी के साथ बिताए गए पलों को याद किया। सेना के विमान से प्रयागराज पहुंचे थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर दिवंगत केशरी नाथ त्रिपाठी को श्रद्धांजलि दी। कहा कि पंडित केशरी त्रिपाठी को मैं बड़े भाई के रूप में देखता हूं। उनकी योग्यता प्रतिभा क्षमता से पूरा प्रदेश अच्छी तरह से परिचित है। उनके निधन से पूरे देश को अपूर्ण क्षति हुई है।
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के आर्थिक कंगाली पर भी रक्षा मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। कहा कि चाहे पीओके हो या पाकिस्तान हो वहां की जनता सुखी रहे। हम सदैव यही कामना करेंगे। क्योंकि भारत दुनिया का इकलौता देश है, जिसने भारत की सीमा में रहने वाले लोगों को ही अपने परिवार का सदस्य नहीं माना है, बल्कि पूरे विश्व की धरा पर रहने वाले लोगों को परिवार का सदस्य मानते हुए वसुधैव कुटुंबकम यह संदेश देने वाला भारत है।
उन्होंने कामना की है कि चाहे पीओके हो या पाकिस्तान हो कोई संकट में ना रहे सब सुखी हों। कोई भूख से प्यास से दम न तोड़ने पाए ऐसी स्थिति न उत्पन्न होने पाए हम यही कामना करेंगे। चाइना के बार-बार भारत को आंख दिखाने के सवाल पर कहा की उसे भारत की ताकत अच्छी तरह मालूम है। मुझे इस संबंध में कोई टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की टॉप 5 अर्थव्यवस्था में पहुंच चुका है। अर्थव्यवस्था के जानकार यह मानने लगे हैं कि 2027 तक भारत दुनिया के टॉप 3 अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जिस तरह से देश आगे बढ़ रहा है। 2047 तक भारत विश्व की टॉप अर्थव्यवस्था बन जाएगी।
पंडित जी इच्छा थी कि उनके परिवार का भी कोई व्यक्ति आए सक्रिय राजनीति में - दिनेश शर्मा
उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने पूर्व राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा की उनकी जब केसरीनाथ त्रिपाठी से पिछली मुलाकात हुई थी तब उन्होंने इच्छा जाहिर की थी कि उनके परिवार का कोई व्यक्ति सक्रिय राजनीति में आए।
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि उनके पूर्व राज्यपाल से आत्मीय संबंध रहे। कहा कि जब मैं लखनऊ का पहली बार मेयर बना तो मेरे नाम का प्रस्ताव उन्होंने ही रखा था। विधानसभा अध्यक्ष का कार्यकाल रहा हो या फिर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का, केसरी नाथ पार्टी को जो भी कार्य मिला उसका दायित्व उन्होंने बखूबी निभाया।
केशरी नाथ की तेरहवीं में शामिल हुए राजनाथ, केशव, बृजेश पाठक समेत तमाम दिग्गज
पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी की तेरहवीं के मौके पर उनके आवास पर तमाम वीवीआईपी शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचे। इस दौरान उन्हें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रसाद वर्मा आदि ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
सिविल लाइंस के लोहिया मार्ग स्थित उनके आवास पर दोपहर 12 बजे से ही वीआइपी मूवमेंट शुरू हो गया। यहां सबसे पहले पूर्व डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा पहुंचे। उन्होंने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद पूर्व राज्यपाल के पुत्र नीरज त्रिपाठी से मुलाकात की। इसके बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक दिन में डेढ़ बजे के आसपास पहुंचे। उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को वायुसेना स्टेशन बमरौली में रिसीव करने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य उन्हीं के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे। पूर्व राज्यपाल के आवास के सामने खाली मैदान में हुए आयोजन में रक्षा मंत्री के आने तक लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई। रक्षा मंत्री के साथ ही केशव प्रसाद मौर्य ने वहां मिष्ठान ग्रहण किया।
इसी दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रसाद वर्मा भी वहां श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, योगी सरकार के पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी कार्यक्रम स्थल पर एक साथ पहुंचे। वहां केशरी नाथ के परिजनों से सभी ने मुलाकात की। दरअसल आठ जनवरी को ही पूर्व राज्यपाल का निधन हो गया था। तब उनके अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना आदि नेता प्रयागराज पहुंचे थे।