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असलहा तस्करों को छोड़ने के लिए 30 हजार की डील, ऑडियो वायरल

Mon, 16 Dec 2019 11:43 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 16 Dec 2019 11:43 PM IST
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Deal of 30 thousand to leave the smugglers
प्रयागराज। तीन दिन पहले कैंट पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में असलहा तस्कर गिरोह के भंडाफोड़ मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर रविवार को वायरल ऑडियो से यह बात पता चली है कि इस मामले में पकड़े गए गिरोह के दो सदस्यों को छोड़ने के लिए 30 हजार की डील हुई। छोड़े गए गिरोह के एक सदस्य व मध्यस्थ के बीच हुई बातचीत सुनने से यह भी पता चलता है कि रुपये क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही को दिए गए, जिसका नाम दोनों बातचीत में कई बार लेते हैं।
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कैंट पुलिस व क्राइम ब्रांच ने 13 दिसंबर को असलहा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन सदस्योें को गिरफ्तार किया था। जिनके पास से तीन पिस्टल समेत चार असलहे व भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुआ था। इस मामले में शेरू उर्फ मो. अनीस व चंद्रबली को वांछित भी किया गया। हालांकि तीन दिन बाद ही रविवार को मामले से संबंधित एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसके बाद हड़कंप मच गया। 6.33 मिनट के इस ऑडियो में दो लोगों के बीच हुई बातचीत सुनने से पता चलता है कि गिरोह के दो सदस्यों को छोड़ने के लिए 30 हजार रुपये की डील हुई। बातचीत करने वाला एक व्यक्ति इसी गिरोह का सदस्य बताया जा रहा है जबकि दूसरा वह मध्यस्थ, जिसके माध्यम से रुपये दिए गए। दोनों की बातचीत से पता चलता है कि रुपये क्राइम ब्रांच में तैनात एक सिपाही ने लिए, जिसका जिक्र वह कई बार करते सुनाई पड़ते हैं। इसमें सबसे पहले गिरोह का सदस्य मध्यस्थ से यह कहते सुनाई देता है कि पैसे देने के बावजूद पुलिस उसे परेशान कर रही है। उसके घर पर छापा मार रही है। कहीं ऐसा तो नहीं कि उसके दिए हुए पैसे पुलिस तक पहुंचे ही नहीं? जिसके जवाब में मध्यस्थ यह कहता है कि पैसे दिए गए। चंद्रबली (वांछित अपराधी) के देने पर वह खुद 200-200 के नोट के 20 हजार व 100-100 के नोट के 10 हजार रुपये लेकर दूसरे मध्यस्थ के पास गया, जिसने क्राइम ब्रांच के सिपाही तक पैसे पहुंचाए। गिरोह के सदस्य के यह कहने पर कि पैसे आखिर दिए किसे गए, मध्यस्थ सिपाही का नाम लेते हुए कहता है कि वह खुद उससे बात करके इस बारे में पूछ ले कि उसे पैसे मिले या नहीं।
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गिरफ्तार अभियुक्त का भी लिया नाम
ऑडियो में बातचीत के दौरान दोनों मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके रोहित कुमार पटेल उर्फ नान का भी नाम लेते हैं। गिरोह के सदस्य के बार-बार पूछने पर कि पैसे देने के बावजूद उसे पुलिस क्यों परेशान कर रही है। जिस पर मध्यस्थ नाम लेते हुए कहता है कि नान पूछताछ मेें उल्टे-सीधे बयान दे रहा है और इसी वजह से पुलिस तुम्हें परेशान कर रही है। वह यह भी कहता है कि नान ने चंद्रबली के बारे में भी बयान दिया कि वह एक और पिस्टल रखे हुए है। उसके बताने पर सिपाही (नाम लेत हुए) ने दूसरे मध्यस्थ के पास फोन कर कहा कि चंद्रबली से कह दो कि पिस्टल दे दे। वरना अब पकड़े जाने पर छोड़वाने उसके पास मत आना।
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