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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Dala Chhath: Dala Shashthi fast begins with Nahay-Khay, altars built at Sangam, Kharna today

Dala Chhath : नहाय-खाय के साथ डाला षष्ठी व्रत आरंभ, संगम पर बनीं वेदियां, खरना आज

Sat, 18 Nov 2023 11:37 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 18 Nov 2023 11:37 AM IST
सार

इस चार दिवसीय लोकोत्सव को लेकर हर तरफ उल्लास का माहौल है। शुक्रवार को संगम के अलावा रामघाट, दशाश्वमेध घाट, यमुना के बलुआ घाट, अरैल घाट और झूंसी के तटों पर वेदियां बनाने और अपनी जगह पक्की करने के लिए व्रतियों के परिजनों की भीड़ लगी रही। नहाय-खाय के साथ ही महिलाओं ने व्रत धारण कर लिया।

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Dala Chhath: Dala Shashthi fast begins with Nahay-Khay, altars built at Sangam, Kharna today
डाला छठ क लिए संगम पर बनाई गई वेदी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नहाय-खाय की परंपरा के साथ शुक्रवार को सूर्योपासना के डाला छठ व्रत की शुरुआत हो गई। इसी के साथ संगम समेत गंगा,यमुना के घाटों पर वेदियां बनाने के लिए व्रतियों और उनके परिजनों की भीड़ उमड़ पड़ी। शनिवार को खरना होगा और रविवार को जल के बीच खड़ी होकर व्रती महिलाएं अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य देंगी।

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इस चार दिवसीय लोकोत्सव को लेकर हर तरफ उल्लास का माहौल है। शुक्रवार को संगम के अलावा रामघाट, दशाश्वमेध घाट, यमुना के बलुआ घाट, अरैल घाट और झूंसी के तटों पर वेदियां बनाने और अपनी जगह पक्की करने के लिए व्रतियों के परिजनों की भीड़ लगी रही। नहाय-खाय के साथ ही महिलाओं ने व्रत धारण कर लिया।

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बाजेगाजे के साथ महिलाएं रविवार को पूजा का डाला सजाकर परिजनों, रिश्तेदारों के साथ तटों पर पहुंचेंगी और मंगलकामना के लिए अर्घ्यदान करेंगी। इसके लिए तटों पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। नगर निगम की ओर से रात्रि प्रवास करने वाली महिलाओं के लिए टेंट की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि महिलाएं छठ पूजा कर उगते सूर्य को तटों पर अर्घ्य दे सकें।

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छठ पूजा की तैयारी में जुटता है मालती का पूरा परिवार

 

छठि मइया सुनि लेहूं अरज हमार... षष्ठी माता का यह गीत अशोक नगर की रहने वाली मालती देवी के घर में हफ्ते भर से गूंज रहा है। चाहे गेंहू का धुलाई हो या फिर घर की साफ-सफाई, वह अपनी बहू और बेटियों के साथ यह गीत गुनगुनाना नहीं भूल रही हैं। वह बताती हैं कि महीने भर पहले से ही घर में छठ व्रत का माहौल बन जाता है। इस बार पूजा का उनका 15वां वर्ष है। पहली बार पुत्र कामना से उन्होंने इस व्रत को रखा था। मां ने उनकी सुन ली। उसके बाद वह हर वर्ष श्रद्धा के साथ पूरे परिवार के सदस्यों संग छठ माता की आराधना करती हैं। उनका मानना है कि मां के दरबार में हाजिरी लगाने वाले की हर कामना पूरी हो जाती है।

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