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साइबर अपराधी बने बड़ी चुनौती, 3 गुना बढ़े मामले
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लॉकडाउन के दौरान अन्य अपराधों में कमी आने से पुलिस को थोड़ी राहत मिली, लेकिन साइबर अपराधी इस दौर में उसके लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। केवल लॉकडाउन अवधि की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले सोशल मीडिया पर आपतिजनक पोस्ट के मामले में 3 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से कुछ ही मामलों में अब तक गिरफ्तारी हो पाई है।
पुलिस विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल 1 से 15 अप्रैल तक आईटी एक्ट के कुल 19 मुकदमे जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज किए गए थे। लेकिन मौजूदा साल में इस अवधि के भीतर आईटी एक्ट के मामले काफी तेजी से बढ़े। बीते 1 से 15 अप्रैल तक जनपद के विभिन्न थानों में साइबर अपराध के कुल 61 मामले दर्ज किए गए। इस तरह पिछले साल की अपेक्षा इस बार मामले तीना गुना तक बढ़ गए। इनमें सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों से लेकर साइबर धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। एक से 15 अप्रैल तक कुल दर्ज मामलों में सबसे ज्यादा सोशल मीडिया पर आपतिजनक टिप्पणी करने के हैं। इसके बाद खातों से रुपए उड़ाए जाने व साइबर अपराध से जुड़े अन्य मामले आते हैं।
आपत्तिजनक टिप्पणी में 20 गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस कार्रवाई तो कर रही है लेकिन इसकी गति भी काफी धीमी है। रेंज स्तर की बात करें तो सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के मामले में 23 मार्च से लेकर 23 अप्रैल तक कोई 56 मामले दर्ज किए गए। लेकिन इनमें गिरफ्तारी महज 20 लोगों की हो सकी। जनपद वार बात करें तो सबसे ज्यादा 43 मामले प्रयागराज में दर्ज किए गए और इनमें 15 लोग गिरफ्तार किए गए। प्रतापगढ़ में 6 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कौशांबी और फतेहपुर में क्रमश: तीन और चार मामले दर्ज किए गए जिनमें केवल एक-एक लोगों की गिरफ्तारी हो सकी।
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साइबर अपराध के मामले निश्चित ही मौजूदा दौर में पुलिस के लिए बड़ी चुनौती हैं। जनपद प्रभारियों के माध्यम से विवेचकों को निर्देश दिया गया है कि वह आईटी एक्ट से संबंधित मामलों का यथासंभव शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। -केपी सिंह, आईजी रेंज प्रयागराज
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पुलिस विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल 1 से 15 अप्रैल तक आईटी एक्ट के कुल 19 मुकदमे जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज किए गए थे। लेकिन मौजूदा साल में इस अवधि के भीतर आईटी एक्ट के मामले काफी तेजी से बढ़े। बीते 1 से 15 अप्रैल तक जनपद के विभिन्न थानों में साइबर अपराध के कुल 61 मामले दर्ज किए गए। इस तरह पिछले साल की अपेक्षा इस बार मामले तीना गुना तक बढ़ गए। इनमें सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों से लेकर साइबर धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। एक से 15 अप्रैल तक कुल दर्ज मामलों में सबसे ज्यादा सोशल मीडिया पर आपतिजनक टिप्पणी करने के हैं। इसके बाद खातों से रुपए उड़ाए जाने व साइबर अपराध से जुड़े अन्य मामले आते हैं।
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आपत्तिजनक टिप्पणी में 20 गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस कार्रवाई तो कर रही है लेकिन इसकी गति भी काफी धीमी है। रेंज स्तर की बात करें तो सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के मामले में 23 मार्च से लेकर 23 अप्रैल तक कोई 56 मामले दर्ज किए गए। लेकिन इनमें गिरफ्तारी महज 20 लोगों की हो सकी। जनपद वार बात करें तो सबसे ज्यादा 43 मामले प्रयागराज में दर्ज किए गए और इनमें 15 लोग गिरफ्तार किए गए। प्रतापगढ़ में 6 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कौशांबी और फतेहपुर में क्रमश: तीन और चार मामले दर्ज किए गए जिनमें केवल एक-एक लोगों की गिरफ्तारी हो सकी।
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साइबर अपराध के मामले निश्चित ही मौजूदा दौर में पुलिस के लिए बड़ी चुनौती हैं। जनपद प्रभारियों के माध्यम से विवेचकों को निर्देश दिया गया है कि वह आईटी एक्ट से संबंधित मामलों का यथासंभव शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। -केपी सिंह, आईजी रेंज प्रयागराज