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दलित कन्हैया कुमार उर्फ कन्हैया प्रभुनंद के पास करोड़ों की संपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:41 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से प्रयाग में महामंडलेश्वर के पद पर अभिषेक के लिए नामित किए गए दलित वर्ग के कन्हैया कुमार कश्यप उर्फ कन्हैया प्रभुनंद गिरि महाराज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। मठ, मंदिर के नाम पर जहां 28 बीघा से अधिक जमीन उनके पास है, वहीं तीन करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट स्कूल पर भी उनका काम चल रहा है। लग्जरी कारों के शौकीन बाबा का सपना गरीबों के लिए मुफ्त शिक्षा, चिकित्सा के प्रबंध के साथ महज पांच रुपये में भर पेट भोजन देने का है। उनका कहना है कि अब वह सनातन धर्म के प्रचार के साथ ही दबे-कुचले समाज के लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए देश भर में यात्राएं करेंगे।
यमुना किनारे मौजगिरि आश्रम में मंगलवार की दोपहर अमर उजाला से बातचीत में कन्हैया कुमार कश्यप उर्फ बाबा कन्हैया प्रभुनंद गिरि महाराज ने अपने आध्यात्मिक संघर्षों जुड़े अनुभवों को खुलकर साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में उज्जैन कुंभ में पटियाला काली मंदिर के महंत जगदुगुरु पंचानन गिरि महाराज से दीक्षा लेने के बाद से ही उन पर जातीय हमले शुरू हो गए थे। चंडीगढ़ स्थित औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में स्थित शिव मानस वायु सेना मंदिर का सबसे पहले उनको पुजारी बनाया गया, लेकिन दलित होने की वजह से वहां के लोगों को यह निर्णय रास नहीं आया। एक रोज जब वह बाहर गए हुए थे, तब दबंगों ने हमला बोलकर मंदिर में तोड़फोड़ की।
उनके कक्ष को ढहा कर खंडहर बना दिया गया। जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया जाता रहा। परेशान होकर वह आजमगढ़ के अपने ग्राम बरौनी दिवाकर पट्टी, थाना बिलरियागंज आ गए। वहां लालगंज तहसील के माधोपुर धरान गांव में उन्हें राम जानकी मंदिर के साथ 22 बीघा जमीन दान में मिली। इसी जिले में भीमवर बाजार में ढाई बीघा भूमि मेन रोड पर अर्जित किया। बाबा ने बताया कि वह गरीबों के लिए मुफ्त स्कूल-अस्पताल चलाना चाहते हैं। इसके लिए तीन करोड़ रुपये की लागत से चार बीघा क्षेत्रफल भूमि पर स्मार्ट स्कूल की योजना पर काम शुरू हो गया है। इस स्कूल में कमजोर वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। कुंभ के दौरान बाबा कन्हैया प्रभुनंद गिरि की योजना गुरु कैंटीन खोलने की है। इसमें पांच रुपये में हर किसी को पेट भर भोजन दिया जाएगा।
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बाबा कन्हैया कुमार कश्यप उर्फ कन्हैया प्रभुनंद गिरि महाराज की योजनाएं:
-आजमगढ़ जिले के लालगंज में तीन करोड़ रुपये की लागत से चार बीघा भूमि पर आरंभ प्रभु लेखराज स्मार्ट स्कूल।
-पांच रुपये थाली भोजन देने के लिए प्रस्तावित गुरु कैंटीन।
-रामजानकी मंदिर के साथ 22 बीघा जमीन
-आजमगढ़ के भीमवर बाजार में 2.5 बीघा भूमि
प्रभुनंद गिरि महाराज का कहना है कि अखाड़ा परिषद ने उन्हें जगद्गुरु बनाने का आश्वासन दिया है। इसके लिए लिखित परिपत्र भी तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को पूर्ण संन्यास के दौरान हुए पट्टाभिषेक में उन्हें सिंहासन के साथ ही अखाड़ा परिषद ने छत्र, चंवर और दंड भी धारण करा दिया था। कुंभ के दौरान ही उन्हें जगद्गुरु की मान्यता मिल जाएगी। फिर वह जिनको समाज में दलित कहकर अपमानित किया जाता है, उसी वर्ग के लोगों को मंदिरों में पुजारी बनाने के साथ ही महामंडलेश्वर और शंकराचार्य के शीर्ष पदों पर लाने के लिए संघर्ष करेंगे।
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यमुना किनारे मौजगिरि आश्रम में मंगलवार की दोपहर अमर उजाला से बातचीत में कन्हैया कुमार कश्यप उर्फ बाबा कन्हैया प्रभुनंद गिरि महाराज ने अपने आध्यात्मिक संघर्षों जुड़े अनुभवों को खुलकर साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में उज्जैन कुंभ में पटियाला काली मंदिर के महंत जगदुगुरु पंचानन गिरि महाराज से दीक्षा लेने के बाद से ही उन पर जातीय हमले शुरू हो गए थे। चंडीगढ़ स्थित औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में स्थित शिव मानस वायु सेना मंदिर का सबसे पहले उनको पुजारी बनाया गया, लेकिन दलित होने की वजह से वहां के लोगों को यह निर्णय रास नहीं आया। एक रोज जब वह बाहर गए हुए थे, तब दबंगों ने हमला बोलकर मंदिर में तोड़फोड़ की।
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उनके कक्ष को ढहा कर खंडहर बना दिया गया। जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया जाता रहा। परेशान होकर वह आजमगढ़ के अपने ग्राम बरौनी दिवाकर पट्टी, थाना बिलरियागंज आ गए। वहां लालगंज तहसील के माधोपुर धरान गांव में उन्हें राम जानकी मंदिर के साथ 22 बीघा जमीन दान में मिली। इसी जिले में भीमवर बाजार में ढाई बीघा भूमि मेन रोड पर अर्जित किया। बाबा ने बताया कि वह गरीबों के लिए मुफ्त स्कूल-अस्पताल चलाना चाहते हैं। इसके लिए तीन करोड़ रुपये की लागत से चार बीघा क्षेत्रफल भूमि पर स्मार्ट स्कूल की योजना पर काम शुरू हो गया है। इस स्कूल में कमजोर वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। कुंभ के दौरान बाबा कन्हैया प्रभुनंद गिरि की योजना गुरु कैंटीन खोलने की है। इसमें पांच रुपये में हर किसी को पेट भर भोजन दिया जाएगा।
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बाबा कन्हैया कुमार कश्यप उर्फ कन्हैया प्रभुनंद गिरि महाराज की योजनाएं:
-आजमगढ़ जिले के लालगंज में तीन करोड़ रुपये की लागत से चार बीघा भूमि पर आरंभ प्रभु लेखराज स्मार्ट स्कूल।
-पांच रुपये थाली भोजन देने के लिए प्रस्तावित गुरु कैंटीन।
-रामजानकी मंदिर के साथ 22 बीघा जमीन
-आजमगढ़ के भीमवर बाजार में 2.5 बीघा भूमि
प्रभुनंद गिरि महाराज का कहना है कि अखाड़ा परिषद ने उन्हें जगद्गुरु बनाने का आश्वासन दिया है। इसके लिए लिखित परिपत्र भी तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को पूर्ण संन्यास के दौरान हुए पट्टाभिषेक में उन्हें सिंहासन के साथ ही अखाड़ा परिषद ने छत्र, चंवर और दंड भी धारण करा दिया था। कुंभ के दौरान ही उन्हें जगद्गुरु की मान्यता मिल जाएगी। फिर वह जिनको समाज में दलित कहकर अपमानित किया जाता है, उसी वर्ग के लोगों को मंदिरों में पुजारी बनाने के साथ ही महामंडलेश्वर और शंकराचार्य के शीर्ष पदों पर लाने के लिए संघर्ष करेंगे।