{"_id":"5b9ebc3b867a55013270f098","slug":"youth-shot-dead-near-police-post","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस चौकी के पास युवक की गोली मारकर हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस चौकी के पास युवक की गोली मारकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेखौफ बदमाशों ने रविवार रात सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। अल्लापुर पुलिस चौकी के पास युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को तब अंजाम दिया गया जब युवक तीन दोस्तों के साथ कार से घर लौट रहा था। पुराने साकेत के सामने चलती कार में उसे गोली मार दी गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। खबर लिखे जाने तक पुलिस जांच पड़ताल मेें जुटी थी।
फौजदार सिंह प्रतापगढ़ के मानधाता थाना क्षेत्र स्थित हैसी जयचंद गांव के रहने वाले हैं। किसानी करके अपना जीवन यापन करने वाले फौजदार के दो बेटों में विकास सिंह(22) छोटा था। बड़ा भाई विपिन सिंह जार्जटाउन स्थित अल्लापुर के न्याय विहार कॉलोनी में मकान बनवाकर पत्नी व दो बच्चों संग रहता है। विपिन के साथ ही रहने वाला विकास ढाई साल से आनंद अखाड़े के महाराज जगदीश पुरी की गाड़ी चलाता था और अक्सर उनके साथ ही रहता था। महाराज का आश्रम अल्लापुर के अलावा गुजरात में भी है, जहां से उन्हें लेकर दो दिन पहले ही विकास लौटा था। रविवार शाम करीब आठ बजे विकास पड़ोस में ही रहने वाले दोस्तोें गोलू पांडेय, विनायक श्रीवास्तव व नितिन त्रिपाठी के साथ घूमने के लिए कार से निकला। गोलू ने बताया कि कुंदन गेस्ट हाउस के पास नाश्ता करने के बाद सभी घर लौटने लगे। कार विकास चला रहा था जबकि गोलू उसके बगल वाली सीट पर बैठा था।
विनायक व नितिन पिछली सीट पर बैठे थे। 8.30 बजे के करीब वे अल्लापुर पुलिस चौकी पार कर पुराने साकेत अस्पताल के सामने पहुंचे थे कि तभी तीन बाइकसवार युवक आ धमके। गोलू ने बताया कि उसकी तरफ की खिड़की का शीशा खुला हुआ था। वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही एक युवक ने असलहा निकालकर पहले हवाई फायर दागा। अगले ही पल उसने विकास को निशाना बनाकर फायर कर दिया। गोली सीधे विकास के सिर में जा धंसी और वह ड्राइविंग सीट पर लुढ़क गया। इसके बाद हमलावर भाग निकले। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो विकास खून से लथपथ पड़ा था। सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची और उसे एसआरएन अस्पताल ले गई। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की खबर घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। सूचना पर एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव अस्पताल पहुंचे और घटना के चश्मदीद गोलू, विनायक से पूछताछ की। खबर लिखे जाने तक परिजनों से पूछताछ जारी थी।
विज्ञापन
युवक दो दिन पहले ही गुजरात से घर लौटा था। घरवालों ने किसी तरह की रंजिश की बात से इंकार किया है। घटना के वक्त साथ रहे मृतक के दोस्तों से पूछताछ की जा रही है।
नितिन तिवारी, एसएसपी
भाई की मौत की सूचना पर अस्पताल पहुंचे विपिन व अन्य रिश्तेदारों ने किसी रंजिश की बात से इंकार कर दिया। बताया कि विकास ज्यादातर वक्त महाराज जी के साथ गुजरात में ही रहता था। महाराज जी के अल्लापुर स्थित आश्रम आने पर ही वह घर आता था। दो दिन पहले ही वह घर आया था। रविवार शाम को भी वह आश्रम में ही था। पता चला कि वहां से लौटने पर वह घूमने चला गया था। विपिन ने बताया कि कार उसकी ही थी। बताया कि उसका खुद का भी किसी से विवाद नहीं है। ऐसे में विकास की हत्या किसने, क्यों की, यह वह भी नहीं समझ पा रहा है।
पूछताछ में विपिन ने पुलिस अफसरों को बताया कि मौजूदा समय में वह एक प्रशासनिक अफसर की गाड़ी चलाता है। इससे पहले कई सालों तक वह बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरी की गाड़ी चलाता था। करीब दो-ढाई साल पहले वह वहां काम छोड़कर दूसरी जगह काम पर लग गया था। बताया कि नरेंद्र गिरी की गाड़ी चलाने के दौरान ही उसका जगदीश पुरी महाराज से संपर्क हुआ था। जिसके बाद उसने भाई विकास को उनके यहां ड्राइवर का काम दिला दिया था। तब से विकास उन्हीं की गाड़ी चला रहा था।
अल्लापुर में हुई इस सनसनीखेज वारदात से लोग दहशत में दिखे। युवक की हत्या की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते दुकानों के शटर गिरने लगे। मौके पर भारी फोर्स देखकर लोग घरों में कैद हो गए। उधर कुछ ही देर में बाजारों में सन्नाटा पसर गया। पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई इस घटना से अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों, परिचितों में आक्रोश भी दिखा। उनका कहना था कि चौकी के पास हुई घटना से साफ है कि इलाके में बदमाशों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया। अल्लापुर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में सरेआम हत्या की वारदात को अंजाम देकर निकल जाना बदमाशों के दुस्साहस का परिचय है।
युवक को गोली पुराने साकेत अस्पताल के सामने मारी गई। पुलिस का कहना है कि अस्पताल के बाहर सीसीटीवी कैमरा
लगा हुआ है। हो सकता है कि हत्यारों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हो। घटना के चश्मदीद गोलू ने पुलिस को बताया है कि हमलावरों का चेहरा भी खुला हुआ था। ऐसे में पुलिस देर रात तक सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी रही।
विज्ञापन
फौजदार सिंह प्रतापगढ़ के मानधाता थाना क्षेत्र स्थित हैसी जयचंद गांव के रहने वाले हैं। किसानी करके अपना जीवन यापन करने वाले फौजदार के दो बेटों में विकास सिंह(22) छोटा था। बड़ा भाई विपिन सिंह जार्जटाउन स्थित अल्लापुर के न्याय विहार कॉलोनी में मकान बनवाकर पत्नी व दो बच्चों संग रहता है। विपिन के साथ ही रहने वाला विकास ढाई साल से आनंद अखाड़े के महाराज जगदीश पुरी की गाड़ी चलाता था और अक्सर उनके साथ ही रहता था। महाराज का आश्रम अल्लापुर के अलावा गुजरात में भी है, जहां से उन्हें लेकर दो दिन पहले ही विकास लौटा था। रविवार शाम करीब आठ बजे विकास पड़ोस में ही रहने वाले दोस्तोें गोलू पांडेय, विनायक श्रीवास्तव व नितिन त्रिपाठी के साथ घूमने के लिए कार से निकला। गोलू ने बताया कि कुंदन गेस्ट हाउस के पास नाश्ता करने के बाद सभी घर लौटने लगे। कार विकास चला रहा था जबकि गोलू उसके बगल वाली सीट पर बैठा था।
विज्ञापन
विनायक व नितिन पिछली सीट पर बैठे थे। 8.30 बजे के करीब वे अल्लापुर पुलिस चौकी पार कर पुराने साकेत अस्पताल के सामने पहुंचे थे कि तभी तीन बाइकसवार युवक आ धमके। गोलू ने बताया कि उसकी तरफ की खिड़की का शीशा खुला हुआ था। वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही एक युवक ने असलहा निकालकर पहले हवाई फायर दागा। अगले ही पल उसने विकास को निशाना बनाकर फायर कर दिया। गोली सीधे विकास के सिर में जा धंसी और वह ड्राइविंग सीट पर लुढ़क गया। इसके बाद हमलावर भाग निकले। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो विकास खून से लथपथ पड़ा था। सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची और उसे एसआरएन अस्पताल ले गई। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की खबर घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। सूचना पर एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव अस्पताल पहुंचे और घटना के चश्मदीद गोलू, विनायक से पूछताछ की। खबर लिखे जाने तक परिजनों से पूछताछ जारी थी।
विज्ञापन
युवक दो दिन पहले ही गुजरात से घर लौटा था। घरवालों ने किसी तरह की रंजिश की बात से इंकार किया है। घटना के वक्त साथ रहे मृतक के दोस्तों से पूछताछ की जा रही है।
नितिन तिवारी, एसएसपी
भाई की मौत की सूचना पर अस्पताल पहुंचे विपिन व अन्य रिश्तेदारों ने किसी रंजिश की बात से इंकार कर दिया। बताया कि विकास ज्यादातर वक्त महाराज जी के साथ गुजरात में ही रहता था। महाराज जी के अल्लापुर स्थित आश्रम आने पर ही वह घर आता था। दो दिन पहले ही वह घर आया था। रविवार शाम को भी वह आश्रम में ही था। पता चला कि वहां से लौटने पर वह घूमने चला गया था। विपिन ने बताया कि कार उसकी ही थी। बताया कि उसका खुद का भी किसी से विवाद नहीं है। ऐसे में विकास की हत्या किसने, क्यों की, यह वह भी नहीं समझ पा रहा है।
पूछताछ में विपिन ने पुलिस अफसरों को बताया कि मौजूदा समय में वह एक प्रशासनिक अफसर की गाड़ी चलाता है। इससे पहले कई सालों तक वह बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरी की गाड़ी चलाता था। करीब दो-ढाई साल पहले वह वहां काम छोड़कर दूसरी जगह काम पर लग गया था। बताया कि नरेंद्र गिरी की गाड़ी चलाने के दौरान ही उसका जगदीश पुरी महाराज से संपर्क हुआ था। जिसके बाद उसने भाई विकास को उनके यहां ड्राइवर का काम दिला दिया था। तब से विकास उन्हीं की गाड़ी चला रहा था।
अल्लापुर में हुई इस सनसनीखेज वारदात से लोग दहशत में दिखे। युवक की हत्या की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते दुकानों के शटर गिरने लगे। मौके पर भारी फोर्स देखकर लोग घरों में कैद हो गए। उधर कुछ ही देर में बाजारों में सन्नाटा पसर गया। पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई इस घटना से अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों, परिचितों में आक्रोश भी दिखा। उनका कहना था कि चौकी के पास हुई घटना से साफ है कि इलाके में बदमाशों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया। अल्लापुर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में सरेआम हत्या की वारदात को अंजाम देकर निकल जाना बदमाशों के दुस्साहस का परिचय है।
युवक को गोली पुराने साकेत अस्पताल के सामने मारी गई। पुलिस का कहना है कि अस्पताल के बाहर सीसीटीवी कैमरा
लगा हुआ है। हो सकता है कि हत्यारों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हो। घटना के चश्मदीद गोलू ने पुलिस को बताया है कि हमलावरों का चेहरा भी खुला हुआ था। ऐसे में पुलिस देर रात तक सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी रही।