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रेप पीड़िता बनी अनसुलझी पहेली
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 13 Aug 2018 01:28 AM IST
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rape
- फोटो : Demo
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रेलवे अस्पताल परिसर में गैंगरेप के मामले में भले ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन मामला अब भी उलझा हुआ है। दरसअल पुलिस के सामने फिलहाल बड़ी चुनौती पीड़िता को ढूंढ़ने की है। बिना नाम-पते के उसे ढूंढ़ना पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। एक सवाल यह भी है कि पीड़िता खुद कहीं चली गई या फिर उसे गायब कर दिया गया। फिलहाल पुलिस का यही कहना है कि जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक जो भी बातें सामने आई हैं, उससे मामला बेहद उलझा है। दरअसल शिकायत करने वाले डॉक्टरों को भी पीड़ित युवती के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसके वाराणसी के होने की बात भी आरोपियों से ही पता चली है। घटना के बाद युवती कहां गई, इस बारे में किसी के पास पुख्ता जानकारी नहीं है। पुलिस की मानें तो शिकायती पत्र में डॉक्टरों ने कहा है कि उन्होंने चारों कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। इनमें से एक का कहना है कि घटना वाली रात उसे युवती स्टेशन के पास घूमती मिली थी। परेशान देख वह उसके पास जाकर बैठ गया था। उधर एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि युवती ने खुद के वाराणसी के होने की बात बताई थी। हालांकि उसने यह भी बताया था कि उसकी मां उससे काम कराती थी और पैसा खुद रख लेती थी। जिससे तंग आकर वह छह महीने पहले घर छोड़कर भाग निकली थी। हालांकि छह महीने तक वह कहां रही, इस बारे में कर्मचारी कुछ नहीं बता सका था।
कर्मचारियों से पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपियों में से ही एक कर्मचारी उसे अपने साथ घर ले गया था। दरअसल उस कर्मचारी का कहना था कि उसकी बहन की शादी वाराणसी में हुई थी। ऐसे में वह युवती के घर के बारे में पता लगाकर उसे उसके घर पहुंचा देगा। हालांकि सुबह जब उसने बहन से बात की तो युवती के की ओर से बताया गया पता गलत निकला। कर्मचारी ने अपने बयान में कहा है कि सुबह वह ड्यूटी पर चला गया और इसी दौरान युवती उसके घर से निकल गई। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला।
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सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बयान के मुताबिक युवती खुद कहीं चली गई। हालांकि आरोपियोें के बयान में कितनी सच्चाई है, इसका पता युवती के मिलने के बाद ही पता चल सकेगा। यह भी हो सकता है कि आरोपियों ने ही युवती को गायब किया हो और खुद को बचाने के लिए वह कहानी गढ़ रहे हों। फिलहाल औपचारिक रूप से अभी कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। जांच की जा रही है।
जिस रेलवे अस्पताल में गैंगरेप की बात सामने आई है, वहां कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में पुलिस अब इन कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी में है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि आरोपी युवती को मेन गेट से ही लेकर अस्पताल के भीतर गए हों। हालांकि सूत्रों की मानें तो रेलवे अस्पताल परिसर की चहारदीवारी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यह भी हो सकता है कि आरोपी उसे उन्हीं में से एक जगह से लेकर अस्पताल में आए हों। ऐसा उन्होंने सीसीटीवी की जद में आने से बचने के लिए किया हो।
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पुलिस के मुताबिक, अब तक जो भी बातें सामने आई हैं, उससे मामला बेहद उलझा है। दरअसल शिकायत करने वाले डॉक्टरों को भी पीड़ित युवती के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसके वाराणसी के होने की बात भी आरोपियों से ही पता चली है। घटना के बाद युवती कहां गई, इस बारे में किसी के पास पुख्ता जानकारी नहीं है। पुलिस की मानें तो शिकायती पत्र में डॉक्टरों ने कहा है कि उन्होंने चारों कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। इनमें से एक का कहना है कि घटना वाली रात उसे युवती स्टेशन के पास घूमती मिली थी। परेशान देख वह उसके पास जाकर बैठ गया था। उधर एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि युवती ने खुद के वाराणसी के होने की बात बताई थी। हालांकि उसने यह भी बताया था कि उसकी मां उससे काम कराती थी और पैसा खुद रख लेती थी। जिससे तंग आकर वह छह महीने पहले घर छोड़कर भाग निकली थी। हालांकि छह महीने तक वह कहां रही, इस बारे में कर्मचारी कुछ नहीं बता सका था।
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कर्मचारियों से पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपियों में से ही एक कर्मचारी उसे अपने साथ घर ले गया था। दरअसल उस कर्मचारी का कहना था कि उसकी बहन की शादी वाराणसी में हुई थी। ऐसे में वह युवती के घर के बारे में पता लगाकर उसे उसके घर पहुंचा देगा। हालांकि सुबह जब उसने बहन से बात की तो युवती के की ओर से बताया गया पता गलत निकला। कर्मचारी ने अपने बयान में कहा है कि सुबह वह ड्यूटी पर चला गया और इसी दौरान युवती उसके घर से निकल गई। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला।
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सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बयान के मुताबिक युवती खुद कहीं चली गई। हालांकि आरोपियोें के बयान में कितनी सच्चाई है, इसका पता युवती के मिलने के बाद ही पता चल सकेगा। यह भी हो सकता है कि आरोपियों ने ही युवती को गायब किया हो और खुद को बचाने के लिए वह कहानी गढ़ रहे हों। फिलहाल औपचारिक रूप से अभी कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। जांच की जा रही है।
जिस रेलवे अस्पताल में गैंगरेप की बात सामने आई है, वहां कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में पुलिस अब इन कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी में है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि आरोपी युवती को मेन गेट से ही लेकर अस्पताल के भीतर गए हों। हालांकि सूत्रों की मानें तो रेलवे अस्पताल परिसर की चहारदीवारी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यह भी हो सकता है कि आरोपी उसे उन्हीं में से एक जगह से लेकर अस्पताल में आए हों। ऐसा उन्होंने सीसीटीवी की जद में आने से बचने के लिए किया हो।