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माहौल, अनुशासन, उत्साह का अनूठा संगम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:36 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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परेड मैदान पर समुत्कर्षा बालिका शिविर के उद्घाटन अवसर पर अनुशासन और उत्साह का अनूठा संगम दिखा। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के 49 जिलों से जुटी 15 हजार बालिकाएं उत्साह से लबरेज रहीं। परेड मैदान में कतारबद्ध होकर बैठीं इन बालिकाओं के चेहरों पर नया सीखने की चाह साफ नजर आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ बेटी बढ़ाओ का नारा दिया तो इन बालिकाओं को चेहरे खिल गए। उन्होंने खास तरह की सैनिक ताली बजाकर सीएम का अभिनंदन किया।
परेड मैदान पर आयोजित उद्घाटन समारोह में सभी बालिकाएं सुबह 10 बजे पहुंच गईं। करीब दो घंटे बाद दिन में 12 बजे मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे। इस बीच बालिकाएं पूरे संयम से डटी रहीं और मंच से मिलते हर निर्देश, मातृ भारती एवं पूर्व छात्राओं के निर्देशों का पालन करती नजर आईं। सीएम के कार्यक्रम में पहुंचते ही अनुशासन के साथ इन बालिकाओं ने खडे़ होकर उनका स्वागत किया। इसमें ज्यादातर बालिकाएं ऐसी रहीं, जिन्होंने सीएम को पहली बार सामने से देखा, सो उत्साह बढ़ गया। अखंडपुर बलिया के नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर में सातवीं की छात्रा कीर्तिका सिंह के लिए समुत्कर्षा बालिका शिविर नए तरह का अनुभव रहा। हजारों साथी बालिकाओं के बीच तरह-तरह के आयोजनों का हिस्सा बनने की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलकती नजर आई। कीर्तिका बोलीं, शिविर में संयुक्त परिवार जैसा माहौल है। शाम को अन्य साथियों के साथ शिविर में पहुंचीं, फिर कुछ देर आराम के बाद योग आदि कार्यक्रम के अभ्यास में हिस्सा लिया। देर रात तक शिविर में मस्ती भी की।
देवरिया के भगनी निवेदिता बालिका विद्यालय में कक्षा नौ की छात्रा अराध्या सिंह को पहली बार घर से इतनी दूर किसी शिविर में शामिल होने का मौका मिला। शिविर में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं से मिलना भी उनके लिए नया अनुभव है। बोलीं, समुत्कर्षा शिविर में दूसरे जिलों से आई छात्राओं से मिलकर बेहद खुशी हो रही है। कई नई सहेलियां भी बन गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पहली बार सामने से देखा, बोलीं मुख्यमंत्री ने बालिकाओं को आगे बढ़ने का संदेश दिया। अब वापस लौटकर मम्मी-पापा से लेकर सहेलियों तक से अपने अनुभव साझा करेंगी। गोरखपुर के सरस्वती बालिका विद्यालय में कक्षा नौ की छात्रा अनन्या बोलीं, पहली बार घर से इतनी दूर किसी कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला, वह भी चार दिन के लिए। यहां काफी नई सहेलियां बनीं, नई-नई चीजें सीखने का मौका मिला। वापस लौटकर घर, परिवार समेत विद्यालयों की सहेलियों के साथ अनुभव साझा करेंगी। अनन्या मुख्यमंत्री के बालिका शिक्षा पर भाषण से काफी प्रभावित हुईं।
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बाराबंकी रामसनेह स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा पांच की नन्हीं छात्रा रिसिका के लिए समुत्कर्षा शिविर में शामिल होना किसी सपने सरीका है। वरिष्ठ छात्राओं की लाडली रिसिका यहां पहुंचने के पहले तक मम्मी-पापा और भइया को पूरे रास्ते याद करती रहीं लेकिन शिविर में आने और यहां दीदी लोगों के बीच परिवार को भूल गईं। काफी सारी नई सहेलियां भी बन गईं, जिनके साथ नाच-गाने से लेकर दूसरे गतिविधियों में व्यस्त हो गईं। बोलीं शिविर में अच्छा लग रहा है। दूसरे विद्यालयों की छात्राओं से मिलने का मौका मिला। सुल्तानपुर के धम्मौर स्थित सरस्वती शिक्षा माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11 की छात्रा प्रत्यक्षा सिंह पहली बार इलाहाबाद आई हैं। वह माघ मेला की भव्यता देख अचंभित हैं। बोलीं, माघ मेला के बीच इस तरह के आयोजन का हिस्सा बनने पर काफी खुशी हो रही है। शिविर में साथी छात्राओं के साथ आचार्यों के सानिध्य में नई-नई चीजें सीखने का मौका मिल रहा है। वह लौट कर परिवार को भी इसके बारे में बताएंगे।
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परेड मैदान पर आयोजित उद्घाटन समारोह में सभी बालिकाएं सुबह 10 बजे पहुंच गईं। करीब दो घंटे बाद दिन में 12 बजे मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे। इस बीच बालिकाएं पूरे संयम से डटी रहीं और मंच से मिलते हर निर्देश, मातृ भारती एवं पूर्व छात्राओं के निर्देशों का पालन करती नजर आईं। सीएम के कार्यक्रम में पहुंचते ही अनुशासन के साथ इन बालिकाओं ने खडे़ होकर उनका स्वागत किया। इसमें ज्यादातर बालिकाएं ऐसी रहीं, जिन्होंने सीएम को पहली बार सामने से देखा, सो उत्साह बढ़ गया। अखंडपुर बलिया के नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर में सातवीं की छात्रा कीर्तिका सिंह के लिए समुत्कर्षा बालिका शिविर नए तरह का अनुभव रहा। हजारों साथी बालिकाओं के बीच तरह-तरह के आयोजनों का हिस्सा बनने की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलकती नजर आई। कीर्तिका बोलीं, शिविर में संयुक्त परिवार जैसा माहौल है। शाम को अन्य साथियों के साथ शिविर में पहुंचीं, फिर कुछ देर आराम के बाद योग आदि कार्यक्रम के अभ्यास में हिस्सा लिया। देर रात तक शिविर में मस्ती भी की।
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देवरिया के भगनी निवेदिता बालिका विद्यालय में कक्षा नौ की छात्रा अराध्या सिंह को पहली बार घर से इतनी दूर किसी शिविर में शामिल होने का मौका मिला। शिविर में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं से मिलना भी उनके लिए नया अनुभव है। बोलीं, समुत्कर्षा शिविर में दूसरे जिलों से आई छात्राओं से मिलकर बेहद खुशी हो रही है। कई नई सहेलियां भी बन गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पहली बार सामने से देखा, बोलीं मुख्यमंत्री ने बालिकाओं को आगे बढ़ने का संदेश दिया। अब वापस लौटकर मम्मी-पापा से लेकर सहेलियों तक से अपने अनुभव साझा करेंगी। गोरखपुर के सरस्वती बालिका विद्यालय में कक्षा नौ की छात्रा अनन्या बोलीं, पहली बार घर से इतनी दूर किसी कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला, वह भी चार दिन के लिए। यहां काफी नई सहेलियां बनीं, नई-नई चीजें सीखने का मौका मिला। वापस लौटकर घर, परिवार समेत विद्यालयों की सहेलियों के साथ अनुभव साझा करेंगी। अनन्या मुख्यमंत्री के बालिका शिक्षा पर भाषण से काफी प्रभावित हुईं।
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बाराबंकी रामसनेह स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा पांच की नन्हीं छात्रा रिसिका के लिए समुत्कर्षा शिविर में शामिल होना किसी सपने सरीका है। वरिष्ठ छात्राओं की लाडली रिसिका यहां पहुंचने के पहले तक मम्मी-पापा और भइया को पूरे रास्ते याद करती रहीं लेकिन शिविर में आने और यहां दीदी लोगों के बीच परिवार को भूल गईं। काफी सारी नई सहेलियां भी बन गईं, जिनके साथ नाच-गाने से लेकर दूसरे गतिविधियों में व्यस्त हो गईं। बोलीं शिविर में अच्छा लग रहा है। दूसरे विद्यालयों की छात्राओं से मिलने का मौका मिला। सुल्तानपुर के धम्मौर स्थित सरस्वती शिक्षा माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11 की छात्रा प्रत्यक्षा सिंह पहली बार इलाहाबाद आई हैं। वह माघ मेला की भव्यता देख अचंभित हैं। बोलीं, माघ मेला के बीच इस तरह के आयोजन का हिस्सा बनने पर काफी खुशी हो रही है। शिविर में साथी छात्राओं के साथ आचार्यों के सानिध्य में नई-नई चीजें सीखने का मौका मिल रहा है। वह लौट कर परिवार को भी इसके बारे में बताएंगे।