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बेकाबू ट्रैक्टर ने मासूम को कुचला, मौत

Wed, 28 Dec 2016 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 28 Dec 2016 02:43 AM IST
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tractor kills a girl on highway
बेटी के शव के पास रोती मां। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
झूंसी के बंधवा ताहिरपुर इलाके में मंगलवार सुबह मां-बाप की आंखों के सामने बेकाबू ट्रैक्टर ने तीन साल की मासूम को कुचल दिया। ट्रैक्टर की चपेट में आने से उसकी मौके पर मौत हो गई। बच्ची सड़क के किनारे खड़ी मां का हाथ छुड़ाकर पिता के पीछे सड़क पार गुमटी तक जाने के लिए भागी थी। तभी ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। आंखों के सामने बेटी की मौत का मंजर देखकर मां-पिता बदहवास हैं। झूंसी पुलिस ने चालक को ट्रैक्टर समेत पकड़ लिया है। 
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मूलत: हंडिया के कुकुड़हा गांव निवासी सचिन त्रिपाठी पत्नी नीलम और तीन साल की बेटी रुनझुन के साथ झूंसी के बंधवा ताहिरपुर गांव स्थित प्राईवेट कालोनी में रहता है। मंगलवार सुबह तकरीबन दस बजे वह बाइक से पत्नी नीलम और बेटी रुनझुन के साथ गांव जाने के लिए निकला था। कालोनी से निकलने के बाद झूंसी-चमनगंज मार्ग पर आकर सचिन गुटखा खाने के लिए रुका। बाइक किनारे खड़ी वह सड़क पार कर दूसरी ओर गुमटी पर चला आया था। तभी तीन साल की मासूम रुनझुन मां नीलम का हाथ छुड़ाकर पिता के पीछे भागी। इसी बीच सामने से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रैक्टर ने बालिका को कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अपनी आंखों के सामने मासूम को ट्रैक्टर के नीचे दबा देख मां-बाप बेसुध हो गए। बेटी का क्षत-विक्षत शव देखकर नीलम अचेत होकर सड़क पर गिर पड़ी। ट्रैक्टर छोड़कर चालक भागा तो ग्रामीणों ने दौड़ाकर उसे दबोच लिया। दुर्घटना की खबर पाकर इंस्पेक्टर झूंसी नागेंद्र चौबे फोर्स सहित मौके पर पहुंचे। दुर्घटना को लेकर स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश था।  किसी तरह पुलिस ने स्थानीय लोगों को शांत कराया और बच्ची के शव को कब्जे में लेकर चीरघर भेजा। 
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इकलौती संतान थी रुनझुन
चमनगंज मार्ग पर बंधवा ताहिरपुर गांव के पास हादसे में मारी गई मासूम रुनझुन मां-बाप की इकलौती संतान थी। उसकी मौत से मां नीलम बेसुध पड़ी रही। जबकि पिता सचिन बदहवास था। घटनास्थल से लेकर झूंसी थाने तक वह गुमसुम बैठा रहा। पुलिस वाले एफआईआर  लिखने के लिए थाने में सचिन से बेटी का नाम पूछते रहे लेकिन सचिन इस कदर रोते-रोते बेहाल था कि उसकी जुबान पर बेटी का नाम ही नहीं आ रहा था। हादसे की खबर पाकर हंडिया से गांव के लोग भी रोते कलपते एसआरएन पहुंचे। 
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