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तीन साल से लगातार मिल रही थी रंगदारी के लिए धमकी

Mon, 10 Sep 2018 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 10 Sep 2018 01:20 AM IST
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Three years of continuous getting threat to dredging
क्राइम
लगातार रंगदारी मांगने से सहमे व्यापारी घर तक छोडने के लिए मजबूर हो गए हैं। तीन सालों से लगातार रंगदारी के लिए मिल रही धमकी से भयभीत  अमरगढ़ बाजार के व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार ऊमरवैश्य रविवार की रात अपना घरबार छोड़ पलायन कर गए। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अमरगढ़ बाजार के गल्ला व्यापारी व व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार ऊमरवैश्य उर्फ बच्चा सेठ रंगदारी की धमकी से इस कदर सहम गए हैं कि अपनी व परिवार के लोगों की जिंदगी की हिफाजत के लिए कठोर फैसला लेने के लिए मजबूर हो गए। परिवार के लोगों के साथ मिलकर गृहस्थी का सारा सामान समेट लिया। घर छोडने की बाबत मकान के बाहर वजह भी कागज पर लिखकर चस्पा कर दिया है।
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उनका आरोप है कि तीन साल से लगातार उनसे रंगदारी मांगी जा रही है। तीन बार नवंबर 2016 मेें उनसे रंगदारी मांगी गई थी। मोबाइल नंबर बदलने के बाद भी राहत नहीं मिली और  दिसंबर 2017 में उन्हें रंगदारी के लिए धमकी भरा फोन आने लगा। इस साल अगस्त में भी उन्हें कई बार धमकी भरे फोन आए। हर बार उनसे रंगदारी मांगी जाती है। जिससे वह व उनका पूरा परिवार सहमा रहता है। रंगदारी के लिए लगातार मिलने वाली धमकियों की जानकारी वह प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ ही एडीजी इलाहाबाद व जिले के पुलिस अधीक्षक को दे चुके हैं। धमकी देने वालों का आज तक नहीं सुराग नहीं लग सका। जिसके चलते वह परिवार के साथ अपना घर व कारोबार छोडने को मजबूर हो गए हैं। उन्हें परिवार व खुद के साथ अनहोनी की चिंता सता रही थी। अपने परिवार की सलामती के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। रविवार की देर रात कृष्ण कुमार अपने परिवार के साथ आंखों में अश्क लिए घर से पलायन कर गए। इस बाबत एसओ देवसरा आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलने पर वह भी व्यापारी नेता के घर गए थे। अभी वह घर पर ही मौजूद हैं। उन्हें समझाया बुझाया गया और सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी देने की पेशकश की गई है।
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लगातार तीन सालों से रंगदारी के लिए मिल रही धमकी से व्यापारी नेता कृष्ण कुमार का परिवार डरा सहमा रहता था। बच्चे भी रात में घर से नहीं निकलते थे। इन तीन सालों में उसने सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन भी किया लेकिन उसका लाइसेंस नहीं बन सका। उसका कहना है कि अवैध असलहा व सुरक्षाकर्मी रखने की हिम्मत उसकी नहीं हैं। पत्रावली लंबित पड़ी है। कई बार रिपोर्ट थाने व तहसील से लगवाकर भेजा गया लेकिन प्रशासनिक अफसरों ने कोई तवज्जो नहीं दी।
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अमरगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्ण कुमार ऊमरवैश्य लगातार मिल रही धमकी से सहमे हुए हैं। रविवार को घर से बाहर वह बहुत कम ही निकले। उनका अधिकांश समय घर के भीतर ही बीता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार से व्यापारियों को बहुत सी उम्मीदें थी लेकिन वह पूरा नहीं हो सकी। मौजूदा सरकार में व्यापारियों के ऊपर ही सबसे अधिक जुल्म हो रहा है। कोहड़ौर के व्यापारियों की हत्या का आज तक खुलासा न होना, सच्चाई दर्शाता है। इसलिए वह अपना सबकुछ छोडने के लिए मजबूर हुआ है। वह बताते हैं कि सरकार की ओर से उनकी सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया गया। जिसके चलते बच्चे एक माह से स्कूल जाना बंद कर दिया है।

अमरगढ़ बाजार के व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार ऊमरवैश्य रंगदारी के लिए लगातार मिलने वाली धमकी से सहमे थे। वह दिन में ही अपना काम पूरा करते थे। शाम होने के पहले कारोबार बंद कर घर पहुंच जाया करते थे। रिश्तेदारी व परिचितों के घर जाना भी छोड़ दिया था। रंगदारी मांगने की धमकी से वह ऐसा सहमे कि अब घर छोडक़र पलायन कर गए। अपने अध्यक्ष के इस कदम से बाजार के दूसरे व्यापारी भी दहशत में हैं। अब देखना है कि दूसरे व्यापारी कौन सा कदम उठाते हैं।  

रियल इस्टेट के कारोबारी अनिल पहले ही छोड़ चुके हैं घरबार
अमरगढ़ बाजार के रहने वाले रियल इस्टेट के कारोबारी अनिल अग्रवाल से भी गत माह 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। न देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी मिली थी। धमकी से सहमे अनिल अग्रवाल ने अपना पैतृक घर में ताला बंद कर दिया। वह अंजान स्थान पर चले गए। लोगों का कहना है कि वह अपने परिवार की जिंदगी से कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने प्रदेश ही छोड़ दिया है। कई अन्य व्यापारी भी रंगदारी की धमकी से ऊब चुके हैं। प्रशासन से सुरक्षा न मिलने पर वह अब पलायन करने पर विचार विमर्श कर रहे हैं।

व्यापारी नेता व उसके परिजनों की आंखों से आंसुओं की धारा ही बहती रही। अंजाने खौफ से सहमा परिवार रात के अंधेरे में घर से निकला। वह कहां जाएगा, इसके बारे में पूरी गोपनीयता रखा हुआ था। यहां तक नए ठिकाने पर पहुंचने के बाद मोबाइल नंबर भी बदलना तय है। सुबह से सामान पैक करने के साथ परिवार की महिलाएं व खुद कृष्ण कुमार अपने घर को बराबर निहारते रहे। जिस घर में पैदा हुए। वही आज उनके लिए बेगाना हो गया। जिस बाजार में पले बढ़े और कारोबार में सफलता हासिल की। वह सबकुछ आज छोडक़र दूर जाने वाले बच्चा सेठ के चेहरे पर खौफ बताता रहा।


बिहार। स्थानीय बाजार से अपहृत लडक़ी को पुलिस ने नाटकीय तरीके से रविवार की रात बरामद कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ करने के बाद परिवार के लोगों को मिलने के लिए मुख्यालय बुलाया है। पुलिस से सूचना मिलने के बाद ही परिजन करीबियों के साथ लडक़ी से मिलने के लिए महिला थाना रवाना हो गए। एएसपी पश्चिमी शिवाजी शुक्ला ने बताया कि लडक़ी मिल गई है। अब आगे कानूनी कार्रवाई होगी।
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