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आत्मदाह की घटना में छात्रनेता की भूमिका संदिग्ध

Sat, 11 Feb 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 11 Feb 2017 01:31 AM IST
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The role of self-immolation in the event of suspected Chhatraneta
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को मोहम्मद जाबिर रजा के आत्मदाह की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। इसमें आंदोलन की अगुवाई कर रहे एक छात्रनेता की भूमिका संदिग्ध हो गई है। उसके उकसाने पर ही छात्र द्वारा आत्मदाह करने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि कुलपति दफ्तर के पास इसी छात्रनेता के निकलने के बाद हलचल बढ़ गई थी। पेट्रोल से भरा गैलन भी उसी के पास होने की बात पता चली है।
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कुलपति दफ्तर पर लगे सीसीटीवी कैमरों में सारी गतिविधि रिकार्ड होने के दावे किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से फुटेज मांगे गए हैं। इसके लिए रजिस्ट्रार की ओर से विभाग को पत्र लिखा गया है। विश्वविद्यालय और पुलिस की जांच फुटेज पर निर्भर करेगी और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जाबिर इस आंदोलन में शामिल जरूर था, लेकिन बहुत सक्रिय नहीं था। इसकी वजह से छात्रनेता की भूमिका को लेकर आशंकाओं को और बल मिला है। बताया जा रहा है कि पहले जाबिर के साथ संदिग्ध छात्रनेता भी आत्मदाह करने की तैयारी में था, लेकिन बाद में वह पीछे हट गया। यह भी कहा जा रहा है कि जाबिर इसी संदिग्ध छात्रनेता की गाड़ी में ही कुलपति दफ्तर पर पहुंचा था। छात्रनेता के हाथ में पेट्रोल का गैलन था। हालांकि ,विश्वविद्यालय परिसर में अभी सभी जगह सीसीटीवी कैमरे नहीं लग पाए हैं, लेकिन कुलपति दफ्तर पर लगे आधा दर्जन से अधिक कैमरे काम कर रहे हैं।
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उन कैमरों में कुलपति दफ्तर के पास की हर गतिविधि रिकार्ड है। अफसरों का कहना है कि शुक्रवार को छुट्टी रही। इसके अलावा कुलपति दफ्तर आरएएफ के हवाले है। तनाव को देखते हुए कुलपति दफ्तर नहीं खोला गया। ऐसे में सीसीटीवी के फुटेज का अभी अध्ययन नहीं किया जा सका है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार ने इस बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि सीसीटीवी कैमरों के फुटेज मांगे गए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से भी फुटेज की मांग की गई है। उसमें यदि किसी की स्थिति संदिग्ध पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।


विश्वविद्यालय में आंदोलन के दौरान आत्मदाह करने वाले छात्र मोहम्मद जाबिर रजा की हालत खतरे से बाहर है। शुक्रवार सुबह उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी तबीयत में सुधार बताया जा रहा है। जाबिर की तबीयत जानने तथा बेहतर इलाज सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसर भी अस्पताल पहुंचे थे। जाबिर के साथ दिल्ली गए अध्यापकों ने बताया कि उसकी तबीयत ठीक है। दोनाें अध्यापक रात में इलाहाबाद के लिए रवाना भी हो गए।
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