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गैंगरेप पीड़ित से पुलिस ने कहा-बदल दो बयान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 23 Jul 2016 01:51 AM IST
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अलोपीबाग में किराए पर रहने वाले बिजली मिस्त्री की 10 वर्षीय बेटी को किसी मकान के तहखाने में दो दिन तक बंधक बनाकर गैंगरेप में एक नामजद और दो अज्ञात लोगों पर मुकदमा लिखा गया है। इस मामले में नेताओं के दबाव पर शुक्रवार आधी रात तक थाने में आरोपी को बचाने और छोड़ने के लिए दबाव और पैसे का खेल चलता रहा। एफआईआर लिखने के बाद हिरासत में लिए गए नामजद आरोपी 53 वर्षीय व्यक्ति को छोड़ने के लिए रात में दारागंज थाने के इंस्पेक्टर ने लड़की और उसके पिता को कमरे में बुलाकर कहा कि पैसे लेकर बयान बदल दो।
फैजाबाद से आकर अलोपीबाग में किराए पर रहने वाले बिजली मिस्त्री की दस वर्षीय बेटी सोमवार को लापता होने के बाद बुधवार शाम खुद घर लौटी। उसने रोते हुए परिजनों को बताया कि मकान मालिक के 53 वर्षीय भाई अनिल दुबे ने उसे दो दिन तक एक घर के तहखाने में बंधक बनाकर दो लोगों के साथ दरिंदगी की। दारागंज थाने में बृहस्पतिवार रात काफी देर हंगामे के बाद पुलिस ने तहरीर लेकर पीड़ित लड़की को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा था।
आधी रात बाद पुलिस ने एफआईआर लिखी, जिसमें नाबालिग लड़की को बहलाकर ले जाने के बाद सामूहिक बलात्कार का आरोप है। पुलिस ने आरोपी अनिल दुबे को भी रिपोर्ट लिखकर हिरासत में ले लिया था। मगर बाकी दो लोगों की तलाश की बजाय मुख्य आरोपी को ही बचाने की कवायद होने लगी। एक नेता ने समर्थकों के साथ थाने पर जाकर दबाव बनाया कि आरोपी अनिल को रिहा कर दिया जाए। शायद इस दबाव का ही नतीजा था कि नामजद केस के बावजूद उसे जेल नहीं भेजा गया। दारागंज थाना प्रभारी बीपी त्रिपाठी का कहना था कि मेडिकल टेस्ट पूरा नहीं हो सका है। जबकि वकील शशिरिष श्रीवास्तव का कहना है कि रेप केस में नाबालिग पीड़िता का बयान कार्रवाई के लिए काफी है।
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शुक्रवार रात तक वहां नेताओं का आना-जाना लगा रहा। अनिल एक नेता का खास है। रात करीब ग्यारह बजे लड़की के साथ उसके माता-पिता को थाने के भीतर बुलाया गया। कुछ देर बाद पिता ने बाहर आने पर अमर उजाला संवाददाता से फोन पर बात की। पिता के मुताबिक- इंस्पेक्टर ने कहा कि पैसे लेकर बयान बदल दो मगर मैंने मना कर दिया। किसके दबाव में ऐसा हुआ? इस सवाल पर पिता ने एक नेता का नाम लेते हुए कहा कि उसके दबाव पर। लड़की के पिता के आरोप से साफ है कि पुलिस किसी भी तरह नेताओं के दबाव मेें पैसे के जोर पर आरोपी को बचाने पर तुली है।
‘गैंगरेप के मामले में मुख्य आरोपी को बचाने के लिए दारागंज थाने में चल रहे मसले की जानकारी नहीं है। मैं इस बारे में करता हूं और अगर पैसे या किसी और जोर-दबाव के जरिये बयान बदलने को कहा जा रहा है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
-जोगेंद्र कुमार, एसएसपी
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फैजाबाद से आकर अलोपीबाग में किराए पर रहने वाले बिजली मिस्त्री की दस वर्षीय बेटी सोमवार को लापता होने के बाद बुधवार शाम खुद घर लौटी। उसने रोते हुए परिजनों को बताया कि मकान मालिक के 53 वर्षीय भाई अनिल दुबे ने उसे दो दिन तक एक घर के तहखाने में बंधक बनाकर दो लोगों के साथ दरिंदगी की। दारागंज थाने में बृहस्पतिवार रात काफी देर हंगामे के बाद पुलिस ने तहरीर लेकर पीड़ित लड़की को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा था।
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आधी रात बाद पुलिस ने एफआईआर लिखी, जिसमें नाबालिग लड़की को बहलाकर ले जाने के बाद सामूहिक बलात्कार का आरोप है। पुलिस ने आरोपी अनिल दुबे को भी रिपोर्ट लिखकर हिरासत में ले लिया था। मगर बाकी दो लोगों की तलाश की बजाय मुख्य आरोपी को ही बचाने की कवायद होने लगी। एक नेता ने समर्थकों के साथ थाने पर जाकर दबाव बनाया कि आरोपी अनिल को रिहा कर दिया जाए। शायद इस दबाव का ही नतीजा था कि नामजद केस के बावजूद उसे जेल नहीं भेजा गया। दारागंज थाना प्रभारी बीपी त्रिपाठी का कहना था कि मेडिकल टेस्ट पूरा नहीं हो सका है। जबकि वकील शशिरिष श्रीवास्तव का कहना है कि रेप केस में नाबालिग पीड़िता का बयान कार्रवाई के लिए काफी है।
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शुक्रवार रात तक वहां नेताओं का आना-जाना लगा रहा। अनिल एक नेता का खास है। रात करीब ग्यारह बजे लड़की के साथ उसके माता-पिता को थाने के भीतर बुलाया गया। कुछ देर बाद पिता ने बाहर आने पर अमर उजाला संवाददाता से फोन पर बात की। पिता के मुताबिक- इंस्पेक्टर ने कहा कि पैसे लेकर बयान बदल दो मगर मैंने मना कर दिया। किसके दबाव में ऐसा हुआ? इस सवाल पर पिता ने एक नेता का नाम लेते हुए कहा कि उसके दबाव पर। लड़की के पिता के आरोप से साफ है कि पुलिस किसी भी तरह नेताओं के दबाव मेें पैसे के जोर पर आरोपी को बचाने पर तुली है।
‘गैंगरेप के मामले में मुख्य आरोपी को बचाने के लिए दारागंज थाने में चल रहे मसले की जानकारी नहीं है। मैं इस बारे में करता हूं और अगर पैसे या किसी और जोर-दबाव के जरिये बयान बदलने को कहा जा रहा है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
-जोगेंद्र कुमार, एसएसपी