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चार अन्य लोगों का भी हत्यारा निकला भाई का कातिल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 28 Aug 2018 02:05 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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थरवई के बहमलपुर गांव में चार दिन पहले जींस के विवाद में अपने भाई की हत्या करने का आरोपी चार अन्य लोगों का भी हत्यारोपी निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो इस बात का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि युवक क्षेत्र में हुए दो दोहरे हत्याकांड में भी शामिल था। उसके दो साथियों की तलाश की जा रही है।
एसएसपी बहमलपुर गांव मे 23 अगस्त को सुरेंद्र (24) पुत्र फूलचंद की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। आरोप लगा था कि बड़े भाई राजेन्द्र ने जींस पैंट के विवाद मे वारदात को अंजाम दिया। पुलिस तलाश में जुटी थी कि सोमवार को आरोपी राजेंद्र के चकिया घाट गांव में कछार में होने की सूचना मिली। इस पर भोर में पांच बजे फोर्स ने उसे दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घर के पास स्थित खेत से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने जो बताया, उसे सुनकर पुलिसवाले भी स्तब्ध रह गए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि वह नशे का लती है। स्मैक, गांजा व शराब पीने के बाद वह चोरी की वारदात को अंजाम देता है। दो और 25 जुलाई की रात थरवई के सहीजीपुर व हरिरामपुर में दोहरे हत्याकांड को भी उसने ही अपने दो साथियों मिथुन पटेल व सुरेंद्र यादव के साथ मिलकर अंजाम दिया था। बताया कि दो जुलाई की रात सहजीपुर गांव मे वह तीनों विजय बहादुर के घर चोरी करने गए थे। जहां नाकाम रहने पर उन्होंने विजय बहादुर (55) व उसकी पत्नी ऊषा देवी (45)की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी।
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दूसरा दोहरा हत्याकांड 25 जुलाई को हरिरामपुर में अंजाम दिया था। यहां सास-बहू की हत्या की थी। दरअसल आरोपियों में से एक मिथुन महिलाओं के घर के बगल में ही रहता था। उसे सूचना मिली थी कि उस घर में करीब 80 लाख रुपये हैं। यह जानकारी मिलते ही तीनों रात में चोरी की नीयत से वहां पहुंच गए। वहां सास गोमती देवी व बहू सोना देवी बरामदे में सोते मिलीं। दरवाजे पर लगा ताला तोड़ते वक्त आवाज सुनकर गोमती जाग गई। इसके बाद तीनों ने चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। उधर सास की चीख सुनकर बहू सोना देवी उठी तो उसे भी मौत की नींद सुला कर बदमाश भाग निकले। हालांकि वहां से उन्हें मात्र 1300 रुपये मिले थे। पुलिस का कहना है कि राजेंद्र पहले भी सात बार जेल जा चुका है। 10 दिन पहले ही वह रेलवे का सामान चोरी करने के मामले में जेल से छूटकर आया था।
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एसएसपी बहमलपुर गांव मे 23 अगस्त को सुरेंद्र (24) पुत्र फूलचंद की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। आरोप लगा था कि बड़े भाई राजेन्द्र ने जींस पैंट के विवाद मे वारदात को अंजाम दिया। पुलिस तलाश में जुटी थी कि सोमवार को आरोपी राजेंद्र के चकिया घाट गांव में कछार में होने की सूचना मिली। इस पर भोर में पांच बजे फोर्स ने उसे दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घर के पास स्थित खेत से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने जो बताया, उसे सुनकर पुलिसवाले भी स्तब्ध रह गए।
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि वह नशे का लती है। स्मैक, गांजा व शराब पीने के बाद वह चोरी की वारदात को अंजाम देता है। दो और 25 जुलाई की रात थरवई के सहीजीपुर व हरिरामपुर में दोहरे हत्याकांड को भी उसने ही अपने दो साथियों मिथुन पटेल व सुरेंद्र यादव के साथ मिलकर अंजाम दिया था। बताया कि दो जुलाई की रात सहजीपुर गांव मे वह तीनों विजय बहादुर के घर चोरी करने गए थे। जहां नाकाम रहने पर उन्होंने विजय बहादुर (55) व उसकी पत्नी ऊषा देवी (45)की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी।
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दूसरा दोहरा हत्याकांड 25 जुलाई को हरिरामपुर में अंजाम दिया था। यहां सास-बहू की हत्या की थी। दरअसल आरोपियों में से एक मिथुन महिलाओं के घर के बगल में ही रहता था। उसे सूचना मिली थी कि उस घर में करीब 80 लाख रुपये हैं। यह जानकारी मिलते ही तीनों रात में चोरी की नीयत से वहां पहुंच गए। वहां सास गोमती देवी व बहू सोना देवी बरामदे में सोते मिलीं। दरवाजे पर लगा ताला तोड़ते वक्त आवाज सुनकर गोमती जाग गई। इसके बाद तीनों ने चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। उधर सास की चीख सुनकर बहू सोना देवी उठी तो उसे भी मौत की नींद सुला कर बदमाश भाग निकले। हालांकि वहां से उन्हें मात्र 1300 रुपये मिले थे। पुलिस का कहना है कि राजेंद्र पहले भी सात बार जेल जा चुका है। 10 दिन पहले ही वह रेलवे का सामान चोरी करने के मामले में जेल से छूटकर आया था।