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ट्रक भिड़ा टेंपो से, पांच लोगों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 25 Mar 2016 12:19 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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ऐन होली पर पांच गरीब परिवारों में मुसीबत और गम का साया पसर गया। मंगलवार सुबह मिर्जापुर मार्ग पर औद्योगिक क्षेत्र में बेकाबू ट्रक ने नैनी से मेजा की तरफ जा रहे टेंपो को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस टेंपो में ज्यादातर वे लोग थे जो शहर की दाल मिल में पल्लेदारी करते थे। होली के मौके पर वे मेजा, करछना, कौंधियारा इलाके में अपने घर लौट रहे थे। इस अनहोनी में पांच पल्लेदारों की मौत हो गई जबकि टेंपो ड्राइवर समेत सात लोग जख्मी हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। दुर्घटना के बाद भागते ट्रक को रोक ड्राइवर को पकड़ लिया गया।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे की घटना है। नैनी में सरगम चौराहा से रवाना होकर टेंपो मिर्जापुर मार्ग पर डेज मेडिकल चौराहा पर पहुंचा तभी सामने से कोयला लादकर आ रहा ट्रक बेकाबू होकर सड़क की दूसरी पटरी पर आकर उसमें भिड़ गया। टेंपो के परखचे उड़ गए। चीख-पुकार मच गई। राहगीर जुट गए। लोगों ने ट्रक घेरा तो उसमें से एक सिपाही उतरकर अपनी बाइक पर भाग गया। लोग उसे पहचान नहीं सके।
ट्रक ड्राइवर को पकड़ लिया गया। क्षतिग्रस्त टेंपो में फंसे लोगों को खींचकर बाहर निकाला गया। उनमें पांच लोगों की मौत हो चुकी थी। सात लोग घायल थे जिन्हें खबर पाकर पहुंची पुलिस ने दूसरी गाड़ियों और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। मृतकों में मेजा में कोहराड़ घाट रामनिवास (45), कौंधियारा में बहोरी गांव का रामचंद्र (40) पुत्र बनवारीलाल और अशोक कुमार (35) पुत्र रामदास, अकोढा गांव कौंधियारा का संजय कुमार (35) पुत्र मुन्नालाल, करछना में भुंडा गांव का शिवपाल (40) शामिल है। पुलिस ने शवों को चीरघर भेजकर उनके परिवार के लोगों को दुखद घटना की जानकारी दी।
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होली पर इस घटना से मृतकों के घरों में हाहाकार मच गया। मगर गरीबी का आलम यह कि मृतकों के परिवार के इक्का-दुक्का लोग ही अस्पताल पहुंच सके। पोस्टमार्टम के पुलिस-प्रशासन की ओर से मृतकों के शवों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। घायलों का इलाज भी एसआरएन अस्पताल में शुरू कराया गया। घायलों में मेजा इलाके में रहने वाले प्यारेलाल का पुत्र नीरज (20) बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। इस हादसे का शिकार हुए अशोक कुमार के पिता रामदास की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ केस लिखा जबकि ड्राइवर पकड़ा भी गया है। पुलिस ने बताया कि मारे गए सभी लोग बेहद गरीब परिवार के हैं। वे परिवार का गुजारा करने के लिए शहर में मुट्ठीगंज की दाल मिल में पल्लेदारी करते थे। होली के अवसर पर वे सभी अपने घर जा रहे थे। रामबाग से वे टेंपो में सरगम चौराहा पहुंचेे। फिर वहां से वे दूसरे टेंपो में बैठ गए थे।
दुर्घटना के बाद पकड़े गए ट्रक ड्राइवर की बात पर भरोसा करें तो इस हादसे के लिए पुलिसवालों की अवैध धन उगाही जिम्मेदार रही। ट्रक ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि वह मेजा की तरफ से आ रहा था तभी एक पुलिसवाले ने रोक लिया। ट्रक में चढ़कर वह जबरन उसे किनारे लगाने को कहने लगा। इतने में ट्रक की स्टेयरिंग भी फेल हो गई। इसी वजह से ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो को चपेट में ले लिया। हादसा होने के बाद वह सिपाही ट्रक से उतरकर भाग गया। आसपास के लोग उस सिपाही को पहचान नहीं सके, जिससे शक है कि वह किसी और थाने में तैनात है।
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मंगलवार सुबह करीब दस बजे की घटना है। नैनी में सरगम चौराहा से रवाना होकर टेंपो मिर्जापुर मार्ग पर डेज मेडिकल चौराहा पर पहुंचा तभी सामने से कोयला लादकर आ रहा ट्रक बेकाबू होकर सड़क की दूसरी पटरी पर आकर उसमें भिड़ गया। टेंपो के परखचे उड़ गए। चीख-पुकार मच गई। राहगीर जुट गए। लोगों ने ट्रक घेरा तो उसमें से एक सिपाही उतरकर अपनी बाइक पर भाग गया। लोग उसे पहचान नहीं सके।
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ट्रक ड्राइवर को पकड़ लिया गया। क्षतिग्रस्त टेंपो में फंसे लोगों को खींचकर बाहर निकाला गया। उनमें पांच लोगों की मौत हो चुकी थी। सात लोग घायल थे जिन्हें खबर पाकर पहुंची पुलिस ने दूसरी गाड़ियों और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। मृतकों में मेजा में कोहराड़ घाट रामनिवास (45), कौंधियारा में बहोरी गांव का रामचंद्र (40) पुत्र बनवारीलाल और अशोक कुमार (35) पुत्र रामदास, अकोढा गांव कौंधियारा का संजय कुमार (35) पुत्र मुन्नालाल, करछना में भुंडा गांव का शिवपाल (40) शामिल है। पुलिस ने शवों को चीरघर भेजकर उनके परिवार के लोगों को दुखद घटना की जानकारी दी।
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होली पर इस घटना से मृतकों के घरों में हाहाकार मच गया। मगर गरीबी का आलम यह कि मृतकों के परिवार के इक्का-दुक्का लोग ही अस्पताल पहुंच सके। पोस्टमार्टम के पुलिस-प्रशासन की ओर से मृतकों के शवों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। घायलों का इलाज भी एसआरएन अस्पताल में शुरू कराया गया। घायलों में मेजा इलाके में रहने वाले प्यारेलाल का पुत्र नीरज (20) बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। इस हादसे का शिकार हुए अशोक कुमार के पिता रामदास की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ केस लिखा जबकि ड्राइवर पकड़ा भी गया है। पुलिस ने बताया कि मारे गए सभी लोग बेहद गरीब परिवार के हैं। वे परिवार का गुजारा करने के लिए शहर में मुट्ठीगंज की दाल मिल में पल्लेदारी करते थे। होली के अवसर पर वे सभी अपने घर जा रहे थे। रामबाग से वे टेंपो में सरगम चौराहा पहुंचेे। फिर वहां से वे दूसरे टेंपो में बैठ गए थे।
दुर्घटना के बाद पकड़े गए ट्रक ड्राइवर की बात पर भरोसा करें तो इस हादसे के लिए पुलिसवालों की अवैध धन उगाही जिम्मेदार रही। ट्रक ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि वह मेजा की तरफ से आ रहा था तभी एक पुलिसवाले ने रोक लिया। ट्रक में चढ़कर वह जबरन उसे किनारे लगाने को कहने लगा। इतने में ट्रक की स्टेयरिंग भी फेल हो गई। इसी वजह से ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो को चपेट में ले लिया। हादसा होने के बाद वह सिपाही ट्रक से उतरकर भाग गया। आसपास के लोग उस सिपाही को पहचान नहीं सके, जिससे शक है कि वह किसी और थाने में तैनात है।