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बहन के घर से लौट रहे सपा नेता को मारी गोली

Sat, 29 Jul 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 29 Jul 2017 01:58 AM IST
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SP leader returning from sister's house
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
यमुनापार के घूरपुर इलाके में शुक्रवार रात सपा नेता गजराज सिंह पटेल को गोली मार दी गई। बहन के यहां से बाइक पर लौट रहे गजराज पर सरपत के झुरमुट में छिपे बदमाशों ने फायर किए। दो गोलियां धंसने पर सपा नेता की चीख सुनकर ग्रामीण उधर आए तो बदमाश भाग गए। घायल गजराज को अस्पताल ले जाया गया। वह एक हत्या के मामले में पिछले दिनों जेल से रिहा हुए हैं। घूरपुर थाने की पुलिस जांच कर रही है कि आखिर किसने गोली मारी।
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बादलगंज गांव निवासी गजराज सिंह पटेल (40) समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हैं। गजराज और उनके भाई पूर्व बीडीसी सदस्य रघुराज सिंह अलग-अलग स्कूल का संचालन करते हैं। सपा नेता गजराज सिंह शुक्रवार शाम बगबना में अपनी बहन के यहां गए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे वह बाइक  पर बगबना से लौट रहे थे। गजराज बिगहिया गांव के सामने नहर पटरी से से गुजर रहे थे तभी सरपत के झुरमुट से उन पर फायर किए गए। बाएं बाह और दाहिनी जांघ में गोलियां धंसने से घायल गजराज बाइक छोड़कर चीखते हुए भागे तो गांव वाले उधर आ गए। गजराज के घर और घूरपुर थाने की पुलिस को फोन से इस घटना की सूचना दी गई।
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भाई रघुराज वहां आए और घायल गजराज को जसरा में स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद शहर मेें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर छानबीन की। पुलिस को मौके पर 312 बोरे कारतूसों के दो खोखे मिले हैं। पुलिस को जांच में पता चला कि गजराज पिछले साल इरादतगंज में प्रापर्टी डीलर बिल्ला की गोली मारकर हत्या में आरोपी है। बिल्ला को ग्लास फैक्ट्री से इरातगंज गांव जाते समय गोलियां मारी गई थीं। कुछ दिन बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। बिल्ला ने इलाज के दौरान ही पुलिस को दिए बयान में गजराज समेत तीन लोगों के नाम लिए थे। पुलिस ने गजराज को गिरफ्तार कर लिया था।
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तीन महीने पहले वह जमानत पर रिहा हुए हैं। डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। हालांकि पुलिस को घटना में कुछ शक भी है। गजराज दुश्मनी के चलते आमतौर पर सफारी से चलते हैं। मगर शुक्रवार शाम वह अकेले बाइक पर बहन के यहां गए और रात में लौट रहे थे। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। थानाध्यक्ष अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि देर रात तक तहरीर नहीं मिली थी।
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