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शहीद के फौजी बेटे की मेघालय में सड़क हादसे में मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 19 Jul 2016 02:25 AM IST
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राघवेंद्र (फाइल फाेटाे)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
यमुनापार के करछना इलाके के शहीद बीएसएफ जवान गिरीश चंद्र शुक्ला के परिवार पर रविवार रात दोबारा गम का पहाड़ टूट पड़ा। रविवार दोपहर मेघालय मेें शहीद के बड़े बेटे बीएसएफ जवान राघवेंद्र प्रसाद शुक्ला की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह गांव करछना के सुलमई से एक हफ्ते की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौट रहे थे। स्टेशन से बीएसफ की बस उन्हें लेकर बटालियन जा रही थी। रास्ते में बस पलट गई। रविवार रात को ही हादसे की खबर परिजनों को हो गई थी लेकिन अभी तक परिजनों ने अनहोनी की खबर मां और पत्नी से छिपाए रखी। गांव के लोगों ने बताया कि सोमवार रात साढ़े सात बजे शव मेघालय से दिल्ली लाया जाएगा। वहां से सड़क मार्ग से मंगलवार को जवान का शव गांव लाया जाएगा।
करछना के सुलमई गांव के गिरीश चंद्र बीएसएफ जवान थे। तीन जून को जम्मू-कश्मीर के बिजेहड़ा में बीएसएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले में गिरीश चंद्र शुक्ला भी शहीद हो गए थे। उनके तीन बेटों में बड़ा राघवेंद्र प्रसाद शुक्ला (25) भी बीएसएफ में था। उसकी तैनाती मेघालय में थी। वह पिता की मौत पर 5 जून को घर आया था। तेरहवीं के बाद कुछ दिन तक घर पर रहकर ड्यूटी पर चला गया था। एक हफ्ते पहले घर में जरूरी काम होने पर छुट्टी लेकर आया था। 14 जुलाई को वह घर से ड्यूटी के लिए निकला। रविवार को वह मेघायल पहुंचा। वहां बटालियन तक ले जाने के लिए बीएसएफ की बस आई थी। बताया जाता है कि रास्ते में बस अनियंत्रित होकर पलट गई।
समें राघवेंद्र प्रसाद शुक्ला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। रविवार को सोशल मीडिया पर खबर चलने लगी कि राघवेंद्र की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह बात राघवेंद्र के गांव के लोगों और रिश्तेदारों को हुई तो वे परेशान हो गए। राघवेंद्र के मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी। राघवेंद्र के एक साथी रवि ने फोन कर घरवालों को अनहोनी की जानकारी दी। राघवेंद्र की मां कविता और पत्नी प्रियंका इस अनहोनी अंजान हैं। घरवालों ने उन्हें राघवेंद्र की मौत की बात नहीं बताई। सवा महीने के भीतर शहीद जवान के घर दोबारा मातम का माहौल है। पिता की मौत के बाद राघवेंद्र ही घर का मुखिया होने के साथ इकलौता कमाने वाला था। दोनों छोटे भाई अभी पढ़ रहे हैं। दो साल पहले ही राघवेंद्र की प्रियंका के साथ शादी हुई थी। एक छह माह का बेटा नैतिक है। पांच साल पहले राघवेंद्र बीएसएफ में भर्ती हुआ था।
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करछना के सुलमई गांव के गिरीश चंद्र बीएसएफ जवान थे। तीन जून को जम्मू-कश्मीर के बिजेहड़ा में बीएसएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले में गिरीश चंद्र शुक्ला भी शहीद हो गए थे। उनके तीन बेटों में बड़ा राघवेंद्र प्रसाद शुक्ला (25) भी बीएसएफ में था। उसकी तैनाती मेघालय में थी। वह पिता की मौत पर 5 जून को घर आया था। तेरहवीं के बाद कुछ दिन तक घर पर रहकर ड्यूटी पर चला गया था। एक हफ्ते पहले घर में जरूरी काम होने पर छुट्टी लेकर आया था। 14 जुलाई को वह घर से ड्यूटी के लिए निकला। रविवार को वह मेघायल पहुंचा। वहां बटालियन तक ले जाने के लिए बीएसएफ की बस आई थी। बताया जाता है कि रास्ते में बस अनियंत्रित होकर पलट गई।
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समें राघवेंद्र प्रसाद शुक्ला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। रविवार को सोशल मीडिया पर खबर चलने लगी कि राघवेंद्र की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह बात राघवेंद्र के गांव के लोगों और रिश्तेदारों को हुई तो वे परेशान हो गए। राघवेंद्र के मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी। राघवेंद्र के एक साथी रवि ने फोन कर घरवालों को अनहोनी की जानकारी दी। राघवेंद्र की मां कविता और पत्नी प्रियंका इस अनहोनी अंजान हैं। घरवालों ने उन्हें राघवेंद्र की मौत की बात नहीं बताई। सवा महीने के भीतर शहीद जवान के घर दोबारा मातम का माहौल है। पिता की मौत के बाद राघवेंद्र ही घर का मुखिया होने के साथ इकलौता कमाने वाला था। दोनों छोटे भाई अभी पढ़ रहे हैं। दो साल पहले ही राघवेंद्र की प्रियंका के साथ शादी हुई थी। एक छह माह का बेटा नैतिक है। पांच साल पहले राघवेंद्र बीएसएफ में भर्ती हुआ था।
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