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फेल होने के बाद से गुम है सेंट जोसेफ का छात्र
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 06 Apr 2017 01:01 AM IST
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शहर के हिम्मतगंज इलाके में रहने वाला सेंट जोसेफ स्कूल में ग्यारहवीं का छात्र आयुष वर्मा छह रोज से लापता है। वह स्कूल में रिजल्ट देखने के बाद पिता के साथ घर लौटा फिर स्कूटी पर निकल गया। उसने दोस्त से कहा था कि वह फेल हो गया है इसलिए अपनी जान देने जा रहा है। खुल्दाबाद थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मोबाइल की लोकेशन निकाली तथा पूरा शहर खंगाल डाला लेकिन गायब छात्र नहीं मिला और न तो स्कूटी का पता चल सका है।
हिम्मतगंज की लवकुश कॉलोनी में रहने वाले सुशील वर्मा का इकलौता पुत्र आयुष (19) सेंट जोसेफ स्कूल में ग्यारहवीं का छात्र था। खुल्दाबाद थाना प्रभारी तुषार त्यागी के अनुसार, 30 मार्च की सुबह वह पिता सुशील के साथ स्कूल गया और रिजल्ट देखा। वह फेल हो गया था। रिजल्ट देखने के बाद वह बेहद दुखी होकर पिता के साथ घर लौटा। कुछ देर बाद वह स्कूटी लेकर निकल गया। परिजनों से बोला कि सर से मिलने जा रहा हूं। मगर फिर वह दोपहर तक नहीं लौटा तो परिवार के लोग परेशान हो गए। उसका आई फोन भी स्विच ऑफ बता रहा था। रात तक रिश्तेदारों के साथ हर संभव जगह खोजबीन के बाद पिता सुशील ने खुल्दाबाद थाने जाकर गुमशुदजगी की सूचना दी तो पुलिस ने भी तलाश शुरू की।
कॉल डिटेल से पता चला कि आयुष ने आखिरी कॉल 30 मार्च को 11.44 पर अपने एक दोस्त को किया था। दोस्त के मुताबिक, आयुष ने कहा था कि वह फेल हो गया है इसलिए मरने जा रहा है। यह जानकर परिजन और घबरा गए। पिछले पांच रोज से खुल्दाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शहर के सभी अस्पताल, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन चेक कर लिए। यमुना-गंगा किनारे लोगों और मल्लाहों से पूछा। स्कूटी की तलाश भी की। मगर आयुष के बारे में कुछ नहीं मालूम हो सका। स्कूटी और फोन भी नहीं मिला। बुधवार को भी खुल्दाबाद पुलिस ने कई जगहों पर जाकर खोजबीन की।
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हिम्मतगंज की लवकुश कॉलोनी में रहने वाले सुशील वर्मा का इकलौता पुत्र आयुष (19) सेंट जोसेफ स्कूल में ग्यारहवीं का छात्र था। खुल्दाबाद थाना प्रभारी तुषार त्यागी के अनुसार, 30 मार्च की सुबह वह पिता सुशील के साथ स्कूल गया और रिजल्ट देखा। वह फेल हो गया था। रिजल्ट देखने के बाद वह बेहद दुखी होकर पिता के साथ घर लौटा। कुछ देर बाद वह स्कूटी लेकर निकल गया। परिजनों से बोला कि सर से मिलने जा रहा हूं। मगर फिर वह दोपहर तक नहीं लौटा तो परिवार के लोग परेशान हो गए। उसका आई फोन भी स्विच ऑफ बता रहा था। रात तक रिश्तेदारों के साथ हर संभव जगह खोजबीन के बाद पिता सुशील ने खुल्दाबाद थाने जाकर गुमशुदजगी की सूचना दी तो पुलिस ने भी तलाश शुरू की।
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कॉल डिटेल से पता चला कि आयुष ने आखिरी कॉल 30 मार्च को 11.44 पर अपने एक दोस्त को किया था। दोस्त के मुताबिक, आयुष ने कहा था कि वह फेल हो गया है इसलिए मरने जा रहा है। यह जानकर परिजन और घबरा गए। पिछले पांच रोज से खुल्दाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शहर के सभी अस्पताल, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन चेक कर लिए। यमुना-गंगा किनारे लोगों और मल्लाहों से पूछा। स्कूटी की तलाश भी की। मगर आयुष के बारे में कुछ नहीं मालूम हो सका। स्कूटी और फोन भी नहीं मिला। बुधवार को भी खुल्दाबाद पुलिस ने कई जगहों पर जाकर खोजबीन की।
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