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स्कूल सीज, प्रबंधक पर एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 08 Aug 2016 01:47 AM IST
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एमएल कॉन्वेंट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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राष्ट्रगान पर रोक मामले में प्रशासन ने सादियाबाद, बघाड़ा स्थित एमए कॉन्वेंट स्कूल के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधक जियाउल हक पर एफआईआर दर्ज कराते हुए स्कूल सीज कर दिया है। साथ ही मामले में शिक्षा विभाग के दोषी अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ वहां पढ़ रहे विद्यार्थियों को दो दिनों के भीतर किसी दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। मामले में मजिस्टीरियल जांच के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन को स्कूल प्रबंधक जियाउल हक की ओर से ही मेहंदौरी में संचालित एक अन्य स्कूल की जानकारी भी मिली है। दोनों स्कूलों का रजिस्ट्रेशन नहीं है और फर्जी तरीके से संचालन किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन दूसरे स्कूल को सीज करेगा।
वहीं प्रबंधक जियाउल का क्राइम रिकार्ड भी खंगाला जाएगा क्योंकि उनके खिलाफ 1995 में पुलिस की ओर से की गई किसी कार्रवाई की शिकायत भी मिली है। प्रभारी डीएम आंद्रा वामसी ने कहा, राष्ट्रगान पर रोक गंभीर मामला है, सो स्कूल प्रबंधक के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ नेशनल एंथम एंड मान्यूमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
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इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के अफसरों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन कैसे हो रहा था। शिक्षा विभाग के दोषी अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल सीज होने के बाद वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बीएसए के माध्यम से दो दिनों के भीतर दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करा दिया जाएगा। गौरतलब है कि प्रबंधक जियाउल हक ने राष्ट्रगान पर एतराज जताते हुए रोक लगा दी थी। इससे नाराज प्रधानाध्यापिका समेत आठ शिक्षकाओं ने स्कूल छोड़ दिया था। इस पर हंगामा बढ़ने के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।
अगर अकीदे तौहीद पर आए आंच तो नहीं
राष्ट्रगान में शामिल संस्कृत के शब्दों के मायने हमें नहीं पता हैं लेकिन अगर किसी शेर से अकीदे तौहीद पर आंच आती हो तो कोई भी मुसलमान उसे नहीं पढ़ेगा।
0 मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी
इलाहाबाद शहर काजी
विरोध का कोई औचित्य नहीं
राष्ट्रगान को मजहब से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। आजादी के बाद से ही इसे बिना किसी भेदभाव गाया और सम्मान दिया जाता है। राष्ट्रगान के विरोध का न कोई औचित्य है, न ही उचित। इसका विरोध संकीर्णवादी और सांप्रदायिक सोच है।
0 प्रोफेसर राजेंद्र कुमार
राष्ट्रीय अध्यक्ष, जन संस्कृति मंच
हो कठोरतम कार्रवाई
राष्ट्रगान के प्रति ऐसी मंशा रखने वाले लोगों केखिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। राज्य सरकार को भी चाहिए कि ऐसी मानसिकता वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाए। अगर सूबे की अखिलेश सरकार ने ऐसी मानसिकता वाले लोगों की छानबीन की होती तो जो वाकया इलाहाबाद में हुआ, न होता।
0 केशव प्रसाद मौर्य,
प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
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प्रशासन को स्कूल प्रबंधक जियाउल हक की ओर से ही मेहंदौरी में संचालित एक अन्य स्कूल की जानकारी भी मिली है। दोनों स्कूलों का रजिस्ट्रेशन नहीं है और फर्जी तरीके से संचालन किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन दूसरे स्कूल को सीज करेगा।
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वहीं प्रबंधक जियाउल का क्राइम रिकार्ड भी खंगाला जाएगा क्योंकि उनके खिलाफ 1995 में पुलिस की ओर से की गई किसी कार्रवाई की शिकायत भी मिली है। प्रभारी डीएम आंद्रा वामसी ने कहा, राष्ट्रगान पर रोक गंभीर मामला है, सो स्कूल प्रबंधक के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ नेशनल एंथम एंड मान्यूमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
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इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के अफसरों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन कैसे हो रहा था। शिक्षा विभाग के दोषी अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल सीज होने के बाद वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बीएसए के माध्यम से दो दिनों के भीतर दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करा दिया जाएगा। गौरतलब है कि प्रबंधक जियाउल हक ने राष्ट्रगान पर एतराज जताते हुए रोक लगा दी थी। इससे नाराज प्रधानाध्यापिका समेत आठ शिक्षकाओं ने स्कूल छोड़ दिया था। इस पर हंगामा बढ़ने के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।
अगर अकीदे तौहीद पर आए आंच तो नहीं
राष्ट्रगान में शामिल संस्कृत के शब्दों के मायने हमें नहीं पता हैं लेकिन अगर किसी शेर से अकीदे तौहीद पर आंच आती हो तो कोई भी मुसलमान उसे नहीं पढ़ेगा।
0 मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी
इलाहाबाद शहर काजी
विरोध का कोई औचित्य नहीं
राष्ट्रगान को मजहब से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। आजादी के बाद से ही इसे बिना किसी भेदभाव गाया और सम्मान दिया जाता है। राष्ट्रगान के विरोध का न कोई औचित्य है, न ही उचित। इसका विरोध संकीर्णवादी और सांप्रदायिक सोच है।
0 प्रोफेसर राजेंद्र कुमार
राष्ट्रीय अध्यक्ष, जन संस्कृति मंच
हो कठोरतम कार्रवाई
राष्ट्रगान के प्रति ऐसी मंशा रखने वाले लोगों केखिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। राज्य सरकार को भी चाहिए कि ऐसी मानसिकता वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाए। अगर सूबे की अखिलेश सरकार ने ऐसी मानसिकता वाले लोगों की छानबीन की होती तो जो वाकया इलाहाबाद में हुआ, न होता।
0 केशव प्रसाद मौर्य,
प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा