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कातिल की लोकेशन मिली, फैजाबाद पहुंची पुलिस

Tue, 13 Feb 2018 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 13 Feb 2018 01:16 AM IST
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Police station reached Fazad, found murderer
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
दिलीप सरोज के कत्ल के मुख्य आरोपी विजय शंकर सिंह की लोकेशन फैजाबाद में मिली है। पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में फैजाबाद पहुंच गई है। घटना के बाद विजय ने अपना मोबाइल बंद कर दिया लेकिन उसने दूसरे मोबाइल से अपने आका से संपर्क किया था। इसी से उसकी लोकेशन मिली। उसकी गिरफ्तारी के लिए फैजाबाद और सुल्तानपुर पुलिस से भी मदद मांगी गई है।
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कटरा स्थित कलिका रेस्टोरेंट में एलएलबी के छात्र दिलीप की हत्या में वांछित विजय शंकर सिंह को तलाश रही पुलिस को एक बड़ा क्लू मिला है। सर्विलांस से पता चला है कि वह इस समय फैजाबाद में है। घटना के दूसरे दिन उसने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया था। उसने अपने एक आका को दूसरे नंबर से फोन किया। पुलिस ने उसके आका का नंबर पहले से ही सर्विलांस पर लिया हुआ था। पुलिस की एक टीम सोमवार को फैजाबाद पहुंच गई। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस की एक टीम सुल्तानपुर स्थित उसके पैत्रिक गांव कूड़ेभार भी पहुंची। पुलिस टीम उसके बारे में पूछताछ कर वापस लौट गई। प्रदेश से इस सनसनीखेज मामले में फैजाबाद पुलिस से अलावा सुल्तानपुर से भी मदद मांगी गई है।
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पुलिस की एक टीम ने उसकी तलाश में गाजीपुर और लखनऊ में भी छापेमारी की है। उसके कुछ करीबियों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। विजय शंकर की पत्नी सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। उसके दो बच्चे ममफोर्डगंज में रहते हैं। उन्हीं के पास विजय हर शुक्रवार को यहां आ जाता था। दो दिन रहने के बाद वह वापस जाता था। पुलिस ने यहां उसके मिलने जुलने वालों की सूची बनाई है। सबसे उसकी लोकेशन के बारे में पूछताछ की जा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम के अलावा एसटीएफ की इलाहाबाद यूनिट भी उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
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विजय शंकर सिंह शुक्रवार को घटना के बाद रात भर इलाहाबाद में ही था। शनिवार को उसने जैसे ही सुना कि दिलीप कोमा में चला गया है। उसके बचने की संभावना बेहद कम है तो वह यहां से भाग निकला। इसी के बाद उसने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया था। सुल्तानपुर के पूर्व विधायक सोनू सिंह ने स्वीकारा है कि विजय शंकर सिंह उनका करीबी था। गांव के पास का होने की वजह और वॉलीबॉल का अच्छा खिलाड़ी होने की वजह से उन्होंने उसका एडमीशन लखनऊ स्थित स्पोर्ट्स कालेज में कराया था।

पूर्व विधायक सोनू सिंह ने फोन पर बताया कि वह खुद भी वॉलीबॉल के खिलाड़ी रहे हैं।

विजय शंकर स्कूल में ही अच्छा खिलाड़ी था। उसकी प्रतिभा को देखते हुए उन्होंने लखनऊ में अपने कोच से कहकर उसका एडमीशन कराया था। इतना ही नहीं, रेलवे में नौकरी दिलाने में भी उसकी मदद की थी। अब कोई घटना कर दे तो वे क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि इस मामले में न्याय होना चाहिए। जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जांच में पता लगना चाहिए कि घटना किसने शुरू की थी, उस समय क्या परिस्थिति थी। पुलिस जल्द से जल्द विजय शंकर को पकड़ना चाहती है। दबिश और छापेमारी के अलावा भी अंदरखाने में इस बात के प्रयास किए जा रहे हैं कि वह पुलिस के सामने सरेंडर कर दे। इसके लिए उसके राजनीतिक आकाओं से लेकर उसके परिवार के कुछ लोगों से भी बात की जा रही है।
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