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पुलिस ने अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया रेल कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:00 AM IST
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लूट, क्राइम
- फोटो : फाइल फोटो
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शंकरगढ़ के रेलवे डिपो में कार्यरत एक रेलकर्मी का बुधवार की रात अपहरण कर लिया गया। अपहर्ताओं ने रेलकर्मी से अजीबोगरीब मांग रखी। उन्होंने कहा कि वह कार की टंकी फुल कराके 15 हजार रुपये दे दें तो उसे छोड़ दिया जाएगा। रेलकर्मी इसके लिए राजी भी हो गया था लेकिन, तब तक पुलिस ने अपहर्ताओं की घेरेबंदी कर दी। इस दौरान अपहर्ताओं ने दरोगा पर गाड़ी चढ़ाने का भी प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने रेलकर्मी को सकुशल छुड़ाते हुए आरोपी को पकड़ लिया। मुख्य अपहर्ता फरार है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
शंकरगढ़ में नए खुले रेलवे डिपो में बुधवार की रात ट्रक से कुछ सामान आया था। टेक्नीशियन पारसनाथ यादव सामान अनलोड करा रहा था। उसी समय इंडिगो कार से दो युवक पहुंचे और पारसनाथ को पीटकर घसीटने लगे। वह उससे 15 हजार मांग रहे थे। अंदर दूसरे टेक्नीशियन विजयकांत गुप्ता को आवाजें सुनाई पड़ी तो वह बाहर निकले। दोनों युवक पारस को छोड़कर उन पर झपट पड़े। मारपीट करते हुए धमकी दी कि गाड़ी में बैठ जाओ नहीं तो गोली मार दी जाएगी। विजयकांत गाड़ी में बैठ गए। दोनों अपहर्ता उन्हें लेकर आगे की भागे।
उनसे रास्ते में कहा कि गाड़ी की टंकी फुल करवाओ और 15 हजार रुपये दे दो नहीं तो आरा मशीन में ले जाकर काट दिया जाएगा। विजयकांत इसके लिए राजी हो गए। तब तक पुलिस की एक जीप गश्त करते हुए डिपो से गुजरी तो पारसनाथ यादव ने बताया कि टेक्नीशियन विजयकांत का अपहरण कर लिया गया है। पुलिस रात में गाड़ी लेकर उसी रास्ते पर बढ़ी। दरोगा उपेंद्र प्रताप सिंह ने अपहर्ताओं की इंडिगो कार खोज निकाली। उन्होंने अपहर्ताओं से गाड़ी से उतरने को कहा तो उन्होंने दरोगा उपेंद्र पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। एसपी गंगापार दीपेंद्र चौधरी ने बताया पुलिस ने घेरेबंदी की तो एक अपहर्ता पकड़ लिया गया। गाड़ी चला रहा मुख्य अपहर्ता फरार हो गया। पकड़ा गया अपहर्ता आलोक श्रीवास्तव शंकरगढ़ कस्बे का रहने वाला है। उसने बताया कि अपहरण का आइडिया कस्बे के ही विवेक श्रीवास्तव का था।
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प्रतापगढ़ के पट्टी के उड़ैया गांव के रहने वाले विजयकांत के लिए शंकरगढ़ की पोस्टिंग बहुत भारी पड़ी। दरअसल सोमवार को ही उन्होंने शंकरगढ़ डिपो ज्वाइन किया था। विजयकांत ने इलाहाबाद शहर में रहने का इंतजाम किया था। सोमवार और मंगलवार को वह ड्यूटी के बाद शहर आ गए थे। बुधवार की रात डिपो में सामान आना था, इसलिए विजयकांत रुक गए थे। अब अपहरण की घटना के बाद विजयकांत बेहद डरे हुए हैं। उन्होंने शंकरगढ़ एसओ से एफआईआर की कापी मांगी है। उनका कहना है कि एफआईआर की कापी लगाकर वे शंकरगढ़ से ट्रांसफर के लिए विभाग में आवेदन करेंगे।
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शंकरगढ़ में नए खुले रेलवे डिपो में बुधवार की रात ट्रक से कुछ सामान आया था। टेक्नीशियन पारसनाथ यादव सामान अनलोड करा रहा था। उसी समय इंडिगो कार से दो युवक पहुंचे और पारसनाथ को पीटकर घसीटने लगे। वह उससे 15 हजार मांग रहे थे। अंदर दूसरे टेक्नीशियन विजयकांत गुप्ता को आवाजें सुनाई पड़ी तो वह बाहर निकले। दोनों युवक पारस को छोड़कर उन पर झपट पड़े। मारपीट करते हुए धमकी दी कि गाड़ी में बैठ जाओ नहीं तो गोली मार दी जाएगी। विजयकांत गाड़ी में बैठ गए। दोनों अपहर्ता उन्हें लेकर आगे की भागे।
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उनसे रास्ते में कहा कि गाड़ी की टंकी फुल करवाओ और 15 हजार रुपये दे दो नहीं तो आरा मशीन में ले जाकर काट दिया जाएगा। विजयकांत इसके लिए राजी हो गए। तब तक पुलिस की एक जीप गश्त करते हुए डिपो से गुजरी तो पारसनाथ यादव ने बताया कि टेक्नीशियन विजयकांत का अपहरण कर लिया गया है। पुलिस रात में गाड़ी लेकर उसी रास्ते पर बढ़ी। दरोगा उपेंद्र प्रताप सिंह ने अपहर्ताओं की इंडिगो कार खोज निकाली। उन्होंने अपहर्ताओं से गाड़ी से उतरने को कहा तो उन्होंने दरोगा उपेंद्र पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। एसपी गंगापार दीपेंद्र चौधरी ने बताया पुलिस ने घेरेबंदी की तो एक अपहर्ता पकड़ लिया गया। गाड़ी चला रहा मुख्य अपहर्ता फरार हो गया। पकड़ा गया अपहर्ता आलोक श्रीवास्तव शंकरगढ़ कस्बे का रहने वाला है। उसने बताया कि अपहरण का आइडिया कस्बे के ही विवेक श्रीवास्तव का था।
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प्रतापगढ़ के पट्टी के उड़ैया गांव के रहने वाले विजयकांत के लिए शंकरगढ़ की पोस्टिंग बहुत भारी पड़ी। दरअसल सोमवार को ही उन्होंने शंकरगढ़ डिपो ज्वाइन किया था। विजयकांत ने इलाहाबाद शहर में रहने का इंतजाम किया था। सोमवार और मंगलवार को वह ड्यूटी के बाद शहर आ गए थे। बुधवार की रात डिपो में सामान आना था, इसलिए विजयकांत रुक गए थे। अब अपहरण की घटना के बाद विजयकांत बेहद डरे हुए हैं। उन्होंने शंकरगढ़ एसओ से एफआईआर की कापी मांगी है। उनका कहना है कि एफआईआर की कापी लगाकर वे शंकरगढ़ से ट्रांसफर के लिए विभाग में आवेदन करेंगे।