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एक के बाद एक घोटता गया अपनों का गला
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 22 Aug 2018 01:43 AM IST
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allahabad
- फोटो : allahabad
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धूमनगंज के पीपलगांव में एक दिन पहले हुई दिल दहला देने वाली घटना में मृत लोगों के शवों का पोस्टमार्टम मंगलवार को हुआ। इसमें पता चला कि महिला व तीनों बच्चों को गला घोटकर मारा गया था। मंगलवार शाम पांच बजे के करीब पोस्टमार्टम शुरू हुआ। दो डॉक्टरों के पैनल ने शवों को पोस्टमार्टम किया। सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला व तीनों बच्चों के साथ ही पति की भी मौत का कारण दम घुटना आया है। किसी के भी शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। बच्चों का गला गमछे जैसी किसी चीज से कसा गया था। जबकि महिला का हाथों से गला घोटा गया था। इन चारों की मौत के साथ ही पति की मौत भी दम घुटने की वजह से हुई।
पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर रवाना हो गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद माना जा रहा है कि हुआ ठीक वैसा ही होगा जैसा कि घटनास्थल देखने के बाद पुलिस अफसरों ने अनुमान लगाया था। पुलिस का कहना है कि सबसे पहले मनोज ने पत्नी श्वेता को मारा होगा। इसलिए क्योंकि बच्चों को मारने की स्थिति में श्वेता निश्चित ही मनोज का विरोध करती। चूंकि श्वेता की हत्या भीतर वाले कमरे में हुई, ऐसे में आगे के कमरे में बैठे बच्चों को इसकी भनक नहीं लगी। इसका एक कारण यह भी रहा कि वारदात को अंजाम देने से पहले ही मनोज ने सोची समझी प्लानिंग के तहत टीवी काफी तेज कर दिया था। इसके बाद उसने श्वेता की लाश छिपाई और फिर एक-एक करके बड़ी सृष्टि और मझली बेटी शिवानी को बुलाकर दोनों का गला घोट दिया। फिर आगे के कमरे में मौजूद छोटी बेटी सोनू को गला घोटकर मार डाला।
इसलिए नहीं कर पाई विरोध
पुलिस ने बताया कि श्वेता की कद काठी बहुत मजबूत न होने की वजह से मनोज को वारदात अंजाम देने में कोई कठिनाई नहीं हुई। दरअसल श्वेता दुबली पतली थी। शायद यही वजह रही कि वह चाहकर भी मनोज के मंसूबे को नाकाम नहीं कर पाई। हालांकि उसने खुद को बचाने की भरसक कोशिश की थी। कमरे में टूटे कांच के शीशे इस बात की गवाही दे रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्वेता के होंठ पर हल्की चोट के निशान मिले हैं।
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पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर रवाना हो गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद माना जा रहा है कि हुआ ठीक वैसा ही होगा जैसा कि घटनास्थल देखने के बाद पुलिस अफसरों ने अनुमान लगाया था। पुलिस का कहना है कि सबसे पहले मनोज ने पत्नी श्वेता को मारा होगा। इसलिए क्योंकि बच्चों को मारने की स्थिति में श्वेता निश्चित ही मनोज का विरोध करती। चूंकि श्वेता की हत्या भीतर वाले कमरे में हुई, ऐसे में आगे के कमरे में बैठे बच्चों को इसकी भनक नहीं लगी। इसका एक कारण यह भी रहा कि वारदात को अंजाम देने से पहले ही मनोज ने सोची समझी प्लानिंग के तहत टीवी काफी तेज कर दिया था। इसके बाद उसने श्वेता की लाश छिपाई और फिर एक-एक करके बड़ी सृष्टि और मझली बेटी शिवानी को बुलाकर दोनों का गला घोट दिया। फिर आगे के कमरे में मौजूद छोटी बेटी सोनू को गला घोटकर मार डाला।
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इसलिए नहीं कर पाई विरोध
पुलिस ने बताया कि श्वेता की कद काठी बहुत मजबूत न होने की वजह से मनोज को वारदात अंजाम देने में कोई कठिनाई नहीं हुई। दरअसल श्वेता दुबली पतली थी। शायद यही वजह रही कि वह चाहकर भी मनोज के मंसूबे को नाकाम नहीं कर पाई। हालांकि उसने खुद को बचाने की भरसक कोशिश की थी। कमरे में टूटे कांच के शीशे इस बात की गवाही दे रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्वेता के होंठ पर हल्की चोट के निशान मिले हैं।
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