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नौ दिन पहले बोलेरो से उठा ले गए थे

Mon, 11 May 2015 02:03 AM IST
Updated Mon, 11 May 2015 02:03 AM IST
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Nine days ago, were taken away from Bolero
इलाहाबाद। हिम्मतगंज में रविवार शाम मारे गए छात्र पूर्ण प्रकाश रंजन उर्फ रोहित की जीतू और सीटू से दुश्मनी गहरी होती जा रही थी। रिश्तेदार युवती की शादी के बाद भी छात्र से उसकी मोबाइल फोन पर बात होती रहती थी, यह बात जीतू और सीटू को नागवार गुजरी थी। दोनों भाई इज्जत के लिए मरने मारने पर उतारू थे। दोनों दो मई को रोहित को बोलेरो से अगवा कर धूमनगंज ले गए थे। वहां से उसे बुरी तरह पीटा गया था। रोहित मुश्किल से जान बचाकर भागा था। शिकायत खुल्दाबाद थाने तक पहुंची थी। हालांकि बाद में दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे और समझौता हो गया था।
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युवती की शादी 20 अप्रैल को हुई थी। पुलिस के मुताबिक उसका रोहित से कई वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों के बीच रिश्ता गहराने लगा था तो बात रिश्तेदारों को भी पता चल गई। रोहित के छोटे भाई बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्र पुंज प्रकाश रंजन उर्फ मोहित ने बताया कि इस बात को लेकर तनाव होने लगा तो युवती की शादी तय कर दी। रोहित ने युवती ने किनारा कर लिया लेकिन वह फोन करती रही।
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युवती रोहित पर साथ भाग जाने का दबाव डालती थी। यह बात उसके रिश्तेदार जीतू और सीटू को पता चली थी तो वह आए दिन रोहित को धमकाते रहते थे। शादी के बाद भी फोन का क्रम जारी रहा। बात पता चलने पर दो मई को जीतू और सीटू ने दबाव डालकर युवती से फोन करवाके रोहित को खुसरोबाग में मछली बाजार के पास बुलवाया था। वहां दोनों अपने आधा दर्जन दोस्तों के साथ उसे बोलेरो से अगवा कर ले गए थे। उसे बोलेरो में रास्ते भर पीटा गया था। धूमनगंज में अंधेरे का फायदा उठाकर रोहित भागा और एक ट्रक में जाकर छिप गया था। वह छिपते छिपाते खुल्दाबाद थाने पहुंचा था। हत्या का आरोपी जीतू ड्राइवर है। उसका छोटा भाई सीटू इंटर का छात्र है।
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रोहित चार भाइयों और दो बहनों में चौथे नंबर पर था। परिवार में भाई विजय रंजन, ऋषिराज, पुंज प्रकाश, बहन पूनम और रुचि हैं। विजय दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं और प्राइवेट नौकरी करते हैं। पूनम की भी शादी हो चुकी है। ऋषिराज एक निजी अस्पताल में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर कार्य करते हैं। शाम पांच बजे जैसे ही खबर रोहित मां राजदेवी को मिली, वह नंगे पांव भागते हुए घटनास्थल पर पहुंचीं। रोहित का शव देखकर वह बेसुध हो गईं। लोगों ने किसी तरह उनको संभाला। उनको पुलिस की बाइक से ही खुल्दाबाद थाने पहुंचवाया गया। उनकी आंखों से आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे थे। भाइयों और बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।

घटना के एक घंटे बाद तक शव गली में पड़ा रहा। अड़ोस पड़ोस वाले तो आंख बंद किए गए। राह चलते लोगों ने शव देखा तो रोहित के परिजनों और पुलिस कंट्रोल रूम को खबर दी। पुलिस मौके पर शाम को 5.30 बजे के आसपास पहुंची थी।


पुलिस ने रोहित के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) निकलवाया है। सीडीआर मिलने के बाद ही साफ हो सकेगा कि रोहित को किसने फोन करके बुलवाया था। हालांकि परिजन आरोप लगा रहे हैं कि प्रेमिका से ही फोन करवाया गया था। रोहित घर से निकला तो जीतू तथा सीटू ने दोनों को बीच रास्ते में रोक लिया और गोली मार दी।
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