{"_id":"59bd7e194f1c1b21688b4f4d","slug":"mumbai-s-finance-company-loses-millions-of-rupees","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई की फाइनेंस कंपनी ने लोगों के लाखों रुपये हड़पे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुंबई की फाइनेंस कंपनी ने लोगों के लाखों रुपये हड़पे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 17 Sep 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
Fraud shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई की सांई फाइनेंस कंपनी ने इलाहाबाद, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ व फतेहपुर के 250 से अधिक निवेशकों के लाखों रुपये हड़प लिए। कंपनी ने लोगों को तीन साल में रकम दोगुनी होने का झांसा दिया गया था। जब भुगतान का समय आया तो कंपनी संचालक फरार हो गया। हालांकि कंपनी के कुछ अधिकारी मौजूद हैं, उन्होंने इस तरह की शर्त से पल्ला झाड़ लिया है। इनमें कई निवेशकों के नाम से बैंकों में फर्जी खाते खोलकर रकम हड़पी गई है। भुक्तभोगियों की शिकायत पर जब रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो वे एसएसपी से मिले। प्रथमदृष्टया जांच कराने के बाद फाइनेंस कंपनी के एमडी सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इस मामले की जांच एसपी क्राइम की देखरेख में विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपी गई है।
कई साल पहले मुंबई की सांई फाइनेंस कंपनी ने सिविल लाइंस के अनंत प्लाजा परिसर में कार्यालय खोला था। इसमें लोगों को निवेश करने के लिए आकर्षक योजनाएं शुरू की थीं। कंपनी के एजेंटों ने इलाहाबाद के अलावा कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर तथा अन्य जिलों के लोगों से संपर्क किया। उन्हें तीन साल में धनराशि दोगुना होने का लालच दिया गया। कंपनी की ओर से आरबीआई के मानकों का हवाला देकर निवेशकों को बांड भी दिए गए। जिसके आधार पर मासिक, तिमाही और छमाही किश्तों में रुपये निवेश भी कराए।
निवेशकों ने किश्त पूरी होने पर बांड के आधार पर धनराशि मांगी तो शुरू में फाइनेंस कंपनी के अधिकारी टालमटोल करते रहे। कुछ के नाम से तो फर्जी तरीके से कुछ बैंकों में खाता खोलकर धनराशि निकाल ली गई। इसकी जानकारी मिलने पर निवेशक हैरत में पड़ गए। उन्हीं में से कौशांबी जिले के बुद्धपुरी निवासी शिवबाबू सेन सहित 11 निवेशक पिछले सप्ताह एसएसपी से मिले थे। उन्होंने अपने साथ धोखाधड़ी के साक्ष्य दिए और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का अनुरोध किया था। इन आरोपों की सीओ के स्तर से कराई गई जांच में शिकायत सही पाई गई। उसी के बाद थाना सिविल लाइंस में कंपनी के संचालक बाबा साहब भास्कर, वंदना भास्कर, शशांक भास्कर, फाइनेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक और शाखा प्रबंध राकेश मालवीय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जिसमें निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के साथ-साथ फर्जी खाता खोलकर रकम हड़पने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
म्योर रोड निवासी राम आसरे से सुल्तानपुर के रहने वाले हरीशचंद्र, फूलचंद्र, राम चंद्र और धर्मराज ने जमीन दिलाने के नाम पर साढ़े बारह लाख रुपये ले लिए। इसके अलावा चार लाख रुपये का चेक भी ले लिया था। कई बार जमीन का बैनामा कराने या फिर रकम वापसी के लिए कहा तो गाली गलौच की और जान से मारने की धमकी दी गई। कई बार कहने के बावजूद धनराशि न देने पर उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए। इस मामले में राम आसरे की ओर से थाना सिविल लाइंस में देवल खुर्द सुल्तानपुर जिला निवासी हरीश चंद्र सहित चार लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज हो गया है। इस समय चारो आरोपी थाना कैंट के राजापुर स्थित शांतिपुरम कालोनी में रह रहे हैं।
शहर की कालोनियां में प्लाटऔर फ्लैट दिलाने के नाम पर आधा दर्जन लोगों से 27.45 लाख रुपये हड़प लिए। कई साल तक टालमटोल करते रहे लेकिन न तो प्लाट दिलवाया और न ही रकम वापस की गई। रकम वापसी के लिए सख्ती की गई तो गाली गलौच की और जान से मारने की धमकी दी गई। स्थानीय स्तर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। कुछ दिनों बाद एसएसपी तथा अन्य अधिकारियों से शिकायतें की गईं, जांच में प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर थाना सिविल लाइंस में थाना कर्नलगंज के रामप्रिया रोड स्थित दिनेश चंद्र पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने करने के आदेश किए। सिविल लाइंस निवासी सुभाष चंद्र की ओर से दिनेश चंद्र पांडेय के खिलाफ धारा 419,420,406,504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है। जिसमें धोखाधड़ी करके जमीन दिलाने के लिए सुभाष चंद्र से 13 लाख और तपेश्वरी नाथ से सात लाख पचास हजार रुपये लेने का आरोप है। इनके अलावा सदन यादव से छह लाख, श्याम बाबू से 45 हजार रुपये तथा राजेंद्र से 50 हजार रुपये लेने का आरोप है।
विज्ञापन
कई साल पहले मुंबई की सांई फाइनेंस कंपनी ने सिविल लाइंस के अनंत प्लाजा परिसर में कार्यालय खोला था। इसमें लोगों को निवेश करने के लिए आकर्षक योजनाएं शुरू की थीं। कंपनी के एजेंटों ने इलाहाबाद के अलावा कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर तथा अन्य जिलों के लोगों से संपर्क किया। उन्हें तीन साल में धनराशि दोगुना होने का लालच दिया गया। कंपनी की ओर से आरबीआई के मानकों का हवाला देकर निवेशकों को बांड भी दिए गए। जिसके आधार पर मासिक, तिमाही और छमाही किश्तों में रुपये निवेश भी कराए।
विज्ञापन
निवेशकों ने किश्त पूरी होने पर बांड के आधार पर धनराशि मांगी तो शुरू में फाइनेंस कंपनी के अधिकारी टालमटोल करते रहे। कुछ के नाम से तो फर्जी तरीके से कुछ बैंकों में खाता खोलकर धनराशि निकाल ली गई। इसकी जानकारी मिलने पर निवेशक हैरत में पड़ गए। उन्हीं में से कौशांबी जिले के बुद्धपुरी निवासी शिवबाबू सेन सहित 11 निवेशक पिछले सप्ताह एसएसपी से मिले थे। उन्होंने अपने साथ धोखाधड़ी के साक्ष्य दिए और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का अनुरोध किया था। इन आरोपों की सीओ के स्तर से कराई गई जांच में शिकायत सही पाई गई। उसी के बाद थाना सिविल लाइंस में कंपनी के संचालक बाबा साहब भास्कर, वंदना भास्कर, शशांक भास्कर, फाइनेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक और शाखा प्रबंध राकेश मालवीय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जिसमें निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के साथ-साथ फर्जी खाता खोलकर रकम हड़पने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
म्योर रोड निवासी राम आसरे से सुल्तानपुर के रहने वाले हरीशचंद्र, फूलचंद्र, राम चंद्र और धर्मराज ने जमीन दिलाने के नाम पर साढ़े बारह लाख रुपये ले लिए। इसके अलावा चार लाख रुपये का चेक भी ले लिया था। कई बार जमीन का बैनामा कराने या फिर रकम वापसी के लिए कहा तो गाली गलौच की और जान से मारने की धमकी दी गई। कई बार कहने के बावजूद धनराशि न देने पर उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए। इस मामले में राम आसरे की ओर से थाना सिविल लाइंस में देवल खुर्द सुल्तानपुर जिला निवासी हरीश चंद्र सहित चार लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज हो गया है। इस समय चारो आरोपी थाना कैंट के राजापुर स्थित शांतिपुरम कालोनी में रह रहे हैं।
शहर की कालोनियां में प्लाटऔर फ्लैट दिलाने के नाम पर आधा दर्जन लोगों से 27.45 लाख रुपये हड़प लिए। कई साल तक टालमटोल करते रहे लेकिन न तो प्लाट दिलवाया और न ही रकम वापस की गई। रकम वापसी के लिए सख्ती की गई तो गाली गलौच की और जान से मारने की धमकी दी गई। स्थानीय स्तर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। कुछ दिनों बाद एसएसपी तथा अन्य अधिकारियों से शिकायतें की गईं, जांच में प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर थाना सिविल लाइंस में थाना कर्नलगंज के रामप्रिया रोड स्थित दिनेश चंद्र पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने करने के आदेश किए। सिविल लाइंस निवासी सुभाष चंद्र की ओर से दिनेश चंद्र पांडेय के खिलाफ धारा 419,420,406,504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है। जिसमें धोखाधड़ी करके जमीन दिलाने के लिए सुभाष चंद्र से 13 लाख और तपेश्वरी नाथ से सात लाख पचास हजार रुपये लेने का आरोप है। इनके अलावा सदन यादव से छह लाख, श्याम बाबू से 45 हजार रुपये तथा राजेंद्र से 50 हजार रुपये लेने का आरोप है।