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मऊआइमा के पूर्व ब्लाक प्रमुख मो.शमी की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 20 Mar 2017 02:29 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी की रविवार रात मऊआइमा के सुल्तानपुर खास स्थित उनके निवास के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपनी गाड़ी से उतरकर गेट के पास खड़े थे तभी अंधेरे में बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसाईं और फरार हो गए। खबर फैलते ही उनके समर्थक वहां जमा हो गए। वे अड़ गए कि डीएम-एसएसपी मौके पर आकर गिरफ्तारी तथा सुरक्षा का भरोसा दें तब शव उठाने दिया जाएगा। अफसरों से भीड़ ने भी झड़प भी कर ली। देर रात तक पुलिस और क्राइम ब्रांच कातिलों की तलाश में जुटी रही।
मूल रूप से दुबाही गांव निवासी 65 वर्षीय मोहम्मद शमी चार बार मऊआइमा के ब्लाक प्रमुख रहे। तीन बार वह विधानसभा चुनाव भी लड़े। 2002 में वह कुंडा विधानसभा क्षेत्र से राजा भैया के खिलाफ भी चुनाव मैदान में उतरे थे। ट्रक लूट समेत कई आपराधिक मामलों में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पिछला ब्लाक प्रमुख चुनाव हारने के बाद शमी बसपा से जुड़ गए थे। उन्होंने मऊआइमा थाने से कुछ दूर पर सुल्तानपुर खास गांव में कार्यालय और मकान बना रखा था। ज्यादातर वह इसी मकान में ठहरते थे। रविवार रात करीब नौ बजे वह ढाबा में भोजन के बाद फॉरच्यूनर गाड़ी खुद चलाकर घर पहुंचे। उनके साथ सुल्तानपुर खास के प्रधान अब्दुल वाहिद उर्फ बचऊ समेत तीन लोग थे। शमी ने गेट के पास गाड़ी रोकी तो प्रधान समेत तीन लोग उतरे और अपनी बाइक लेकर चले गए। उनके जाने के बाद शमी गाड़ी के पास अकेले खड़े थे तभी अचानक बदमाशों ने उन पर करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
उनका परिचित मुश्ताक गोलियों की आवाज सुनकर आया तो उसे अंधेरे में दो-तीन बदमाश दिखे। उसे देख असलहे लहराते हुए बदमाश पीछे खेत की तरफ भाग गए। हल्ला मचा तो वहां भीड़ जुटने लगी। सीओ सोरांव आलोक मिश्र कई थानों की पुलिस के साथ पहुंच गए थे। सिर, सीने, पेट पर पांच गोलियां धंसने से पूर्व ब्लाक प्रमुख शमी की मौत हो चुकी थी। हत्या की जानकारी पाकर उनके परिजन और तमाम समर्थक भी जुट गए। इलाके में तनाव का माहौल बन गया। एसपी गंगापार मुन्नालाल और एसपी यमुनापार अशोक कुमार भी पुलिस बल के साथ आ गए मगर लोगों ने कह दिया कि डीएम-एसएसपी आकर कातिलों की गिरफ्तारी तथा परिवार का सुरक्षा का भरोसा दें तभी शमी का शव उठाने दिया जाएगा। भीड़ ने अफसरों से धक्कामुक्की भी की।
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मूल रूप से दुबाही गांव निवासी 65 वर्षीय मोहम्मद शमी चार बार मऊआइमा के ब्लाक प्रमुख रहे। तीन बार वह विधानसभा चुनाव भी लड़े। 2002 में वह कुंडा विधानसभा क्षेत्र से राजा भैया के खिलाफ भी चुनाव मैदान में उतरे थे। ट्रक लूट समेत कई आपराधिक मामलों में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पिछला ब्लाक प्रमुख चुनाव हारने के बाद शमी बसपा से जुड़ गए थे। उन्होंने मऊआइमा थाने से कुछ दूर पर सुल्तानपुर खास गांव में कार्यालय और मकान बना रखा था। ज्यादातर वह इसी मकान में ठहरते थे। रविवार रात करीब नौ बजे वह ढाबा में भोजन के बाद फॉरच्यूनर गाड़ी खुद चलाकर घर पहुंचे। उनके साथ सुल्तानपुर खास के प्रधान अब्दुल वाहिद उर्फ बचऊ समेत तीन लोग थे। शमी ने गेट के पास गाड़ी रोकी तो प्रधान समेत तीन लोग उतरे और अपनी बाइक लेकर चले गए। उनके जाने के बाद शमी गाड़ी के पास अकेले खड़े थे तभी अचानक बदमाशों ने उन पर करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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उनका परिचित मुश्ताक गोलियों की आवाज सुनकर आया तो उसे अंधेरे में दो-तीन बदमाश दिखे। उसे देख असलहे लहराते हुए बदमाश पीछे खेत की तरफ भाग गए। हल्ला मचा तो वहां भीड़ जुटने लगी। सीओ सोरांव आलोक मिश्र कई थानों की पुलिस के साथ पहुंच गए थे। सिर, सीने, पेट पर पांच गोलियां धंसने से पूर्व ब्लाक प्रमुख शमी की मौत हो चुकी थी। हत्या की जानकारी पाकर उनके परिजन और तमाम समर्थक भी जुट गए। इलाके में तनाव का माहौल बन गया। एसपी गंगापार मुन्नालाल और एसपी यमुनापार अशोक कुमार भी पुलिस बल के साथ आ गए मगर लोगों ने कह दिया कि डीएम-एसएसपी आकर कातिलों की गिरफ्तारी तथा परिवार का सुरक्षा का भरोसा दें तभी शमी का शव उठाने दिया जाएगा। भीड़ ने अफसरों से धक्कामुक्की भी की।
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