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पैसों के लिए बैंक में बवाल, व्यवसायी का सिर फोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 20 Dec 2016 02:03 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
नोटबंदी के करीब 40 रोज बाद भी बैंकों में हंगामा थम नहीं रहा है। सोमवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की कटरा शाखा में भी बवाल हो गया। कारोबारी नफीस का आरोप है कि मैनेजर और कैशियर ने दस हजार रुपये देने से मना करने के बाद झड़प के दौरान हॉस्टल से लड़कों को बुलाकर हमला करा दिया। कारोबारी के बचाव में आए फल व्यवसायी का तमंचे की मुठिया मारकर सिर फोड़ दिया। लोगों को बैंक के बाहर दौड़ाकर पीटा। यह देख आसपास के लोग भड़क उठे और बैंक पर धावा बोल तोड़फोड़ की कोशिश की तभी पुलिस पहुंच गई। कैशियर और उसके बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
लक्ष्मी चौराहे के पास स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में करीब तीन बजे का वाकया है। कटरा में हेल्थ क्लब (जिम) का संचालन करने वाले नफीस ने बैंक जाकर दस हजार रुपये लेने की खातिर चेक लगाया। उनका आरोप है कि कैशियर एसके सिंह ने कहा दिया कि चार हजार लेना है तो लो वरना निकल जाओ। वह बैंक मैनेजर अयोध्या प्रसाद के पास गए तो उन्होंने भी नोटों की किल्लत के चलते छह हजार रुपये ही देने की बात कही। बैंक मैनेजर से मिलकर वह कैशियर के पास आए तो उसने पैसे देने से साफ मना कर दिया।
उनके बीच कहासुनी होने लगी। नफीस का आरोप है कि कैशियर ने गालियां देते हुए किसी को फोन किया तो हॉस्टलों में रहने वाले बीस से ज्यादा लड़के दो सफारी गाड़ी में आ गए। उन्होंने बैंक में घुसकर नफीस पर हमला किया और तमंचा सटाकर जान से मारने की धमकी दी। चौराहे से फल व्यवसायी कलीम उनके बचाव में आया तो हमलावर युवकों ने उसे भी तमंचा की मुठिया से पीटकर सिर फोड़ दिया। वह लहूलुहान हो गया। नफीस और कलीम समेत बचाव में जुुटे लोगों को इन युवकों ने बैंक के बाहर दौड़ाकर पीटा। इस पर अफरातफरी मच गई। नफीस के पक्ष में आसपास के लोग और दुकानदार जुटे तो हमलावर युवक भाग निकले।
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गुंडागर्दी से आक्रोशित भीड़ ने बैंक पर धावा बोल दिया। गार्ड ने गेट बंद किया तो लोग उसे तोड़ने पर आमादा हो गए। वे बैंक को जला डालने पर उतारू थे। भीड़ के तेवर देख बैंक मैनेजर समेत अंदर मौजूद कर्मचारी सहम गए। महिला कर्मचारी तो बेहद घबरा गई थीं। करीब बीस मिनट बाद एसपी सिटी विपिन टाडा सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्रा, सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी और कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे तो भीड़ को संभाला गया। गुस्साए लोग बैंक मैनेजर और कैशियर को बाहर लाने का दबाव डाल रहे थे। नफीस समेत बाकी लोगों ने कहा कि कैशियर का व्यवहार बेहद खराब है। वह लोगों को अपशब्द कहता है। कार्रवाई का भरोसा देकर पुलिस अफसरों ने लोगों को शांत कराया। पुलिस को एक युवक ने बैंक के बाहर हमलावर लड़कों द्वारा दौड़ाकर पिटाई की वीडियो रिकार्डिंग दी। बैंक का भी सीसीटीवी फुटेज पुलिस चेक करेगी।
एसपी सिटी ने बैक मैनेजर और कैशियर का भी बयान लिया तो उन्होंने बाहर से लड़कों को बुलाने का आरोप गलत ठहराया जबकि नफीस ने साफ कहा कि कैशियर ने अपने बेटे को फोन किया था, जिसने हॉस्टल से लड़कों के साथ आकर अवैध असलहों से हमला किया। इंस्पेक्टर कर्नलगंज ने बताया कि नफीस से तहरीर लेकर कैशियर और उसके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है।
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लक्ष्मी चौराहे के पास स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में करीब तीन बजे का वाकया है। कटरा में हेल्थ क्लब (जिम) का संचालन करने वाले नफीस ने बैंक जाकर दस हजार रुपये लेने की खातिर चेक लगाया। उनका आरोप है कि कैशियर एसके सिंह ने कहा दिया कि चार हजार लेना है तो लो वरना निकल जाओ। वह बैंक मैनेजर अयोध्या प्रसाद के पास गए तो उन्होंने भी नोटों की किल्लत के चलते छह हजार रुपये ही देने की बात कही। बैंक मैनेजर से मिलकर वह कैशियर के पास आए तो उसने पैसे देने से साफ मना कर दिया।
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उनके बीच कहासुनी होने लगी। नफीस का आरोप है कि कैशियर ने गालियां देते हुए किसी को फोन किया तो हॉस्टलों में रहने वाले बीस से ज्यादा लड़के दो सफारी गाड़ी में आ गए। उन्होंने बैंक में घुसकर नफीस पर हमला किया और तमंचा सटाकर जान से मारने की धमकी दी। चौराहे से फल व्यवसायी कलीम उनके बचाव में आया तो हमलावर युवकों ने उसे भी तमंचा की मुठिया से पीटकर सिर फोड़ दिया। वह लहूलुहान हो गया। नफीस और कलीम समेत बचाव में जुुटे लोगों को इन युवकों ने बैंक के बाहर दौड़ाकर पीटा। इस पर अफरातफरी मच गई। नफीस के पक्ष में आसपास के लोग और दुकानदार जुटे तो हमलावर युवक भाग निकले।
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गुंडागर्दी से आक्रोशित भीड़ ने बैंक पर धावा बोल दिया। गार्ड ने गेट बंद किया तो लोग उसे तोड़ने पर आमादा हो गए। वे बैंक को जला डालने पर उतारू थे। भीड़ के तेवर देख बैंक मैनेजर समेत अंदर मौजूद कर्मचारी सहम गए। महिला कर्मचारी तो बेहद घबरा गई थीं। करीब बीस मिनट बाद एसपी सिटी विपिन टाडा सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्रा, सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी और कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे तो भीड़ को संभाला गया। गुस्साए लोग बैंक मैनेजर और कैशियर को बाहर लाने का दबाव डाल रहे थे। नफीस समेत बाकी लोगों ने कहा कि कैशियर का व्यवहार बेहद खराब है। वह लोगों को अपशब्द कहता है। कार्रवाई का भरोसा देकर पुलिस अफसरों ने लोगों को शांत कराया। पुलिस को एक युवक ने बैंक के बाहर हमलावर लड़कों द्वारा दौड़ाकर पिटाई की वीडियो रिकार्डिंग दी। बैंक का भी सीसीटीवी फुटेज पुलिस चेक करेगी।
एसपी सिटी ने बैक मैनेजर और कैशियर का भी बयान लिया तो उन्होंने बाहर से लड़कों को बुलाने का आरोप गलत ठहराया जबकि नफीस ने साफ कहा कि कैशियर ने अपने बेटे को फोन किया था, जिसने हॉस्टल से लड़कों के साथ आकर अवैध असलहों से हमला किया। इंस्पेक्टर कर्नलगंज ने बताया कि नफीस से तहरीर लेकर कैशियर और उसके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है।