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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Minister in the courtroom of the court, Upendra Tiwari

कोर्ट के कठघरे में खड़े हुए मंत्री उपेंद्र तिवारी

Tue, 18 Sep 2018 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 18 Sep 2018 01:32 AM IST
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 उत्तर प्रदेश सरकार के वन मंत्री उपेन्द्र तिवारी सोमवार को स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में पेश हुए। वह जानलेवा हमले के एक मुकदमे में आरोपी हैं और स्पेशल कोर्ट ने उनको तलब किया था। सुनवाई कर रहे विशेष कोर्ट के न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने उन्हे कठघरे में खड़े रहने का निर्देश दिया।
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कोर्ट ने मंत्री से कहा कि आप खुद कानून बनाते हैं, इसलिए कानून का पालन यदि आप नहीं करेंगे तो और कौन करेगा। उपेंद्र तिवारी 22 साल पूर्व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदू छात्रावास में हुई मारपीट की घटना में आरोपी हैं। घटना उनके छात्र जीवन की है। कोर्ट में अभियोजन के गवाह विवेचक दयाराम द्विवेदी का बयान दर्ज किया गया। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। सुनवाई के दौरान मंत्री का बचाव अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र ने किया।
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हिंदू छात्रावास में हुआ था बवाल

अभियोजन के अनुसार मामला कर्नलगंज थाने का है। घटना 19 मार्च 1996 सायं सात बजे हिंदू हास्टल की है। छात्र जयशंकर तिवारी पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसके विरोध में छात्रों की भीड़ ने बलवा और फायरिंग की थी। तत्कालीन छात्र नेता उपेंद्र तिवारी सहित कई छात्र इस मुकदमे में आरोपी बनाए गए। इस घटना से जुड़े तीन मामलों की सुनवाई विशेष कोर्ट में की जा रही है।
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कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं : उपेंद्र
इलाहाबाद। विशेष कोर्ट में पेशी पर आए मंत्री उपेंद्र तिवारी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि वह अदालत का सम्मान करते हैं। इसलिए अदालत के तलब करने पर हाजिर हुए हैं। उन्हाेंने बताया कि यह मामला उनके छात्र जीवन का है। छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने इस मामले में झूठा फंसाया था। माननीयों के आपराधिक मुकदमे के लिए गठित कोर्ट की बाबत उन्होंने कहा कि यह भाजपा के संकल्प पत्र में था। मुकदमों के शीघ्र निस्तारण में उन्होंने पूरा सहयोग देने के लिए सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने और कानून का पालन करने की बात कही। पेशी के दौरान उनके साथ समर्थक और अधिवक्ता भी मौजूद थे।
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