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कसारी-मसारी में अतीक ने ढहवाए अवैध मकान

Sun, 15 Nov 2015 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 15 Nov 2015 02:04 AM IST
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इलाहाबाद। कसारी-मसारी इलाके में कब्रिस्तान की जमीन पर हुए कई अवैध निर्माण शनिवार सुबह ढहा दिए गए। पूर्व सांसद अतीक अहमद ने खुद वहां जेसीबी और बुलडोजर बुलाकर अवैध मकानों को गिरवाया। इस दौरान वहां भीड़ लगी लेकिन इस कार्रवाई का खास प्रतिरोध नहीं किया गया। इस घटना के बाद जमीन बेचने वाले स्थानीय प्रापर्टी डीलरों के साथ ही लाखों रुपये में मकान बनाने वाले परिवारों में भी खलबली मच गई है।
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कालिंदीपुरम कॉलोनी में टेलीफोन एक्सचेंज के निकट प्रापर्टी डीलरों ने कब्रिस्तान की जमीन में प्लाट निकालकर बेच दिए। कम पैसे में प्लाट मिले तो लोगों ने खरीदकर मकान बनवा डाले। प्रापर्टी डीलरों ने लोगों को यह नही बताया कि ये प्लाट कब्र्स्तिान का हिस्सा हैं। मौजूदा समय में कब्रिस्तान की जमीन पर चौतरफा एक दर्जन से ज्यादा मकान बन गए। कुछ मकान तैयार हो रहे हैं। इस बारे में पूर्व सांसद अतीक अहमद को कई बार शिकायत मिली। शनिवार सुबह करीब दस बजे जेसीबी और बुलडोजर बुलवाकर अतीक खुद वहां पहुंच गए।
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उनके छोटे भाई पूर्व विधायक अशरफ भी साथ थे। कब्रिस्तान की जमीन पर बने आधा दर्जन से ज्यादा मकान जमींदोज किए गए। कुछ मकानों को आंशिक रूप से तोड़ा गया। वहां भीड़ जुट गई। एक-दो मकान मालिकों ने अतीक से मिलकर विरोध जताया तो उनसे कहा गया कि वे जमीन बेचने वाले प्रापर्टी डीलर से अपने पैसे वापस लें क्योंकि कब्रिस्तान में निर्माण नहीं किया जा सकता है। अब लोग परेशान हैं कि प्रापर्टी डीलर से तो पैसे वापस मिलने वाले नहीं है।
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कब्रिस्तान की जमीन पर बने मकानों को ढहा दिया गया लेकिन इससे बेघर हुए लोगों का अब क्या होगा। जमीन खरीदकर मकान बनाने में लोगों ने 25 सें 30 लाख रुपये जमा-पूंजी लगा दी। अब उन्हें इसका मुआवजा कैसे मिलेगा? कौन देगा? यह बड़ा सवाल है मगर इस बारे में जब अमर उजाला संवाददाता ने पूर्व सांसद अतीक अहमद से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान तो आखिरी घर है। उन्होंने कहा कि गलती कब्रिस्तान की जमीन बेचने और उसे खरीदकर मकान बनाने वाले लोगों ने की हैं। वैसे भी अभी घर बन रहे थे। किसी घर में कोई रह नहीं रहा था।
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