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कठघरे में खड़े किए गए करवरिया बंधु
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 28 Aug 2018 02:05 AM IST
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नीलम करवरिया
- फोटो : सोशल मीडिया
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माननीयों के मुकदमों की सुनवाई के लिए गठित विशेष न्यायालय (एमपी,एमएलए) ने सोमवार से मुकदमों की सुनवाई शुरू कर दी है। पहले ही दिन सख्त रवैया अपनाते हुए विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने जवाहर हत्याकांड मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान, सूरजभान आदि को कठघरे में खड़ा होने का निर्देश दिया। इसके अलावा राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश के अपहरण मामले की भी सुनवाई हुई। इसमें पूर्व सांसद अतीक अभियुक्त हैं। दोनों मामलों में गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
जवाहर हत्याकांड मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हुए करवरिया बंधु सोमवार को भी हमेशा की तरह अदालत के सामने ही खड़े हो गए। इस पर आपत्ति करते हुए विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने लिए निर्धारित स्थान (कठघरे) में ही खड़े हों। कहा कि यदि किसी को दिक्कत है तो वह अदालत से अनुमति लेकर बैठ सकता है। विशेष न्यायाधीश के सामने सबसे पहले जवाहर हत्याकांड की पत्रावली पेश की गई। बचाव पक्ष की ओर से 42वें गवाह रमेश वत्सल का बयान दर्ज किया गया। उनकी गवाही पूरी हो गई। अभियोजन की ओर से राजेश गुप्ता और वादी के अधिवक्ता विक्रम सिन्हा ने पक्ष रखा। तीसरा मुकदमा खुल्दाबाद थाने के नसीम उर्फ नस्सन हत्याकांड का सरकार बनाम मकसूद आदि पेश हुआ।
विशेष न्यायाधीश ने मुकदमों की पैरवी में अभियोजन पक्ष की लापरवाही पर मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक अभियोजन को पत्र लिखा है। कहा है कि सुप्रीमकोर्ट ने राजनीतिज्ञों के मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए इस कोर्ट का गठन किया है, मगर अभियोजन की ओर से पैरवी में लापरवाही होती है। इस अदालत में ऐसा नहीं होना चाहिए। इसी तरह जिलाधिकारी को पत्र लिख कर कहा है कि कोर्ट में सुनवाई शुरू हो जाने के बाद भी कोर्ट मोहर्रिर की नियुक्ति नहीं की गई है। इससे मुकदमों के अभियुक्तगणों को अभिरक्षा में लेने और कार्यवाही संपादित करने में असुविधा हो रही है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता को विशेष न्यायालय एमपी एमएलए में अभियोजन की ओर से पक्ष रखने के लिए नियुक्त कर दिया है। राजेश गुप्ता अतीक अहमद आदि के मुकदमे में पहले से ही अभियोजन का पक्ष रखते आ रहे हैं। पूर्व डीजीसी रणेंद्र प्रताप सिंह ने विशेष कोर्ट में अर्जी दी है कि उन्हें शासन ने जवाहर हत्याकांड और विशेष प्रकरणों में सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए विशेष अभियोजक नियुक्त किया है। उन्हाेंने मुकदमों में सरकार की ओर से पक्ष रखने की अनुमति चाही है।
इन मुकदमों में हुई सुनवाई
1- जवाहर हत्याकांड अभियुक्त- उदयभान करवरिया, कपिल मुनि करवरिया, सूरजभान करवरिया, कल्लू
2- उमेश पाल के अपहरण का मामला, अभियुक्त- पूर्व सांसद अतीक, पूर्व विधायक अशरफ जमाल और अन्य
3- नस्सन हत्याकांड- अभियुक्त पूर्व सांसद अतीक अहमद और अन्य
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जवाहर हत्याकांड मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हुए करवरिया बंधु सोमवार को भी हमेशा की तरह अदालत के सामने ही खड़े हो गए। इस पर आपत्ति करते हुए विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने लिए निर्धारित स्थान (कठघरे) में ही खड़े हों। कहा कि यदि किसी को दिक्कत है तो वह अदालत से अनुमति लेकर बैठ सकता है। विशेष न्यायाधीश के सामने सबसे पहले जवाहर हत्याकांड की पत्रावली पेश की गई। बचाव पक्ष की ओर से 42वें गवाह रमेश वत्सल का बयान दर्ज किया गया। उनकी गवाही पूरी हो गई। अभियोजन की ओर से राजेश गुप्ता और वादी के अधिवक्ता विक्रम सिन्हा ने पक्ष रखा। तीसरा मुकदमा खुल्दाबाद थाने के नसीम उर्फ नस्सन हत्याकांड का सरकार बनाम मकसूद आदि पेश हुआ।
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विशेष न्यायाधीश ने मुकदमों की पैरवी में अभियोजन पक्ष की लापरवाही पर मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक अभियोजन को पत्र लिखा है। कहा है कि सुप्रीमकोर्ट ने राजनीतिज्ञों के मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए इस कोर्ट का गठन किया है, मगर अभियोजन की ओर से पैरवी में लापरवाही होती है। इस अदालत में ऐसा नहीं होना चाहिए। इसी तरह जिलाधिकारी को पत्र लिख कर कहा है कि कोर्ट में सुनवाई शुरू हो जाने के बाद भी कोर्ट मोहर्रिर की नियुक्ति नहीं की गई है। इससे मुकदमों के अभियुक्तगणों को अभिरक्षा में लेने और कार्यवाही संपादित करने में असुविधा हो रही है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता को विशेष न्यायालय एमपी एमएलए में अभियोजन की ओर से पक्ष रखने के लिए नियुक्त कर दिया है। राजेश गुप्ता अतीक अहमद आदि के मुकदमे में पहले से ही अभियोजन का पक्ष रखते आ रहे हैं। पूर्व डीजीसी रणेंद्र प्रताप सिंह ने विशेष कोर्ट में अर्जी दी है कि उन्हें शासन ने जवाहर हत्याकांड और विशेष प्रकरणों में सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए विशेष अभियोजक नियुक्त किया है। उन्हाेंने मुकदमों में सरकार की ओर से पक्ष रखने की अनुमति चाही है।
इन मुकदमों में हुई सुनवाई
1- जवाहर हत्याकांड अभियुक्त- उदयभान करवरिया, कपिल मुनि करवरिया, सूरजभान करवरिया, कल्लू
2- उमेश पाल के अपहरण का मामला, अभियुक्त- पूर्व सांसद अतीक, पूर्व विधायक अशरफ जमाल और अन्य
3- नस्सन हत्याकांड- अभियुक्त पूर्व सांसद अतीक अहमद और अन्य