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इलाहाबाद में भी घोटाले के तार तलाशने पहुंची जांच टीम

Tue, 20 Feb 2018 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 20 Feb 2018 01:38 AM IST
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Investigative team in Allahabad, to find strings of scam
Gitanjali Group
बैंकिंग क्षेत्र के अबतक के सबसे बड़े घोटाले की आंच इलाहाबाद तक भी पहुंची। यहां एक केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ने सुबह ही डेरा डाल दिया और दोपहर में स्ट्रैची रोड पर ज्वेलरी के एक शोरूम में छापा मारा। दरअसल इस शोरूम में पहले गीतांजलि का शोरूम था जो चार साल पहले बंद हो गया था। टीम ने जब इश बाबत जानकारी की तो बताया गया कि अब यहां दूसरी कंपनी का शोरूम है। लिहाजा टीम वापस लौट गई। स्ट्रैची रोड पर गीतांजलि का शोरूम कुछ साल पहले खुला था। करीब चार साल पहले यह बंद हो गया और उसी बिल्डिंग में ज्वैलरी की दूसरी कंपनी का शोरूम खुल गया था। हालांकि जांच टीम यहां गीतांजलि का शोरूम मानकर ही जांच करने पहुंची थी। सुबह करीब दस बजे टीम स्ट्रैची रोड पर पहुंची। टीम में तीन लोग थे। शोरूम में पहुंचकर टीम ने पूछताछ की लेकिन कुछ हासिल नहीं हो सका।
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इलाहाबाद। सुर्खियां बन रहे हजारों करोड़ के पीएनबी घोटाले की घबराहट हर उस दिल में है जिसकी जमा पूंजी बैंकों में जमा है। इन दिनों बैंक में पहुंच रहे लोग भले ही पैसा निकालने या जमा करने जा रहे हों, लेकिन बैंक वालों से यह सवाल जरूर पूछ रहे हैं कि कहीं उनका पैसा तो नहीं मारा जाएगा? इन्हीं सवालों की बढ़ती तादाद से परेशान पीएनबी के उप मंडल प्रमुख को विज्ञप्ति जारी कर सफाई देनी पड़ी है। कर्मचारियों में भी बेचैनी है। रोज पड़ रहे छापों का असर कहीं यहां तक तो नहीं होगा यह सवाल उनके बीच भी बहस का मुद्दा बना हुआ है।
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घोटाले के सामने आने के बाद इलाहाबाद तक बेचैनी है। ईडी के छापे लगातार पड़ रहे हैं और जांच एजेंसियां तमाम स्थानों पर जांच कर रही हैं। जांच में रोज मिल रहे नए-नए तथ्यों से लोग भी बेचैन हो रहो रहे हैं। पीएनबी के बाहर मिले एक ग्राहक ने बताया कि उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि अगर पैसा डूब जाए तो कितना मिलेगा लेकिन किसी ने सही जवाब नहीं दिया। एक अन्य ग्राहक का कहना था कि पैसा कितना भी हो लेकिन एक लाख तक ही इंश्योर्ड होता है वही मिलेगा, ऐसा एक कर्मचारी का ही कहना था। ग्राहकों के सवालों से बैंक कर्मी भी परेशान है। हर ग्राहक को सांत्वाना दे रहे हैं...कुछ नहीं होगा परेशान न हों। बैंक के अंदर भी घोटाले को लेकर चर्चा का बाजार गर्म दिखा।
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पीएनबी के उप मंडल प्रमुख रविंद्र की ओर विज्ञप्ति जारी कर घोटाले पर चिंता जताने के साथ ही कहा गया है कि इतने पुराने बैंक में ग्राहकों का हित सुरक्षित है। सिर्फ एक शाखा में 123 सालों में धोखाधड़ी की बात सामने आई है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही। बैंक ग्राहकों के हित संभालने और संस्ता के हितों की रक्षा करने में सक्षम है।


उप मंडल प्रमुख ने ही जानकारी दी है कि  बैंक ने सभी उधारदाताओं और हित धारकों के हितों की सुरक्षा के लिए उपाय किए हैं। परामर्श दिया जा रहा है कि वह घबराएं नहीं और बकाया वसूली के लिए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। यहां भी कई बड़े नाम ऐसे हैं जिनका बैंकों पर करोड़ों रुपये बकाया है। बैंक नोटिस दे रहे हैं लेकिन कुछ दिनों बाद चुप्पी मार कर बैठ जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यहां भी किसी दिन बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।
पिछले कई सालों से यहां एनपीए जबरदस्त था जो नोटबंदी के वक्त पर कुछ कम हो गया था लेकिन कई लोग ऐसे रह गए हैं जिनसे बैंकें पैसा जमा नहीं करा सकी हैं।
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