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घूस लेने पर दरोगा और दो सिपाही फंसे, सस्पेंड

Fri, 10 Jul 2015 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 10 Jul 2015 02:13 AM IST
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Inspector and two constables caught taking bribes , suspended
सहसों/हनुमानगंज(इलाहाबाद)। धोखाधड़ी के मुकदमे के आरोपी के साथ ही एक बेकसूर को भी जबरन हिरासत में लेने और फिर पैसे लेकर छोड़ने की करतूत सहसों चौकी प्रभारी दीपक श्रीवास्तव और दो सिपाहियों के लिए भारी पड़ी। आरोप है कि उसने एक बड़े व्यापारी के बेटे को भी फंसाने की धमकी देकर पचास लाख की डिमांड की। सीओ से जांच कराकर एसएसपी ने दरोगा और दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया। उन तीनों के खिलाफ सरायइनायत थाने में अवैध रूप से हिरासत में लेकर गालीगलौज देेने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा भी लिखा गया।
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वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर ने दो जुलाई को सरायइनायत थाने में नीबीं खुर्द गांव थरवई निवासी शोभामणि शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी का केस लिखा गया  था। शोभामणि पर आरोप है कि उसने टिन नंबर रद्द किए जाने पर भी बैंक ऑफ बड़ौदा में खुले शोभा इंटरप्राइजेज के खाते में लंबा टर्नओवर किया। जांच कर रहे सहसों चौकी प्रभारी दीपक श्रीवास्तव ने मंगलवार को दो सिपाहियों जुनैद और मोमिन के साथ छापा मारकर शोभामणि के साथ ही मेड़ुआ गांव से आशुतोष त्रिपाठी को भी जबरन हिरासत में लिया।
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जबकि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं। आशुतोष के भाई लवकुश त्रिपाठी ने एसएसपी केएस इमैनुएल से की लिखित शिकायत में बताया कि वह आशुतोष को पकड़कर ले जा रही पुलिस टीम के पीछे-पीछे सहसों चौकी पहुंच गए। वहां चौकी प्रभारी दीपक ने आशुतोष को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। दरोगा ने एक बड़े व्यापारी को भी फोनकर धमकी दी कि अगर 50 लाख रुपये नहीं दिए तो इस मुकदमे में उन्हें भी फंसा देगा। पता चला है कि दरोगा ने व्यापारी के सिविल लाइंस स्थित दफ्तर आकर 50 हजार रुपये लिए भी। उसकी यह करतूत दफ्तर में लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई।
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फिर दोपहर बाद आशुतोष के भाई लवकुश ने 15 हजार रुपये लाकर दरोगा के सामने सिपाहियों जुनैद और मोमिन को दिए। तब बेगुनाह आशुतोष को पुलिस ने छोड़ा और बाकी पांच हजार रुपये जल्द देने को कहा। शाम को लवकुश ने एसएसपी से मिलकर इस मसले की शिकायत की। एसएसपी ने सीओ से जांच कराई तो आरोप सही निकला। ऐसे में चौकी प्रभारी सहसों दीपक श्रीवास्तव, सिपाहियों जुनैद और मोमिन को निलंबित कर दिया गया। लवकुश त्रिपाठी की तहरीर पर दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ सरायइनायत थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखने, गालीगलौज और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का केस लिखा गया।
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