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घर के भीतर सोते में ही बुजुर्ग का कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:51 AM IST
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Murder
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सरायइनायत इलाके में सहसों के पास वारी गांव में बुजुर्ग वेदप्रकाश (55) का बृहस्पतिवार रात सोते में कत्ल कर दिया गया। मायके आई बेटी ने सुबह चारपायी पर शव देखा तो शोर मचाकर पड़ोसियों को बताया। रिश्तेदार जुट गए। पुलिस भी पहुंची। बेटियों ने आरोप लगाया कि ससुराल की संपत्ति के विवाद में साढू ने कत्ल कराया है। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट लिखकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम से पता चला कि सिर पर किसी वजनी औजार से प्रहार कर कत्ल किया गया था।
वारी छीट पट्टी गांव निवासी वेदप्रकाश की पत्नी चिंता देवी का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। वह अपनी चार बेटियों का ब्याह कर चुका था। फिलहाल वह अकेले ही गुजर-बसर करता था। कुछ दिनों से उसकी दूसरे नंबर की बेटी इंद्रावती मायके आई हुई थी। बृहस्पतिवार रात भोजन के बाद वेदप्रकाश कमरे में सो गया था। बेटी इंद्रावती भी दूसरे कमरे में सोने चली गई थी। शुक्रवार सुबह इंद्रावती जगने के बाद मवेशियों को चारा देने चली गई। चारा देकर लौटी तो पिता को सोता देख उसे हैरत हुई क्योंकि वह भी रोज सवेरे जग जाता था। वह पिता वेदप्रकाश को जगाने पहुंची तो उसके कान और मुंह से खून रिसता देख घबरा गई। झकझोरने पर भी जब पिता नहीं जगा तो वह रोते-चीखते बाहर निकली। गांव वाले एकत्र हो गए। नब्ज टटोलने पर पता चला कि वेदप्रकाश की मौत हो चुकी है।
कत्ल की खबर पाकर थाना प्रभारी संजय सिंह भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तब तक वेदप्रकाश की सभी बेटियां आ गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता को कत्ल करने में झूंसी के बजहा गांव निवासी उनके मौसा (मृतक के साढ़ू) राजाराम के बेटों और ईसीपुर गांव के शांता गुप्ता का हाथ है। पुलिस ने तीसरे नंबर की बेटी रीना की तहरीर पर उसके मौसेरे भाइयों राजेश, रत्नेश, ईसीपुर गांव के शांता गुप्ता, पड़ोसी पन्नालाल के खिलाफ केस लिखा है। दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पीएम रिपोर्ट से पता चला कि वेदप्रकाश की हत्या के लिए सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था।
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वेदप्रकाश की बेटियों रीना और इंद्रावती से बातचीत में पुलिस को पता चला कि कत्ल के पीछे जमीन का विवाद है। वेदप्रकाश को झूंसी के कटका स्थित ससुराल में सात बिस्सा जमीन मिली थी। उसमें साढ़ूू राजाराम को भी आधा हिस्सा मिला था। उन दोनों ने अपना-अपना हिस्सा बेच दिया। वेदप्रकाश ने ईसीपुर के शांता गुप्ता को जमीन बेची थी। बाद में शांता की ओर से फ्राड का केस लिखाया गया जिसमें पुलिस ने वेदप्रकाश को पत्नी समेत गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से रिहा होने के कुछ समय बाद पत्नी की मौत हो गई थी। पुलिस ने कत्ल का मुकदमा लिखकर साढ़ू के बेटों समेत चारो आरोपियों की तलाश में छापेमारी की।
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वारी छीट पट्टी गांव निवासी वेदप्रकाश की पत्नी चिंता देवी का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। वह अपनी चार बेटियों का ब्याह कर चुका था। फिलहाल वह अकेले ही गुजर-बसर करता था। कुछ दिनों से उसकी दूसरे नंबर की बेटी इंद्रावती मायके आई हुई थी। बृहस्पतिवार रात भोजन के बाद वेदप्रकाश कमरे में सो गया था। बेटी इंद्रावती भी दूसरे कमरे में सोने चली गई थी। शुक्रवार सुबह इंद्रावती जगने के बाद मवेशियों को चारा देने चली गई। चारा देकर लौटी तो पिता को सोता देख उसे हैरत हुई क्योंकि वह भी रोज सवेरे जग जाता था। वह पिता वेदप्रकाश को जगाने पहुंची तो उसके कान और मुंह से खून रिसता देख घबरा गई। झकझोरने पर भी जब पिता नहीं जगा तो वह रोते-चीखते बाहर निकली। गांव वाले एकत्र हो गए। नब्ज टटोलने पर पता चला कि वेदप्रकाश की मौत हो चुकी है।
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कत्ल की खबर पाकर थाना प्रभारी संजय सिंह भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तब तक वेदप्रकाश की सभी बेटियां आ गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता को कत्ल करने में झूंसी के बजहा गांव निवासी उनके मौसा (मृतक के साढ़ू) राजाराम के बेटों और ईसीपुर गांव के शांता गुप्ता का हाथ है। पुलिस ने तीसरे नंबर की बेटी रीना की तहरीर पर उसके मौसेरे भाइयों राजेश, रत्नेश, ईसीपुर गांव के शांता गुप्ता, पड़ोसी पन्नालाल के खिलाफ केस लिखा है। दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पीएम रिपोर्ट से पता चला कि वेदप्रकाश की हत्या के लिए सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था।
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वेदप्रकाश की बेटियों रीना और इंद्रावती से बातचीत में पुलिस को पता चला कि कत्ल के पीछे जमीन का विवाद है। वेदप्रकाश को झूंसी के कटका स्थित ससुराल में सात बिस्सा जमीन मिली थी। उसमें साढ़ूू राजाराम को भी आधा हिस्सा मिला था। उन दोनों ने अपना-अपना हिस्सा बेच दिया। वेदप्रकाश ने ईसीपुर के शांता गुप्ता को जमीन बेची थी। बाद में शांता की ओर से फ्राड का केस लिखाया गया जिसमें पुलिस ने वेदप्रकाश को पत्नी समेत गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से रिहा होने के कुछ समय बाद पत्नी की मौत हो गई थी। पुलिस ने कत्ल का मुकदमा लिखकर साढ़ू के बेटों समेत चारो आरोपियों की तलाश में छापेमारी की।