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होली के बहाने निकाली रंजिश, युवक की पीटकर हत्या

Sun, 04 Mar 2018 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 04 Mar 2018 01:06 AM IST
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Holi's pretext for the prey, young man beaten to death
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
होलिका की लकड़ी के लिए चुपके से पेड़ काट रहे लोगों ने विरोध करने पर बृहस्पतिवार की रात पड़ोसी युवक को पीट-पीटर मार डाला। उसके ऊपर कुल्हाड़ी से भी कई वार किए गए। घरवालों का आरोप है कि होली के बहाने पट्टे की जमीन की रंजिश निकालने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया। शनिवार को कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर घरवालों ने शव नहीं उठने दिया। किसी तरह अफसरों ने समझाया तो अंतिम संस्कार हुआ। पत्नी की तहरीर पर चार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। गांव में तनाव को देखते हुए एहतियातन फोर्स तैनात की गई है।
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राम सजीवन प्रजापति (40) पुत्र होलई फरीदपुर गांव का रहने वाला था। मजदूरी के साथ ही वह खेती भी करता था। पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब 11.30 बजे चार-पांच लोग रामसजीवन के घर के बाहर लगा जामुन का पेड़ काटने लगे। आवाज सुनकर बाहर आए रामसजीवन ने इसका विरोध किया तो उन लोगों ने हमला बोल दिया। लाठी-डंडों के साथ ही हमलावरों ने कुल्हाड़ी से भी वार किए। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण राम सजीवन की मौके पर ही मौत हो गई। शोरशराबा सुनकर गांववाले दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुकेे थे। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घरवालों का आरोप है कि हमलावरों ने जमीन की रंजिश में साजिश के तहत हत्या की है।
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उधर पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम शव घर लाया गया तो स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई। शनिवार सुबह परिजनों ने मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया। दरवाजे पर ही शव रखकर विरोध जताने लगे। सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ ही सीओ सोरांव जीतेंद्र गिरि व एसडीएम सोरांव विनय कुमार सिंह पहुंचे ओर परिजनों को समझाया। पांच घंटे की मान-मनौव्वल के बाद घरवाले माने और तब जाकर करीब 1.30 बजे शव अंतिम यात्रा के लिए ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि मृतक की पत्नी सोना देवी की तहरीर पर पड़ोस में रहने वाले वीरेंद्र कुमार, कौशलेंद्र, लोकेश, विजय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। उनकी तलाश की जा रही है।
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नवाबगंज के फरीदपुर में लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला कर युवक की हत्या के पीछे आठ बिस्वा जमीन का असल विवाद बताया जा रहा है। इस जमीन का पट्टा मृतक और उसके दो भाइयों के नाम है। परिजनों का आरोप है कि इस जमीन पर गांव के ही दबंगों ने कब्जा कर रखा था, जिसे लेकर कई बार विवाद भी हो चुका था। इसी विवाद में साजिश के तहत बृहस्पतिवार को आरोपी पेड़ काटने पहुंचे और विरोध पर रामसजीवन की हत्या कर दी। परिजनों का कहना है कि कई साल पहले रामसजीवन और उसके दो भाइयों के नाम ग्रामसभा की जमीन का पट्टा हुआ था। कुछ ही साल बीते थे कि इस पर गांव के ही कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया। इसकी शिकायत रामसजीवन ने पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय में गुहार लगाई। न्यायालय में अब भी मामला विचाराधीन है। इसी के बाद से आरोपी रामसजीवन से रंजिश रखने लगे थे। परिजनों की मानें तो होलिका के लिए पेड़ काटा जाना महज बहाना था। साजिश के तहत हमलावर पेड़ काटने पहुंचे थे। मना करने पर उन्होंने अचानक रामसजीवन पर हमला बोल दिया जिसमें उसकी मौत हो गई।


रामसजीवन की हत्या में नामजद चार आरोपियों में से वीरेंद्र पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। गांववालों का आरोप है कि वीरेंद्र पहले भी दबंगई की घटनाओं में शामिल रह चुका है। पुलिस की मानें तो पूर्व में हत्या के दो मामलों में भी उस पर आरोप लगा था लेकिन विवेचना के दौरान संलिप्तता न मिलने पर उसका नाम मुकदमे से हटा दिया गया था। इंस्पेक्टर बचन सिंह सिरोही का कहना है कि हमलावरों की तलाश में दबिश दी गई लेकिन वह घर छोड़कर फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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