फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Head-fever, fever, half-sick city

सिर चढ़कर बोल रहा बुखार, आधा शहर बीमार

Sat, 03 Nov 2018 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Sat, 03 Nov 2018 02:25 AM IST
विज्ञापन
Head-fever, fever, half-sick city
high fever
मौसम का बदलाव और सड़कों पर धूल-गर्द की जुगलबंदी ने आधे शहर को बीमार कर दिया है। शायद ही कोई घर हो जहां बुखार का मरीज न हो। इस बार का बुखार ज्यादा ताकतवर होकर आया है। अमूमन तीन से पांच दिन में खत्म हो जाने वाला वायरल फीवर इस बार दस-दस दिन तक शरीर नहीं छोड़ रहा। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम परिवर्तन के साथ इस बार शहर की धूल भरी सड़कों ने लोगों को ज्यादा बीमार किया है। अस्थमा और सांस के रोगियों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। डेंगू और मलेरिया के मरीजों से अस्पतालों के वार्ड भर गए हैं।
विज्ञापन


शहर के चिल्ड्रेन, बेली, कॉल्विन और एसआरएन अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को भी बीमारों की भारी भीड़ रही। लंबे दिन तक चलने वाला बुखार सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है। लोगों की शिकायत है कि दवाओं का पूरा कोर्स करने के बाद बुखार नहीं उतर रहा है। दिन भर हरारत बनी रहती है। बुखार के सा सर्दी जुकाम और एलर्जी की भी शिकायत लोगों को रही। सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार रही। सुबह से शाम तक ओपीडी भरी रही। दिन में धूप और रात में मौसम सर्द होने से बच्चों और बड़ों की छाती जकड़ रही है। बलगम वाली खांसी की शिकायत कर लोगों ने शरीर में दर्द से निजात पाने को दवा ली। शहर के विभिन्न इलाकों से अस्पताल पहुंचने वाले पीड़ितों के मुताबिक घर में कोई न कोई बीमार है। कुछ घरों में तो सारे के सारे लोग बीमार पड़े हैं।
विज्ञापन


अस्थमा और दमा के साथ सांस के रोगियों की संख्या में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है। सड़कों की धूल लोगों के फेफड़ों को खराब कर रही है। डाक्टरों का कहना है कि अस्थमा और दमा के रोगी जहां तक संभव हो घर से न निकलें। यहां तक कि उन्हें सुबह पार्को में टहलने से भी डाक्टर मना कर रहे हैं। यही हाल हाल मलेरिया और डेंगू के मरीजों का है। अगर यही हाल रहा तो दोनों बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


-डॉक्टर आशुतोष गुप्ता का कहना है कि मौसम के बदलाव और धूल गर्द ने इस बार स्थिति को बहुत खराब किया है। लोगों को सीधे पंखे के नीचे सोने से परहेज करना चाहिए। जहां तक हो सके मच्छरदानी का प्रयोग करें। इससे हवा भी सीधे नहीं लगेगी। मलेरिया और डेंगू का प्रकोप भी घटेगा। उनका कहना है कि सांस के रोगियों को इस समय एन-95 लेवल का मास्क पहनना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed