फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Half a city in the cantonment, people scared

छावनी बना रहा आधा शहर, खौफजदा रहे लोग

Fri, 11 May 2018 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 11 May 2018 01:26 AM IST
विज्ञापन
Half a city in the cantonment, people scared
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अधिवक्ता की हत्या के बाद सुबह से शाम तक आधा शहर छावनी बना रहा। कर्नलगंज से लेकर एसआरएन और वहां से रामबाग स्थित अधिवक्ता के घर तक का इलाके में भारी फोर्स तैनात रही। पुलिस के साथ ही पीएसी व आरएएफ के जवान भी गश्त करते रहे। उधर किसी अनहोनी की आशंका में लोग खौफजदा भी दिखे।
विज्ञापन


सुबह अधिवक्ता की हत्या की खबर मिलते ही मनमोहन पार्क के पास स्थित घटनास्थल पर भारी फोर्स पहुंच गई थी। मामला अधिवक्ताओं से जुड़ा होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए अफसरों ने कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली थी। कर्नलगंज पुलिस जहां घटनास्थल पर तैनात रही, वहीं जार्जटाउन व मुट्ठीगंज पुलिस के साथ ही आरएएफ को कचहरी रोड पर तैनात किया गया था। बवाल की आशंका के मद्देनजर ग्रामीण इलाकों में स्थित कई थानों की फोर्स भी बुलाई गई। एसआरएन मोड़ पर शव रखकर चक्काजाम की सूचना मिली तो नैनी, मांडा, घूरपुर, बारा, उतरांव समेत अन्य थानों की फोर्स वहां तैनात कर दी गई। हालांकि वकीलों का आक्रोश देखकर पुलिसकर्मी मूकदर्शक बनकर खड़े रहे।
विज्ञापन


शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया तो कर्नलगंज समेत मांडा, कौंधियारा आदि थानों की फोर्स पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात कर दी गई। उधर हाईकोर्ट के वकीलों के वकीलों के प्रदर्शन की खबर मिली तो वहां सिविल लाइंस पुलिस को भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव एंबुलेंस से घर के लिए ले जाया जाने लगा तो साथ में कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी की भी दो गाड़ियां चलती रहीं। सबसे आगे पुलिस की दो गाड़ियां थीं जबकि इसके पीछे वज्र वाहन था। इसके बाद एंबुलेंस और फिर सीओ कर्नलगंज और सीओ कोतवाली के वाहन और पीएसी जवानों की दो गाड़ियां थीं। पीछे बड़ी संख्या में वकील अपने-अपने वाहनों से थे। उधर घर पर भी कोतवाली, शंकरगढ़ समेत अन्य थानों की फोर्स तैनात की गई थी। कड़ी सुरक्षा में शव पहले घर और फिर दारागंज घाट पर ले जाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शव घर ले जाने के दौरान सड़क पर भारी फोर्स की मौजूदगी से लोग सहम उठे। राहगीर भी सहमे-सहमे नजर आए। एक साथ पुलिस के इतने वाहन देख लोग किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए। उनके चेहरे पर दहशत साफ दिखाई दे रही थी। आशंका इस बात की भी थी कि शव घर ले जाने के दौरान वकील कहीं फिर न आक्रोशित हो उठें। यही वजह थी कि अफसरों के साथ ही पुलिस कर्मचारी भी सशंकित दिखे। वह लगातार वरिष्ठ वकीलों से कनिष्ठों को समझाने की गुहार लगाते रहे। दहशत ही थी कि शव घर ले जाने के दौरान संबंधित रूप पर कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन भी रोक दिया गया था ताकि किसी तरह का अवरोध न उत्पन्न हो और शव जल्द से जल्द घर पहुंचा दिया जाए।


पुलिस अफसरों को आशंका था कि शव घर ले जाए जाने के दौरान आक्रोशित लोग होटल के बाहर पहुंचने पर हंगामा कर सकत हैं। यही वजह थी कि वहां पहले से ही बड़ी संख्या में आरएएफ के जवान तैनात कर दिए गए थे। रामबाग चौराहे से लेकर रामायना होटल के बाहर तक आरएएफ के जवान मुस्तैद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed