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गंगा स्नान के लिए गए दंपति डूबे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 17 Jul 2015 01:47 AM IST
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मांडा (इलाहाबाद)। यमुनापार में मांडा इलाके के बभनी घाट पर बृहस्पतिवार दोपहर मलमास के आखिरी दिन गंगा स्नान करने गए बुजुर्ग दंपति मौत के मुंह में समा गए। गहरे पानी में डूब रहे पति को बचाने की कोशिश में पत्नी भी डूबने लगी। आसपास मौजूद मल्लाहों ने महिला को निकाल लिया मगर उसकी जान नहीं बची। देर शाम तक पति का शव नहीं मिला था। दुखद खबर पाकर परिवार के लोग भी रोते-कलपते घाट पर पहुंच गए थे।
मांडा के ढिलिया गांव में रहने वाले रामरक्षा यादव (65) धार्मिक प्रवृति के थे। बृहस्पतिवार को मलमास का आखिरी दिन था इसलिए वह पत्नी राजकुमारी (62) के साथ घर से पांच किलोमीटर दूर बभनी घाट पर गंगा स्नान की खातिर गए थे। एक तो बारिश हो रही थी। ऊपर से बभनी घाट स्नान के लिए ठीक नहीं है। दोपहर करीब दो बजे पहले रामरक्षा पत्नी को घाट पर बैठाकर नहाने के लिए बढ़े लेकिन फिसलन की वजह से वह गहरे पानी में जाकर डूबने-उतराने लगे। पत्नी राजकुमारी ने देखा तो वह पति को बचाने के लिए गंगा में उतर गई। मगर वह खुद भी डूबने लगी।
घाट पर मौजूद लोगों ने देखा तो शोर मचाया। कई मल्लाहों ने फौरन गंगा में उतरकर राजकुमारी को बाहर खींच लिया लेकिन इतनी देर में रामरक्षा गंगा में समा गए। राजकुमारी की भी मौत हो गई। खबर फैली तो वहां भीड़ लग गई। मांडा थाने की पुलिस वहां पहुंची। कई गोताखोरों को रामरक्षा की तलाश में गंगा में उतारा गया लेकिन व नहीं मिले। इसी बीच मृत दंपति के बेटों भगवानदास और राजकुमार के अलावा कई रिश्तेदार भी वहां पहुंच गए।
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मांडा के ढिलिया गांव में रहने वाले रामरक्षा यादव (65) धार्मिक प्रवृति के थे। बृहस्पतिवार को मलमास का आखिरी दिन था इसलिए वह पत्नी राजकुमारी (62) के साथ घर से पांच किलोमीटर दूर बभनी घाट पर गंगा स्नान की खातिर गए थे। एक तो बारिश हो रही थी। ऊपर से बभनी घाट स्नान के लिए ठीक नहीं है। दोपहर करीब दो बजे पहले रामरक्षा पत्नी को घाट पर बैठाकर नहाने के लिए बढ़े लेकिन फिसलन की वजह से वह गहरे पानी में जाकर डूबने-उतराने लगे। पत्नी राजकुमारी ने देखा तो वह पति को बचाने के लिए गंगा में उतर गई। मगर वह खुद भी डूबने लगी।
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घाट पर मौजूद लोगों ने देखा तो शोर मचाया। कई मल्लाहों ने फौरन गंगा में उतरकर राजकुमारी को बाहर खींच लिया लेकिन इतनी देर में रामरक्षा गंगा में समा गए। राजकुमारी की भी मौत हो गई। खबर फैली तो वहां भीड़ लग गई। मांडा थाने की पुलिस वहां पहुंची। कई गोताखोरों को रामरक्षा की तलाश में गंगा में उतारा गया लेकिन व नहीं मिले। इसी बीच मृत दंपति के बेटों भगवानदास और राजकुमार के अलावा कई रिश्तेदार भी वहां पहुंच गए।
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